फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Order of dismissal of three councilors of Greater Municipal Corporation canceled

Jaipur: नगर निगम ग्रेटर के तीन पार्षदों की बर्खास्तगी का आदेश रद्द, राजस्थान हाइकोर्ट से बड़ी राहत

Thu, 02 Feb 2023 07:42 AM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Thu, 02 Feb 2023 07:42 AM IST
सार

जयपुर ग्रेटर नगर निगम की मेयर सौम्या गुर्जर के बाद तीन पार्षदों की बर्खास्तगी का आदेश भी राजस्थान हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। अब मेयर सौम्या की तर्ज पर ये पार्षद फिर से अपने पद और कुर्सी पर काबिज होंगे।

विज्ञापन
Order of dismissal of three councilors of Greater Municipal Corporation canceled
राजस्थान हाइकोर्ट - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

राजस्थान के स्वायत्त शासन निदेशालय ने 22 अगस्त 2022 को आदेश जारी कर वार्ड 72 से भाजपा के पार्षद पारस जैन, वार्ड 39 से पार्षद अजय सिंह और वार्ड 103 से निर्दलीय पार्षद शंकर शर्मा को पद से बर्खास्त कर दिया था। इन तीनों पार्षदों को सरकार ने न्यायिक जांच में दोषी पाए जाने पर बर्खास्त किया था। राज्य सरकार ने तीनों पार्षदों को अगले छह साल तक चुनाव लड़ने के लिए भी अयोग्य घोषित कर दिया था। इन पार्षदों को सरकार ने तत्कालीन निगम आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों में पद से बर्खास्त किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने बुधवार को इनकी बर्खास्तगी के आदेश को रद्द कर दिया। अब ये तीनों बर्खास्त पार्षद फिर से पार्षद बन जाएंगे।

विज्ञापन


जस्टिस इंद्रजीत सिंह की सिंगल बेंच का आदेश 
राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर के जस्टिस इंद्रजीत सिंह की सिंगल बेंच ने यह आदेश जारी किया है। इन पार्षदों की ओर से पैरवी करते हुए कोर्ट में सीनियर एडवोकेट आर.एन. माथुर, एडवोकेट आर.के. डागा और एडवोकेट अखिल सिमलोट ने कहा कि मामले में प्रार्थी पक्ष को सरकार ने सुनवाई का कोई मौका नहीं दिया है। यह प्राकृतिक न्याय के सिद्दांतों का उल्लंघन है। इसी मामले में राजस्थान हाईकोर्ट पहले ही मेयर सौम्या गुर्जर को बर्खास्त करने का आदेश रद्द कर चुका है। इसलिए प्रार्थियों का यह केस और फैक्ट्स भी पहले।वाले केस के समान ही हैं। इसलिए तीनों पार्षदों को बर्खास्त करने के आदेश को रद्द किया जाए और इन्हें वापस पार्षद पद पर बहाल किया जाए। ये सभी जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं, जिन्हें गलत प्रक्रिया अपनाकर सरकार ने बर्खास्त किया है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस को सुनकर पार्षदों को बर्खास्त करने वाला आदेश रद्द कर न्याय कर दिया।
विज्ञापन


छह जून 2021 को किया गया था निलंबित
राज्य सरकार ने छह जून 2021 को पहले इन सभी पार्षदों को निलंबित किया था। तत्कालीन नगर निगम ग्रेटर के कमिश्नर यज्ञमित्र सिंह देव के साथ मारपीट, धक्का-मुक्की और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के मामले में इन्हें दोषी मानते हुए सस्पेंड किया था। बाद में सरकार ने इन तीनों पार्षदों के साथ मेयर सौम्या गुर्जर के खिलाफ भी न्यायिक जांच शुरू करवा दी थी। इसके बाद जांच में दोषी मानते हुए स्वायत्त शासन निदेशालय ने पिछले साल 22 अगस्त 2022 को आदेशों जारी कर पार्षदों को पद से बर्खास्त कर दिया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


चुनाव पर लगी हुई है हाईकोर्ट की अंतरिम रोक
पार्षदों की बर्खास्तगी और चुनाव के लिए अयोग्य घोषित करने के बाद  सरकार ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर खाली हुए वार्डो पर उपचुनाव करवाने को कहा था। इन पार्षदों ने अपने वार्ड में उप चुनाव होने पर रोक लगाने और अयोग्य घोषित करने के आदेशों को निरस्त कराने के लिए उसके खिलाफ पिछले साल हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए 19 अक्टूबर 2022 को आदेश जारी कर उपचुनाव पर अंतरिम रोक लगा दी थी। साथ ही सरकार को जवाब पेश करने का वक्त दिया था। 


मेयर ने लगाई थी हाईकोर्ट में याचिका, बर्खास्तगी का आदेश रद्द हुआ था
नवंबर में मेयर सौम्या गुर्जर ने भी हाईकोर्ट में याचिका लगाकर सरकार की ओर से खुदकी बर्खास्तगी के आदेशों को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने सौम्या गुर्जर को राहत देते हुए राज्य सरकार को एक बार दोबारा उनका पक्ष सुनने और मेयर के चुनाव की प्रक्रिया को रोकने के आदेश दिए थे। इस आदेश के बाद मेयर के उपचुनावों की काउंटिंग को रोक दिया गया था। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के 27 सितंबर 2022 के आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें सौम्या गुर्जर को बर्खास्त किया गया था। इस आदेश की वजह से ही चुनाव की नौबत आ गई थी। सौम्या गुर्जर ने लिखित में अपना पक्ष स्वायत्त शासन निदेशालय के निदेशक को देने से पहले अपनी बात सीएम अशोक गहलोत के सामने रखी थी। सीएम से मिलने के बाद सौम्या गुर्जर के दोबारा से बर्खास्त होने की चर्चा भी थम गईं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed