नागौर: SP की नियुक्ति का मामला पहुंचा चुनाव आयोग के पास, हाईकोर्ट ने RLP को दिया अभ्यावेदन का निर्देश
नागौर में SP की नियुक्ति को लेकर RLP की जनहित याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने इसे निस्तारित कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता को चुनाव आयोग के समक्ष अभ्यावेदन देने के निर्देश दिए। अब आयोग मामले पर विचार कर उचित निर्णय लेगा।
विस्तार
नागौर में पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर अदालत ने फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने याचिका को निस्तारित करते हुए याचिकाकर्ता को अपनी मांग को लेकर चुनाव आयोग के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
क्या था पूरा मामला
RLP की ओर से नागौर में पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। पार्टी की ओर से आगामी चुनावों के मद्देनजर नागौर में पुलिस प्रशासन की ऐसी व्यवस्था की मांग की गई थी, जिससे चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से संपन्न हो सके। याचिका में नागौर में पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था। मामले की सुनवाई जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी की डिवीजन बेंच ने की।
हाईकोर्ट ने क्या कहा
हाईकोर्ट ने RLP की याचिका पर सुनवाई के बाद इसे निस्तारित कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह अपनी मांग और आपत्तियों को लेकर चुनाव आयोग के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करे। अदालत ने चुनाव आयोग से भी कहा है कि याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले अभ्यावेदन और उसमें उठाए गए मुद्दों पर विचार कर उचित निर्णय लिया जाए।
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अब चुनाव आयोग के स्तर पर होगा फैसला
हाईकोर्ट के आदेश के बाद नागौर में SP की नियुक्ति का मामला अब चुनाव आयोग के समक्ष जाएगा। अदालत ने फिलहाल SP की नियुक्ति को लेकर सीधे कोई आदेश जारी नहीं किया है, बल्कि RLP को अपनी मांग चुनाव आयोग के सामने रखने का निर्देश दिया है। अब RLP की ओर से चुनाव आयोग के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद आयोग इस मामले में याचिकाकर्ता की मांग और उठाए गए मुद्दों पर विचार करते हुए उचित निर्णय लेगा।
चुनाव से पहले क्यों अहम है मामला
नागौर में नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया के बीच पुलिस प्रशासन से जुड़ा यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। RLP लगातार नागौर में SP की नियुक्ति को लेकर अपनी मांग उठा रही है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब इस मामले में अगला कदम चुनाव आयोग के स्तर पर होगा। ऐसे में RLP के अभ्यावेदन और उस पर चुनाव आयोग के निर्णय पर सभी की निगाहें रहेंगी।