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बड़ी जीत के बाद अब भाजपा के सामने हैं ये चुनौतियां

Tue, 10 Dec 2013 01:09 AM IST
समीर शर्मा/अमर उजाला, जयपुर
समीर शर्मा/अमर उजाला, जयपुर Updated Tue, 10 Dec 2013 01:09 AM IST
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now big challenges are in front of bjp

राजस्थान में जनता ने कमल की तरह भाजपा नेताओं के चेहरे खिला दिए, लेकिन यह कहना होगा कि जितनी बड़ी जीत भाजपा को मिली है, उतनी ही चुनौतियां भी सामने खड़ी हैं।

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कहा जा सकता है कि भाजपा के लिए यह महाविजय एक अग्नि परीक्षा की तरह साबित होगी है। भाजपा को जनता के इस गहरे विश्वास पर अगले पांच साल में खरा उतरना होगा।
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विकास की नई योजनाएं चलानी होंगी और कानून के प्रति जनविश्वास बहाल करना होगा। घोषणा-पत्र में किए गए वादों व इरादों को अमलीजामा पहनाना होगा। सभी काम अभी से शुरू करने होंगे, क्योंकि आम चुनाव सामने हैं।
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साथ ही, राजस्थान में ऐतिहासिक जीत के साथ जनता की हर पांच साल में शासन में परिवर्तन करने की प्रवृत्ति पर भी विजय पानी है, तो भाजपा को कमर कस लेनी होगी।

वसुंधरा राजे का मुख्यमंत्री पद की शपथ 13 दिसम्बर को लेंगी और तभी से हर कदम फूंक-फूंककर उठाना होगा। महंगाई-भ्रष्टाचार व सख्त शासन के अभाव के चलते बनी मोदी लहर ने अपना काम कर दिया है।

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महंगाई भले ही केन्द्र का मुद्दा हो, लेकिन भ्रष्टाचार राजस्थान में भाजपा के लिए नुकसानदायक हो सकता है। वसुंधरा राजे के लिए इस पर काबू पाना सबसे बड़ी चुनौति होगी। राजे के पिछले (वर्ष 2003-2008) शासन में उन पर व्यक्तिगत भष्टाचार के जमकर आरोप लगे हैं।

इस बार उन्हें अपनी ही छवि नहीं, बल्कि पूरी सरकार की ही छवि साफ रखनी होगी। इस चुनाव प्रचार में उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जमकर घेरा था।

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वसुंधरा राजे ने कहा प्रचार के दौरान कांग्रेस के विकास कार्य व जनकल्याणकारी योजनाओं की यह कहते हुए आलोचना की कि सभी कार्य बहुत देरी से हुए। साथ ही, कांग्रेस की इन योजनाओं को लागू करने में व्यवस्थाओं को जहर बताया।

भाजपा ने घोषणा पत्र में इन योजनाओं को बेहतर तरीके से चलाने के लिए कहा है। अब भाजपा सरकार बनते ही, इन योजनाओं के प्रबंधन के लिए मजबूत उपाय करने होंगे।

साथ ही नई योजनाओं को शुरू से ही लागू करना होगा, जिससे अगले चुनाव में कांग्रेस के भाजपा सरकार पर आखिरी समय में काम करने जैसे आरोप से बचा जा सके। भाजपा के इसी कार्यकाल में जनता को नई लागू की जानेवाली योजनाओं का भरपूर लाभ भी मिल सके।


मंत्री विधायकों पर कसनी होगी लगाम
कांग्रेस सरकार में मंत्री-विधायकों पर दुष्कर्म के आरोप लगे, कुछ जेल में भी हैं। महिलाओं ने इसकी नाराजगी मतदान में निकाल दी और कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ी।

वसुंधरा को अपने मंत्री, विधायकों पर लगाम कसनी होगी और ऐसे प्रकरणों से बचते हुए चलना होगा। साथ ही, कानून व्यवस्था इतनी मजबूत करनी होगी कि ऐसे मामले पूरे प्रदेश में थम सकें। बिगड़ी कानून व्यवस्था से लोग त्रस्त भी हैं, जिसे दुरुस्त करने के लिए शासन को बदला गया है।

तो बदल जाते नतीजे?
भाजपा ने डॉक्टर-नर्स नहीं होने जैसे मुद्दे उठाए, जिस परेशानी का सामना खुद भाजपा सरकार कर सकती है। बेरोजगारी का मुद्दा भी जमकर उछाला, जिसे दूर नहीं कर पाई तो युवा भाजपा को ही पटखनी दे सकते हैं। यदि कांग्रेस अंतिम समय के बजाय शुरू से ही प्रदेश की समस्याओं को दूर करने के प्रयास करती और जन कल्याणकारी योजनाओं को सफल बनाने के लिए भी शुरू से लागू करती, तो परिणाम कुछ और हो सकते थे।

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