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राजस्थान चुनाव: 5 साल में 16% बढ़ी दागियों की संख्या, दोनों बड़े दलों में हैं ऐसे विधायक

Mon, 26 Nov 2018 04:19 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Updated Mon, 26 Nov 2018 04:19 PM IST
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Rajasthan assembly election 2018: 16 percent Tainted leader increased in last five years
प्रतीकात्मक तस्वीर
देश में इन दिनों राजनीति में शुचिता पर बहस हो रही है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी पिछले दिनों सरकार को दागी नेताओं के राजनीति में प्रवेश को रोकने के लिए कानून बनाने को कहा था। राजा-महाराजों की धरती राजस्थान भी इससे अछूती नहीं दिखती। 2008 की विधानसभा के मुकाबले 2013 में राजस्थान में दागी विधायकों की संख्या में 5 विधायकों की बढ़ोतरी हुई।
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प्रदेश में 2008 में 31 विधायकों यानी 16 फीसदी पर आपराधिक मुकदमे थे। इनकी संख्या 2013 में बढ़कर 18 फीसदी यानी 36 विधायक हो गई। भाजपा के 162 विधायकों में से 28 (17%), कांग्रेस के 21 में से 5 (24%) विधायकों ने आपराधिक मामले घोषित किए थे। तीन अन्य विधायकों पर भी अापराधिक मुकदमे थे। 
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ऐसा नहीं है कि सभी दागी जीत गए क्योंकि पिछली बार गंभीर मुकदमों वाले 62 दागी उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था जिनमें से 43 दागियों की चुनाव में हार हुई। राजस्थान में 2013 में चुनकर आए 36 दागी विधायकों में से 19 पर हत्या और अपहरण जैसे गंभीर अापराधिक मुकदमे थे। 
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भाजपा विधायकों में सबसे ज्यादा आपराधिक मामले उदयपुरवटी के भाजपा विधायक शुभकरण के खिलाफ है। इसके बाद दौसा विधायक शंकर लाल शर्मा और बायतो विधायक कैलाश चौधरी का नंबर आता है जिनके खिलाफ पांच-पांच मामले दर्ज हैं।

2008 में भाजपा के दागी विधायकों की संख्या 6 थी जो बढ़कर 28 हो गई, लगभग 366% की बढ़ोतरी दर्ज की गई जबकि कांग्रेस के दागी विधायकों की संख्या 15 थी जो घटकर 5 हो गई, इसमें 66% की गिरावट दर्ज की गई। इसकी सीधी वजह 2013 चुनाव में भाजपा और कांग्रेस की कुल जीती सीटें हैं।

इस बार भी नहीं बदली स्थिति

भाजपा ने 20 दागी उम्मीदवारों को टिकट दिया है। सत्ता बरकरार रखने के लिए दागी उम्मीदवारों से भी इन्हें गुरेज नहीं दिखता। दागियों की सूची में विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल का नाम शामिल है। उनके खिलाफ तत्कालीन भैरोंसिंह शेखावत सरकार में गृहमंत्री रहते हुए जमीन पर कब्जा करने का आरोप है। 

इसी तरह राज्य के स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ, राज्यमंत्री बंशीधर बाजिया और विधानसभा में मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर, विधायक शंकरलाल शर्मा, झाबर सिंह खर्रा, मदन दिलावर,विकास चौधरी, खेमराज, मुकेश गोयल, संजय शर्मा कैलाश चौधरी, फूल सिंह मीणा, कैलाश चौधरी, चंद्रकांता मेघवाल, लादूराम, उदयलाल डांगी और झाबर सिंह खर्रा भी दागी प्रत्याशियों में शामिल है।

कांग्रेस ने भी 30 दागी उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है। कांग्रेस के दागियों की सूची में करण सिंह, मदन प्रजापत, हेमंत भाटी, राजेंद्र सिंह विधुड़ी, राकेश, अशोक चांडक, दौलत सिंह, वेद प्रकाश सोलंकी, लालचंद कटारिया, पुष्पेंद्र भारद्वाज, मनीष यादव, टीकाराम जूली, अशोक चांदना, धीरज गुर्जर, दर्शन सिंह, भरोसीलाल जाटव, राजेन्द्र विधुड़ी, रमेश मीणा, प्रकाश चौधरी, आनंदीराम, रामलाल, रामनिवास, मुकेश भाकर, चेतन चौधरी, विधायक महेन्द्रजीत मालवीय, विजयपाल मिर्धा, पुष्कर लाल डांगी, नंदाराम, सुभाष मील एवं रामलाल का नाम शामिल है।
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