Rajasthan: बेनीवाल बोले- किसानों के साथ लड़ाई हमने लड़ी, शेखावाटी मूड में आया तो राजस्थान में परिवर्तन होगा
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल सीकर के सांगलिया में तेजाजी महाराज की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए। बेनीवाल ने सभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा।
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नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने साल 2023 के चुनाव में किसानों को एकजुट रहकर सत्ता पर कब्जा करने की बात भी कही है। बेनीवाल ने कहा, जब-जब किसान और युवाओं के साथ कोई अन्याय हुआ, तब-तब हनुमान बेनीवाल ही अकेला लड़ाई लड़ा। किसान आंदोलन में मंत्री पद त्याग दिया। वहीं, अग्निपथ योजना के विरोध में जोधपुर में लाखों युवाओं के साथ रैली कर केंद्र सरकार को भी चेतावनी दी।
आरएलपी सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा, सांगलिया में होने वाले इस आयोजन के लिए मैं तमाम आयोजकों को तहे दिल से धन्यवाद करता हूं। हमें वीर तेजाजी के आदर्श राजस्थान की राजनीति में स्थापित करने हैं, जिस तरह भगवान राम ने अपने वचन के लिए 14 साल का वनवास किया था। उसी तरह तेजाजी महाराज गुजरी की गाय लुटेरों से वापस लेकर आए। सीकर के सांगलिया में पिछले साल जो कार्यक्रम हुआ था। उसकी गूंज लोकसभा तक चली थी।
बेनीवाल ने कहा, शेखवाटी यदि परिवर्तन के मूड में आ गया तो राजस्थान में परिवर्तन होगा। आने वाला समय राजस्थान में नौजवानों और किसानो का होगा। सीकर का जोश देखकर मुझे ऐसा लग रहा है कि तेजाजी महाराज मुझे कहीं नागौर की बजाय सीकर तो नहीं ले आए, जिस तरह तेजाजी वचन के पक्के थे। उसी तरह हनुमान बेनीवाल भी अपने वचन का पक्का है। सत्ता को छोड़कर भी कौम के लिए लड़ाई लड़ेगा।
तेजाजी महाराज का इतिहास 1000 साल पुराना
बेनीवाल ने कहा, विधानसभा में भी तेजाजी महाराज का नारा उन्होंने ही लगाया था। इसके बाद लोकसभा में भी जब उन्होंने तेजाजी महाराज का जयकारा लगाया, तब कई सांसदों ने उन्हें तेजाजी महाराज के बारे में पूछा। बेनीवाल ने कहा, राजस्थान में अन्य लोक देवताओं का इतिहास तो 400 से 500 साल पुराना है। लेकिन तेजाजी महाराज का इतिहास करीब 1000 साल पुराना है। जो 1000 साल पहले भी गायों की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ते थे।
सांसद बेनीवाल ने पिछले साल हुए कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा, जब पिछले साल इसी परिसर में एक लाख से ज्यादा लोग मौजूद थे, जिसमें युवा और महिलाओं सहित सभी लोग शामिल थे। उन्होंने नेताओं को एहसास दिला दिया था कि आज अगर वह सत्ता में बैठे हैं तो इनकी वजह से ही बैठे हैं। हनुमान बेनीवाल ने कहा, किसान के बेटे आज हर क्षेत्र में आगे हैं। जो अपने आप को गौरवान्वित महसूस करते हैं कि उन्होंने हनुमान बेनीवाल को मजबूत किया। जो आज उनके हित की लड़ाई लड़ रहा है।
बेनीवाल ने कहा, तेजाजी महाराज ने जिस तरह अपना वचन निभाया। जब तीनों कृषि कानून आए तब मंत्री पद को छोड़कर हनुमान बेनीवाल 70 दिनों तक की जयपुर दिल्ली हाईवे पर बैठकर किसानों और युवाओं के लिए लड़ता रहा।
जोधपुर में रैली कर केंद्र सरकार को चेतावनी दी
बेनीवाल ने कहा कि जब केंद्र सरकार सेना भर्ती के लिए अग्निपथ योजना लेकर आई। इसके विरोध में कोई भी सांसद या विधायक नहीं बोला। हनुमान बेनीवाल ने ही जोधपुर में ही रैली की थी, जिसमें दो लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। केंद्र सरकार को चेतावनी देने वाला केवल हनुमान बेनीवाल ही था। जो लोग गौमाता के नाम पर वोट मांगकर राजनीति करते हैं। लंपी बीमारी से जब गौमाता ही खत्म हो जाएगी तो फिर किस बात की राजनीति करेंगे।
बेनीवाल ने कहा, प्रदेश में अपराध इस कदर बढ़ चुका है कि बेरोजगार नौकरी नहीं मिलने और किसान कर्ज के तले डूब कर आत्महत्या कर रहा है। वहीं सीकर में न्याय दिलाने वाले एक वकील का न्याय से भरोसा उठा तो उसने आत्मदाह कर लिया। बेनीवाल ने कहा, वकील को न्याय दिलाने के लिए सभी किसान एकजुट हुए, जिसका नतीजा निकला कि वकील के परिवार को न्याय मिला भी है। बेनीवाल ने कहा, राजस्थान में किसानों की इतनी बड़ी आबादी है फिर भी इनकी वीसीआर भर दी जाती है। झूठे मुकदमे दर्ज किए जाते हैं और जब वह न्याय के लिए पुलिस और अधिकारियों के पास जाते हैं तो वह उनसे इस तरीके से बर्ताव करते हैं कि जैसे उन अधिकारियों और पुलिस को लोकतांत्रिक तरीके से चुना गया हो।
बेनीवाल ने सभा में मौजूद लोगों से कहा कि साल 2023 में हमें सत्ता पर कब्जा करना है और राजस्थान को भयमुक्त, टोल मुक्त बनाना है। इसकी शुरुआत शेखावाटी से ही होगी। सांसद ने कहा, कुछ लोग कहते हैं कि हनुमान बेनीवाल केवल एक कौम विशेष का साथ देते हैं तो ऐसे में मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि राजस्थान में जब भी किसी भी कौम के साथ कोई अन्याय हुआ हो तब हनुमान बेनीवाल हमेशा न्याय की लड़ाई में आगे रहा। हाल ही में जालौर में हुए घटनाक्रम में भी बेनीवाल ने काफी संघर्ष किया।