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Rajasthan: परिवर्तन यात्रा में संगठन के नाम पर वसूली हुई, पूर्व मंत्री मीणा ने BJP चुनाव प्रभारी को लिखा पत्र
Wed, 20 Sep 2023 03:50 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Wed, 20 Sep 2023 03:50 PM IST
सार
पूर्व मंत्री राम किशोर मीणा ने राजस्थान चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी को लिखे पत्र में कहा कि मैं दो बार मंत्री रहा हूं। सरकारी कार्यक्रमों में तो मैंने प्रोटोकॉल का सिस्टम देखा है, लेकिन संगठन के कार्यक्रमों में प्रोटोकाल शब्द पहली बार सुना।
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परिवर्तन यात्रा के रथ पर नहीं चढ़ने देने से नाराज हैं पूर्व मंत्री मीणा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भाजपा की परिवर्तन संकल्प यात्रा में रुपयों की वसूली समेत अन्य बातों को लेकर पूर्व मंत्री राम किशोर मीणा ने राजस्थान चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखा है। पत्र के जरिए यात्रा के प्रोटोकॉल को लेकर भी जानकारी मांगी गई है। दरअसल, पूर्व मंत्री राम किशोर मीणा के अनुसार भाजपा नेताओं ने उन्हें परिवर्तन यात्रा के रथ पर नहीं चढ़ने दिया। रथ पर ना चढ़ने को लेकर नेताओं ने मीणा को प्रोटोकॉल का हवाला दिया। इसे लेकर मीणा ने कहा कि सरकारी कार्यक्रम में तो प्रोटोकॉल समझ आता है, लेकिन पार्टी के कार्यक्रम ये कैसा प्रोटोकॉल है।
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पूर्व मंत्री राम किशोर मीणा ने अपने पत्र में लिखा कि 10 सितंबर सिकराय विधानसभा क्षेत्र की पीचूपाडा मेगा हाइवे टोल के पास परिवर्तन यात्रा का कार्यक्रम था। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सिकराय विधानसभा सयोजक राम अवतार कसाना, मंडल अध्यक्षों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने मुझे आंमत्रित किया था। करीब 12.30 बजे के बाद यात्रा का रथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा। हम सब कार्यकर्ताओं के साथ यात्रा के स्वागत के लिए तैयार थे। इस दौरान रथ पर केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल, जसकोर मीणा, रामकुमार वर्मा सवार थे। केंद्रीय मंत्री कृष्णपालजी और रामकुमार वर्मा ने मुझे रथ पर आने का इशारा किया।
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मैं रथ पर चढ़ने की कोशिश की तो यात्रा सयोजक अरूण चतुर्वेदी ने मुझे रोक दिया। उन्होंने कहा कि आपका रथ में सवार होने का प्रोट्रोकॉल नही है। एक दो बार मुझे रोका गया और फिर अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि अगर आप रथ पर बैठना चाहते हैं तो पीछे की सीट पर आकर बैठ जाएं, सामने वाली सीट पर नही बैठ सकते। उस सीट पर कृष्णपालजी आएंगे। यह सारी बातें चतुर्वेदी ने आवेश में कही।
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इसके बाद मैंने उनसे पूछा कि सिंकदरा चैराहे पर होने वाली आमसभा में मेरा प्रोट्रोकाल है या नहीं तो चर्तुवेदी ने कहा आपका प्रोटोकॉल कही नही है। ऐसे में मैं वहां करीब 30 मिनट रुकने के बाद जयपुर आ गया। बाद में समाचारों के जरिए पता चला कि अरुण चतुर्वेदी ने कहा है कि गलतफहमी के कारण रथ पर नहीं चढ़ने देने से नाराज होकर मैं वहां से चला गया। जब उन्होंने मुझसे साफ मना कर दिया था कि मेरा सभा में आमंत्रण नही है, तो फिर मैं वहां रुककर क्या करता ?
राम किशोर मीणा ने पत्र में आगे लिखा कि मैं दो बार मंत्री रहा हूं। सरकारी कार्यक्रमों में तो मैंने प्रोटोकॉल का सिस्टम देखा है, लेकिन संगठन के कार्यक्रमों में प्रोटोकाल शब्द पहली बार अरूण चतुर्वेदी से सुना। रातभर सोचने के बाद मैंने यही उचित समझा कि इस संदर्भ में आपसे मार्गदर्शन लिया जाए।
इसके अलावा पूर्व मीणा ने पत्र में लिखा- मेरी जानकारी में आया है कि भाजपा से टिकट मांगने वाले दावेदारों से जिला संगठन द्वारा 1 लाख, 50 हजार और कई विधानसभाओं से 25-25 हजार रुपये संगठन के निर्देश के नाम पर लिए जा रहे हैं। सिकराय विधानसभा में 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये 13 प्रति आवेदक से लिए गए है। दौसा विधानसभा में 22 अभ्यर्थियों से 25-25 हजार रुपये एकत्रित किए हैं। मार्गदर्शन करें कि क्या प्रदेश नेतृत्व स्तर पर ऐसा क्या कोई निर्णय हुआ है?