Rajasthan: पुजारी दंपती को जिंदा जलाने का मामला, राजे बोलीं- बीजेपी को कोसने की बजाय प्रदेश की सुध लें गहलोत
दबंगों ने जमीन विवाद में दुकान में आग लगा दी। उस समय पुजारी परिवार दुकान में बैठकर खाना खा रहा था। स्थानीय लोगों ने आग की लपटें देखी तो पुलिस को सूचना दी।
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राजसमंद में रविवार रात को एक पुजारी परिवार को जिंदा जलाने की कोशिश की। बदमाशों ने दुकान पर पेट्रोल बम्ब फेंक कर दुकान में आग लगा दी। आग लगने से पुजारी दंपती बुरी तरह से झुलस गए।
देवगढ़ पुलिस थानाक्षेत्र के पेट्रोल पंप के सामने मंदिर की जमीन के विवाद में रविवार रात करीब 8.30 बजे 10-12 लोगों ने दुकान में घुसकर पुजारी और उसकी पत्नी पर पेट्रेाल बम फेंककर आग लगा दी। दंपती 80 फीसदी झुलस गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
इस विवाद में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। घटना के समय पुजारी परिवार खाना खा रहा था। पुजारी के बेटे मुकेश प्रजापत के अनुसार उनका परिवार खाना खा रहा था। करीब 10 बदमाश आए थे। उन्होंने दुकान पर पेट्रोल बम फेंक दी। पट्रोल बम फेंकने से पुजारी नवरत्नलाल ( 75) पुत्र रंगलाल प्रजापत और उनकी पत्नी जमना देवी (60) निवासी हीरा की बस्सी के कपड़ों ने आग पकड़ ली। दोनों बुरी तरह झुलस गए। मुकेश ने पानी डालकर आग बुझाई। बताया कि विवाद को लेकर पूर्व में उन्होंने कामलीघाट चौकी पर रिपोर्ट भी दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
घटना के बाद आरोपी मौके से हुए फरार
घटना के बाद दुकान से आग की लपटें और धुंए को देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक आरोपी भाग चुके थे। ग्रामीणों ने पानी और मिट्टी डालकर आग बुझाई और देवगढ़ पुलिस और 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। ग्रामीणों ने एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को देवगढ़ हॉस्पिटल भेजा।
पुजारी परिवार 80 फीसदी झुलसे
सीएचसी में डॉ. अनुराग शर्मा, डॉ. शांतिलाल एवं मेडिकल टीम ने उनका उपचार शुरू किया। बताया कि घायल पुजारी नवरत्न प्रजापत (80) प्रतिशत तक झुलस गए। उन्हें प्रारम्भिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना पर देवगढ़ थानाधिकारी शैतान सिंह नाथावत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। तहसीलदार मुकंद सिंह, एसआई प्रताप सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान हॉस्पिटल में भीड़ एकत्रित हो गई। इधर, पुलिस ने देर रात दो टीमें दबिश देने के लिए भेजी। पुलिस ने मामले में करीब आठ संदिग्ध लोगों को हिरासत में ले लिया है।
वहीं, इस मामले में राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने कहा, पिछले चार साल से राजस्थान में जघन्य अपराधों की एक शृंखला बन गई है। इसका ताजा और निंदनीय उदाहरण देवगढ़ (राजसमंद) की घटना है। जहां बुजुर्ग पुजारी दंपति को जिंदा जलाया गया। रोज बीजेपी को कोसने के बजाय गहलोत जी को प्रदेश में जारी जंगलराज की सुध लेनी चाहिए।