{"_id":"5d89f5cd8ebc3e017a210fae","slug":"narendra-modi-violation-of-foreign-policy-for-support-of-trump-in-howdy-modi-says-ashok-gehlot","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाउडी मोदी पर अशोक गहलोत का वार, कहा- पीएम ने ह्यूस्टन में विदेश नीति की धज्जियां उड़ा दीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाउडी मोदी पर अशोक गहलोत का वार, कहा- पीएम ने ह्यूस्टन में विदेश नीति की धज्जियां उड़ा दीं
Tue, 24 Sep 2019 04:42 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: आसिम खान
Updated Tue, 24 Sep 2019 04:42 PM IST
विज्ञापन
अशोक गहलोत, नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश में जाकर और वहां (ह्यूस्टन में) एक व्यक्ति विशेष का प्रचार कर विदेश नीति की धज्जियां उड़ा दीं।
विज्ञापन
गहलोत ने यहां संवाददाताओं से कहा, "मोदी अभी गए ह्यूस्टन। 70 साल के इतिहास में पहली बार हुआ होगा कि देश का प्रधानमंत्री जाकर किसी उम्मीदवार विशेष का, उसकी पार्टी का खुल कर प्रचार करे।
विज्ञापन
मैं समझता हूं कि इसकी जितनी आलोचना की जाए, उतनी कम है क्योंकि देश के इतिहास में पहली बार प्रधानमंत्री ने हमारी विदेश नीति की धज्जियां उड़ा दीं, हम गुटनिरपेक्ष रहे हैं, हमारी विदेश नीति की स्थापना पंडित नेहरू ने, इंदिरा गांधी ने की थी, उसकी धज्जियां उड़ा दीं।"
विज्ञापन
गहलोत ने कहा, "दुनिया भर में इस कार्यक्रम की चर्चा हो रही है, लोग आलोचना कर रहे हैं कि हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री विदेश में जाकर, वहां एक राजनीतिक पार्टी का प्रचार करके आ गए हैं। इसके मायने हैं, मान लो कि दूसरी पार्टी का प्रधानमंत्री बन गया वहां पर, तो उसके रिश्ते हमारे मुल्क के साथ में कैसे रहेंगे, उसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता।"
उन्होंने कहा, "व्यक्तिगत दोस्ती अपनी जगह होती है। मोदी जी और ट्रंप परिवार जिंदगी भर अपनी दोस्ती निभाएं, हमें कोई एतराज नहीं है। पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रधानमंत्री ने इस प्रकार से जो प्रचार वहां किया है, मैं समझता हूं कि उसे किसी भी रूप में देशवासी उचित नहीं मान सकते।"