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Rajasthan: पुरुष को टिकट पर बताया महिला, 330 रुपये का जुर्माना लगाया, अब रेलवे को देना होगा हजारों का हर्जाना
Wed, 20 Jul 2022 03:08 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Wed, 20 Jul 2022 03:08 PM IST
सार
जोधपुर के एक परिवादी ने 2009 में उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया था। अब 13 साल बाद उसके पक्ष में फैसला आया है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
रेलवे कर्मचारियों ने एक यात्री के टिकट में गलती कर दी, उसे पुरुष की जगह महिला बता दिया। बाद में यात्रा के दौरान टिकट जांच दल ने उस पर जुर्माना लगा दिया। यात्री ने रेलवे के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया। अब फोरम ने फैसला परिवादी के पक्ष में सुनाया और रेलवे को 50 हजार रुपये का हर्जाना देने के आदेश दिए हैं।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मामला 29 सितंबर 2009 का है। जोधपुर जिले के भोपालगढ़ के रहने वाले महेश को अपने परिवार के साथ अहमदाबाद से जोधपुर आना था। उन्हें अपनी मां, बहन और खुद के लिए आरक्षित टिकट करना था। इसके लिए उन्होंने आरक्षण टिकट का फार्म भरकर रेवले कर्मचारियों को दिया, लेकिन बुकिंग कर्मचारी ने मां और बहन के साथ टिकट पर उन्हें भी फिमेल यानि महिला लिख दिया। यात्रा करने के बाद महेश जोधपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे तो वहां मौजूद उड़नदस्ते ने उन्हें बिना टिकट मानकर पुलिस कार्रवाई की धमकी दी और फिर जुर्माना के 330 रुपए वसूल लिए।
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इस अन्याय के खिलाफ महेश ने उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया। परिवादी के खिलाफ जोधपुर रेलवे डीआरएम ने कई कानूनी आपत्तियां दायर की। साथ ही उन्होंने इसके लिए परिवादी को जिम्मेदार बताया। सुनवाई के बाद आयोग के अध्यक्ष डॉ. श्याम सुंदर लाटा, सदस्य आनंद सिंह सोलंकी अैर डॉ अनुराधा व्यास ने अपने फैसले में कहा, टिकट जांच दल ने कार्रवाई के दौरान परिवादी का पक्ष नहीं सुना।
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जुर्माने से पहले टिकट को लेकर हुई गड़बड़ी की जांच-पड़ताल नहीं की और उससे जुर्माना ले लिया। रेलवे कर्मचारी की गलती के कारण यात्री को रेलवे स्टेशन पर अपने परिवार के सदस्यों के सामने अपमानजनक हालात का सामना करना पड़ा। इसके लिए परिवादी को जुर्माना के 330 रुपए के अलावा 50 हजार रुपए शारीरिक और मानसिक परेशानी की क्षतिपूर्ति के लिए दिए जाएं।