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Politics: गृहमंत्री अमित शाह 27 जून को उदयपुर में करेंगे जनसभा, तुष्टिकरण और कन्हैयालाल सिर कलम मामला गूंजेगा
Sat, 17 Jun 2023 01:03 PM IST
नीरज शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: नीरज शर्मा
Updated Sat, 17 Jun 2023 01:03 PM IST
सार
राजस्थान में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 27 जून को उदयपुर में बीजेपी की विशाल जनसभा को संबोधित करने आएंगे। जिसमें कांग्रेस राज में तुष्टीकरण और कन्हैयालाल टेलर सिर कलम का मामला गूंजेगा।
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अमित शाह 27 जून को उदयपुर में करेंगे जनसभा, तुष्टीकरण और कन्हैयालाल सिर कलम मामला गूंजेगा
- फोटो : फाइल फोटो।
विस्तार
राजस्थान बीजेपी ने केंद्रीय गृहमंत्री और बीजेपी के चाणक्य अमित शाह के दौरे और जनसभा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 9 साल पूरे होने के मौके पर बीजेपी पार्टी की ओर से यह कार्यक्रम भण्डारी दर्शक मंडप में आयोजित किया जाएगा। शाह के दौरे और जनसभा की तैयारियों के सिलसिले में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुनराम मेघवाल, कैलाश चौधरी समेत लोकसभा कार्यक्रम प्रभारी प्रमोद सामर जुट गए हैं। बीजेपी के प्रमुख कार्यकर्ताओं की एक बैठक सांसद अर्जुन लाल मीणा के ऑफिस में इसी कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बुलाई गई। जिसमें 27 जून को होने वाले महा सम्मेलन की तैयारियों के सिलसिले में विचार विमर्श कर कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए योजना बनाई गई। विभिन्न कार्यों के लिए कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय की गई हैं।
8 विधानसभा सीटों और आदिवासियों पर रहेगा अमित शाह का फोकस
सूत्र बताते हैं कि उदयपुर की 8 विधानसभा सीटों पर चुनाव में जीत हासिल करने की तैयारियों के साथ अमित शाह का कार्यक्रम तय किया गया है। ये विधानसभा सीटें- गोगूंदा, झाड़ोल, खैरवाड़ा, मावली, सलूम्बर, उदयपुर, उदयपुर ग्रामीण और वल्लभनगर हैं। इनमें से 5 एसटी रिजर्व सीटें हैं। आदिवासी बाहुल्य जिले में पिछले विधानसभा चुनाव में इन 8 में से 6 सीटों पर बीजेपी और 2 सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी जीते थे। कांग्रेस के चुनाव जीतने के बावजूद उदयपुर जिले में बीजेपी भारी बहुमत से चुनाव जीती थी। इसलिए उदयपुर जिला बीजेपी का गढ़ माना जाता है। इसी गढ़ की दीवारों को मजबूत करने अमित शाह यहां आ रहे हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष और मौजूदा असम राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया भी उयपुर से ही विधायक चुने गए थे। उनकी सीट अब खाली चल रही है। इस क्षेत्र में आदिवासी और राजपूत फैक्टर भी बहुत काम करता है। यहां हिन्दुत्व के मुद्दों का काफी देखा जाता है। महाराणा प्रताप की धरती मेवाड़ के पूरे क्षेत्र में ही हिन्दुवादी संगठन और बीजेपी काफी सक्रिय है। बीजेपी उदयपुर जिलाध्यक्ष श्रीमाली ने बताया कि जिले के 8 विधानसभा क्षेत्रों का महासम्मेलन 27 जून को होगा। जिसे अमित शाह संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी, प्रभारी अरुण सिंह, सह प्रभारी विजया राहटकर, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ महेश शर्मा, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुनराम मेघवाल, कैलाश चौधरी, सांसद दीया कुमारी, अर्जुनलाल मीणा, गोगुन्दा विधायक प्रताप लाल भील गमेती, झाड़ोल विधायक बाबुलाल, मावली विधायक धर्मनारायण जोशी, सलूम्बर विधायक अमृतलाल मीणा, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा और संगठन पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष, स्थानीय नेता, कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे।
