Rajasthan: कड़ाके की सर्दी में कंटीली झाड़ियों में मिली नवजात, चार दोस्तों ने बचाई जान, अस्पताल में भर्ती
बच्ची का जन्म 10 से 15 घंटे पहले ही हुआ था। उसकी जिंदगी बचाने वाले दोस्तों का कहना है कि समय पर नहीं पहुंचते तो कुत्ते खा जाते। फिलहाल, मासूम का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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मीडिया रिपोर्टस के अनुसार बाड़मेर के बालोतरा शहर में चार दोस्त मुकेश कुमार, मांगीलाल, प्रकाश कुमार, राजू कुमार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले। तभी रेलवे स्टेशन से गुजरते समय नवजात के रोने की आवाज आई थी। मुकेश ने बताया कि हमने इधर उधर ढूंढा। बबूल की झाड़ियों के बीच एक पैकेट पड़ा था। उसे खोला तो उसमें से पुराने कपड़ों और शॉल में लिपटी बच्ची निकली।
दोस्तों का कहना है कि हम समय पर नहीं पहुंचते तो मासूम को कुत्ते और सुअर खा जाते। हम बच्ची को लेकर सड़क पर आए तो लोग कहने लगे फेंक दे वरना फंस जाएगा। हम बच्ची को राजकीय नाहटा हॉस्पिटल ले गए। वहां पर भर्ती करवा दिया।
वहीं अस्पताल में नवजात को भर्ती करवाया गया। डॉक्टर ने बताया कि नवजात का शरीर काफी ठंडा था। फिलहाल उसकी तबीयत ठीक है। वार्मर में रखा गया है। मासूम का जन्म 10-15 घंटे पहले ही हुआ है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।