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Sawai Madhopur: टाइगर T-20 की मौत पर लोगों का प्रदर्शन, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

Thu, 11 May 2023 05:21 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर Published by: जलज मिश्रा Updated Thu, 11 May 2023 05:21 PM IST
सार

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वनाधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा टाइगर टी 104 को मौत से चुकाना पड़ा है। वन्यजीव प्रेमियों का आरोप है कि सीसीएफ सेडूराम यादव सहित रणथंभौर के अधिकतर वनाधिकारी का टाइगर की ट्रेकिंग और मॉनिटरिंग की बजाय पर्यटन पर अधिक ध्यान है।

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People protest over the death of Tiger T-20 in Sawai Madhopur demand action against the culprits
प्रदर्शन। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

टाइगर टी 104 की मौत को लेकर गुरुवार को सवाई माधोपुर में नेचर गाइड, होटेलियर्स और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों सहित वन्यजीव प्रेमियों ने कलेक्ट्रेट के समक्ष विरोध प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

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यह है पूरा मामला
वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों ने टाइगर टी 104 की मौत से जुड़े दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। नेचर गाइड, होटलियर्स और वन्यजीव प्रेमियों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि रणथंभौर के फील्ड डायरेक्टर सेडूराम यादव और जिम्मेदार अधिकारियों की गलती की वजह से टाइगर टी-104 की मौत हुई है। उनका कहना है कि इस भीषण गर्मी में वनाधिकारियों द्वारा टाइगर टी 104 को ट्रंकुलाइज किया गया और फिर उसे रणथंभौर से 400 किलोमीटर दूर उदयपुर के सज्जनगढ़ पार्क में शिफ्ट किया गया। टाइगर शिफ्टिंग प्रक्रिया के दौरान सीसीएफ सेडूराम यादव सहित अन्य वनाधिकारियों ने सभी नियम कायदों को दरकिनार कर टाइगर शिफ्टिंग करवाई। जिसके चलते टाइगर की मौत हो गई।

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अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वनाधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा टाइगर टी 104 को मौत से चुकाना पड़ा है। वन्यजीव प्रेमियों का आरोप है कि सीसीएफ सेडूराम यादव सहित रणथंभौर के अधिकतर वनाधिकारी का टाइगर की ट्रेकिंग और मॉनिटरिंग की बजाय पर्यटन पर अधिक ध्यान है। रणथंभौर के वनाधिकारी पर्यटन की मलाई खाने में व्यस्त हैं और उनका पूरा ध्यान बाघों की सुरक्षा के बजाय पर्यटन पर है। जिसके चलते रणथंभौर में लगातार या तो बाघों की मौत हो रही है या बाघ-बाघिन और शावक एक-एक कर लापता हो रहे हैं। 

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भ्रष्ट अधिकारियों को हटाने की मांग
वन्यजीव प्रेमियों सहित पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों ने रणथंभौर के वनाधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि रणथंभौर के अधिकारियों ने यहां जमकर भ्रष्टाचार मचा रखा है। अधिकतर अधिकारियों का टाइगर की सुरक्षा की बजाए पूरा ध्यान काली कमाई पर रहता है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से टाइगर टी 104 की मौत के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने सहित रणथंभौर में तैनात भ्रष्ट अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से हटाने की मांग की है । उनका कहना है कि अगर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं होती, तो सवाई माधोपुर की आमजनता सड़कों पर उतरेगी और आंदोलन करेगी। इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।


 
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