कन्हैयालाल टेलर के सिर कलम का मामला गूंजेगा-सूत्र
कन्हैयालाल तेली टेलर की नृशंस हत्या और सर तन से जुदा के नारे के मामले पर प्रदेश की गहलोत सरकार को अमित शाह इस सभा में जमकर घेरेंगे। अमित शाह केंद्रीय गृहमंत्री हैं और राजस्थान सीएम अशोक गहलोत भी प्रदेश में गृहमंत्री हैं। इसलिए शाह का सीधा टारगेट सीएम अशोक गहलोत ही होंगे। आदिवासियों, दलितों, महिलाओं पर अत्याचार, हिन्दू रैलियों और मंदिरों पर हमले, तोड़फोड़ की घटनाओं का ज़िक्र इस जनसभा में अमित शाह कर सकते हैं। साथ ही केंद्र की मोदी सरकार की उपलब्धियों, कश्मीर से धारा 370 हटाने, समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दे भी उठाए जा सकते हैं।
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8 विधानसभा सीटों और आदिवासियों पर रहेगा अमित शाह का फोकस
सूत्र बताते हैं कि उदयपुर की 8 विधानसभा सीटों पर चुनाव में जीत हासिल करने की तैयारियों के साथ अमित शाह का कार्यक्रम तय किया गया है। ये विधानसभा सीटें- गोगूंदा, झाड़ोल, खैरवाड़ा, मावली, सलूम्बर, उदयपुर, उदयपुर ग्रामीण और वल्लभनगर हैं। इनमें से 5 एसटी रिजर्व सीटें हैं। आदिवासी बाहुल्य जिले में पिछले विधानसभा चुनाव में इन 8 में से 6 सीटों पर बीजेपी और 2 सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी जीते थे। कांग्रेस के चुनाव जीतने के बावजूद उदयपुर जिले में बीजेपी भारी बहुमत से चुनाव जीती थी। इसलिए उदयपुर जिला बीजेपी का गढ़ माना जाता है। इसी गढ़ की दीवारों को मजबूत करने अमित शाह यहां आ रहे हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष और मौजूदा असम राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया भी उयपुर से ही विधायक चुने गए थे। उनकी सीट अब खाली चल रही है। इस क्षेत्र में आदिवासी और राजपूत फैक्टर भी बहुत काम करता है। यहां हिन्दुत्व के मुद्दों का काफी देखा जाता है। महाराणा प्रताप की धरती मेवाड़ के पूरे क्षेत्र में ही हिन्दुवादी संगठन और बीजेपी काफी सक्रिय है। बीजेपी उदयपुर जिलाध्यक्ष श्रीमाली ने बताया कि जिले के 8 विधानसभा क्षेत्रों का महासम्मेलन 27 जून को होगा। जिसे अमित शाह संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी, प्रभारी अरुण सिंह, सह प्रभारी विजया राहटकर, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ महेश शर्मा, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुनराम मेघवाल, कैलाश चौधरी, सांसद दीया कुमारी, अर्जुनलाल मीणा, गोगुन्दा विधायक प्रताप लाल भील गमेती, झाड़ोल विधायक बाबुलाल, मावली विधायक धर्मनारायण जोशी, सलूम्बर विधायक अमृतलाल मीणा, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा और संगठन पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष, स्थानीय नेता, कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे।
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कन्हैयालाल टेलर के सिर कलम का मामला गूंजेगा-सूत्र
कन्हैयालाल तेली टेलर की नृशंस हत्या और सर तन से जुदा के नारे के मामले पर प्रदेश की गहलोत सरकार को अमित शाह इस सभा में जमकर घेरेंगे। अमित शाह केंद्रीय गृहमंत्री हैं और राजस्थान सीएम अशोक गहलोत भी प्रदेश में गृहमंत्री हैं। इसलिए शाह का सीधा टारगेट सीएम अशोक गहलोत ही होंगे। आदिवासियों, दलितों, महिलाओं पर अत्याचार, हिन्दू रैलियों और मंदिरों पर हमले, तोड़फोड़ की घटनाओं का ज़िक्र इस जनसभा में अमित शाह कर सकते हैं। साथ ही केंद्र की मोदी सरकार की उपलब्धियों, कश्मीर से धारा 370 हटाने, समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दे भी उठाए जा सकते हैं।
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