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बन गया खुद का वकील, सबको हरा लौट आया नौकरी पर
इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 27 Jun 2013 04:45 PM IST
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राजस्थान में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां अपनी नौकरी से निलंबित किए जाने के बाद एक व्यक्ति ने 21 साल तक खुद ही अपना केस लड़ा। सिर्फ केस लड़ा ही नहीं, बल्कि जीता भी और 21 साल बाद उसने वापस अपनी नौकरी ज्वॉइन की।
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बिना वकील की मदद के 21 साल तक अपने दम पर कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद सहायक डाकपाल किशोर चारण ने फिर से बालोतक डाकघर में ज्यूटी ज्वॉइन की। उप डाकपाल के पद पर कार्यरत किशोर चारण को तत्कालीन डाक अधीक्षक ने 17 जुलाई 1992 को मामूली कहासुनी पर सस्पेंड कर दिया था।
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यहीं से हुआ चारण के संघर्ष का दौर। उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और 1997 सें सेशन कोर्ट बालोतरा से मुकदमा जीता। डाक विभाग की अपील पर 1997 में कैट से भी जोधुपर से जीते। इसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट में डाक विभाग की अपील के खिलाफ भी किशोर ने 2012 में मुकदमा जीता। तीनों कोर्ट में किशोर ने स्वयं पैरवी करते हुए कोई वकील नहीं बनाया।
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इसके बाद डाक विभाग ने किशोर की इस न्यायिक जीत को स्वीकार कर सेवा में बहाली के आदेश दिए। डाक विभाग एक साल से लगाताक सेवा में आने के पत्र भेजता रहा लेकिन किशोर की जिद थी कि जब तक आदेश पत्र घर नहीं आएगा, तब तक ड्यूटी नहीं संभालूंगा। इसके बाद विभाग की तरफ से आदेश पर घर पर भेजा गया तब किशोर चारण ने अपनी ड्यूटी ज्वाइन की।