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नागौर अनूसूचित जाति उत्पीड़न: कांग्रेस और भाजपा नेता पहुंचे पीड़ित के घर, जांच के दिए आदेश
Fri, 21 Feb 2020 09:53 PM IST
अनवर अंसारी
पीटीआई, जयपुर
पीटीआई, जयपुर
Published by: अनवर अंसारी
Updated Fri, 21 Feb 2020 09:53 PM IST
सार
राजस्थान के नागौर जिले में दो अनूसूचित जाति युवकों को बंधक बनाकर मारपीट करने और उनकी आपत्तिजनक वीडियो बनान की घटना की जांच के लिए सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के नेता शुक्रवार को पीड़ितों के पास पहुंचे। इन नेताओं ने पुलिस से भी मामले की जानकारी ली।
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Narayan Beniwal
- फोटो : Facebook
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विस्तार
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति, भाजपा की चार सदस्यीय समिति और खींवसर से रालोपा विधायक नारायण बेनीवाल के अलावा राजस्व मंत्री हरीश चौधरी भी पीड़ितों और उनके परिवार वालों से मिले। इन नेताओं ने इस मामले के संबंध में पुलिस और प्रशासन से जानकारी ली।
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राजस्व मंत्री चौधरी ने कहा कि हम पीड़ितों और उनके परिवार के सदस्यों से मिले। हमारी स्थानीय लोगों और अधिकारियों से भी चर्चा हुई। कांग्रेस की जांच समिति ने मामले की पड़ताल की। समिति अपनी रिपोर्ट कल प्रदेशाध्यक्ष पायलट को सौंपेगी।
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वहीं केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने नागौर में दो अनूसूचित जाति युवकों को बंधक बनाकर मारपीट करने और आपत्तिजनक वीडियो बनाने की घटना के लिए राज्य की कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
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बीकानेर से भाजपा सांसद मेघवाल शुक्रवार को पार्टी विधायक मदन दिलावर और मोहन राम चौधरी के साथ नागौर पहुंचे और पीड़ितों से मिले। इसके साथ ही वे उस जगह भी गए जहां मारपीट की घटना हुई थी।
मेघवाल ने कहा कि यह तो पुलिस की विफलता है कि जब घटना हुई तो उन्हें इसका पता तक नहीं चला। मुख्यमंत्री के पास गृह विभाग भी है लेकिन अपराधों पर कोई लगाम नहीं। इस घटना के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मामले को तोड़ मरोड़ रही है और पीड़ितों पर दबाव है।
उल्लेखनीय है कि भाजपा ने इस मामले की जांच के लिए मेघवाल की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की जिसमें मेघवाल के साथ-साथ विधायक दिलावर व चौधरी भी हैं। समिति पांचौड़ी थाने भी गयी जहां इस घटना का मामला दर्ज हुआ है। मेघवाल ने कहा कि समिति अपनी रपट शनिवार को पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष को सौंपेगी।