Congress: जयुपर स्मार्ट सिटी मिशन में क्यों पिछड़ा? मंत्री धारीवाल बोले- मंत्री-विधायकों का विवाद बड़ी समस्या
उदयपुर में एक दिन पहले यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने स्मार्ट सिटी मिशन में जयपुर के पिछड़ने के कारण गिनाते हुए अपनी ही कांग्रेस सरकार के मंत्री-विधायकों के विवाद से काम अटकने की बात कहकर बवाल खड़ा कर लिया। इसे लेकर मंत्री खाचरियावास ने कहा कि धारीवाल भाजपा की भाषा बोल रहे हैं, वे कांग्रेस को चुनाव हराना चाह रहे हैं।
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जयपुर स्मार्ट सिटी मिशन में पिछड़ रहा है। यहां 3-3 मंत्री और 6-6 विधायक सबसे बड़ी समस्या हैं। जिनमें विवाद से काम अटक जाते हैं। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने गुरुवार को उदयपुर में यह बात कहकर सियासत गरमा दी। उन्होंने कहा- जयपुर बहुत बड़ा शहर है, लेकिन पिछड़ रहा है। राजस्थान में स्मार्ट सिटी में 4 शहर- कोटा, अजमेर, जयपुर और उदयपुर लिए गए हैं। सबसे ज्यादा पिछड़ा हुआ काम जयपुर का है। मैं वहीं हूं, लेकिन मैं कुछ नहीं कर सका। क्योंकि वहां पर तीन-तीन मंत्री, छह-छह विधायक हैं। यही सबसे बड़ी समस्या है। अगर न मंत्री होते, न विधायक होते, तो काम समय पर पूरे हो जाते। तंज कसते हुए धरिवाल ने कहा- उन सब मंत्री-विधायकों में आपसी विवाद पैदा हो जाते हैं, जिसके कारण काम अटक जाते हैं। वो कहता है कि यह योजना लाओ, इसको बदलो, इसको ये करो, उसको वो करो। उसी में मामला उलझता जाता है।
बीजेपी की भाषा बोल कर कांग्रेस को चुनाव कराना चाहते हैं धारीवाल-खाचरियावास
प्रदेश के नगरीय विकास और आवासन मंत्री शांति धारीवाल के जयपुर से चुनकर आने वाले मंत्री- विधायकों पर दिए गए बयान पर कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास आग बबूला हो गए। उन्होंने शांति धारीवाल पर तीखा हमला बोलते हुए पलटवार किया और कहा कि जिस तरह की भाषा धारीवाल बोल रहे हैं, वो कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की भाषा नहीं हो सकती। धारीवाल बीजेपी की भाषा बोलकर कांग्रेस को चुनाव हराना चाहते हैं। खाद्य व आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने शुक्रवार को अपने निवास पर मीडिया से बातचीत में कहा- शांति धारीवाल को 25 सितंबर की घटना के मामले में अनुशासनहीनता का नोटिस मिला हुआ है, इसके बावजूद भी वो इस तरह की बयान बाजी करके कांग्रेस को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
गुलाबचंद कटारिया ही धारीवाल के नेता हैं
खाचरियावास बोले- अब धारीवाल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके नेता मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और अशोक गहलोत हैं या फिर गुलाब चंद कटारिया हैं, क्योंकि जिस अंदाज में वो कटारिया की शान में कसीदे पढ़ रहे थे और कांग्रेस के नेताओं को गालियां दे रहे थे, वो यही दर्शाता है कि गुलाबचंद कटारिया ही धारीवाल के नेता हैं। यदि कटारिया उनके नेता हैं, तो क्या वह बीजेपी के कार्यकर्ता हैं। जोकि कांग्रेस की सरकार के खिलाफ बोल रहे थे। वो कांग्रेस के मंत्रियों और विधायकों के खिलाफ क्यों बोल रहे थे। खाचरियावास ने बताया कि मंत्री शांति धारीवाल जयपुर के प्रभारी मंत्री हैं। लेकिन उन्होंने आज तक जयपुर को लेकर एक भी बैठक नहीं ली और अब जयपुर के मंत्री और विधायकों पर ही वो आरोप लगा रहे हैं। खाचरियावास ने कहा-धारीवाल के कोटा में जितना विकास हुआ है, जयपुर में उससे ज्यादा विकास हुआ है और इसका सर्टिफिकेट हमें धारीवाल से नहीं चाहिए।
धारीवाल को शर्म आनी चाहिए
मंत्री खाचरियावास ने कहा- पार्टी विरोधी बयान देने के लिए धारीवाल को माफी मांगनी चाहिए। वह कांग्रेस विरोधी है। धारीवाल से जयपुर के किसी दूसरे नेताओं को डर लगता होगा, मुझे नहीं लगता है। वो जवाब देंगे तो मैं उनको पलटकर जवाब दूंगा। उनको अपने बयान पर शर्म आनी चाहिए। वो गुलाबचंद कटारिया के सम्मान में जिस तरह गाथा पढ़ रहे थे, वो अचानक उनको देखकर बड़े उत्साहित हुए। वह कह रहे हैं कि एक व्यक्ति ही काम करे। धारीवाल को पूरे राजस्थान की 200 सीटों पर अकेले का अधिकार चाहिए। सब जगह से वह विधायक बन सकते हैं, बहुत पॉपुलर हैं, उन्हें यह बहुत बड़ी गलतफहमी हो गई है। उन्होंने कहा- जयपुर के तीन मंत्री और विधायक आपस में लड़ते रहते हैं। तीन मंत्री और विधायक हम कभी नहीं लड़े हैं। जबकि खुद धारीवाल पूरे राजस्थान के हर विधायक से खुलेआम लड़ते हैं। उनका नेचर सभी जानते हैं। चाहते भरत सिंह कुंदनपुर हों, रामनारायण मीणा हों या कोटा का कोई विधायक हो उनसे सभी परेशान हैं।
झूठे बयान देना, पत्थर फेंकना धारीवाल की आदत
मंत्री खाचरियावास बोले-धारीवाल की आदत में झूठे बयान देना, झूठे बयान देकर माहौल बनाने की कोशिश करना है। जयपुर विकास में बहुत पीछे नहीं है। जयपुर विकास में नंबर वन है। धारीवाल ने पूरा दम लगाया कि कोटा में ही विकास करूं, जयपुर में विकास ही नहीं करूं। लेकिन धारीवाल क्या करते हैं, वो हमेशा पत्थर फेंकते हैं। जब पत्थर फेंकोगे तो आप मानकर चलिए छींटे उछलेंगे, वह कैसे कह सकते हैं कि जयपुर के छह एमएलए और मंत्री लड़ते रहते हैं। धारीवाल की खुद कोटा में विधायक रामनारायण मीणा, भरत सिंह कुंदनपुर से बात ही नहीं होती। वो खुद कोटा में लड़ते रहते हैं। हमारे यहां तो जयपुर में विधायक-मंत्री साथ बैठते हैं। जयपुर के दाे टुकड़े करने के मूददे पर मैंने खुद जिलाध्यक्ष के तौर पर स्टैंड लिया, तो सबने साथ दिया। एक भी मंत्री-विधायक ने मेरे स्टैंड का विरोध नहीं किया। जयपुर में कोई टकराव नहीं है। हम सब जयपुर के मंत्री और विधायक एक हैं। सभी साथ बैठकर चर्चा करते हैं। हम राजनीति में आए हैं, तो हमें काम करना आता है।