पटवारी की काली कमाई देख उड़े पुलिस के होश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान के राघोपुर में एक पटवारी के घर छापा मारने पहुंची लोकायुक्त पुलिस के उसकी संपति देखकर होश उड़ गए। प्राथमिक जांच में ही पटवारी के यहां दस करोड़ रुपये की अवैध संपति का पता चला है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार पटवारी के खिलाफ मिल रही शिकायतों के बाद लोकायुक्त पुलिस की दो टीमों ने सुथैला और राघोपुर में पटवारी के दो ठिकानों पर छापा मारा।
डीएसपी राजेश शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने पटवारी मोहन मीणा के राघोपुर स्थित तीन मंजिले मकान पर सुबह सुबह छापा मारा। उस समय मीणा घर पर सोये हुए थे। पुलिस ने उसके घर में छानबीन शुरू की तो घरवालों ने विरोध शुरू कर दिया, लेकिन पुलिस के आगे उनकी एक न चली।
पुलिस ने छानबीन में घर से 300 ग्राम सोना, 1500 ग्राम चांदी के आभूषणों के अलावा 37 हजार की नकदी बरामद की। इसके अलावा पटवारी और उसके परिजनों के नाम अवैध रूप से एकत्रित की गई दस करोड़ की संपत्ति के कागजात भी बरामद हुए।
सैकडों बीघा जमीन और प्लाट का पता चला
लोकायुक्त पुलिस के महानिदेशक अजय शर्मा ने बताया कि पिछले एक साल से पटवारी को निगरानी में रखा जा रहा था, इस दौरान उसकी संपति के कागजातों का भी परीक्षण किया जा रहा था।
हालांकि कुल बेनामी संपति के बारे में विस्तृत ब्यौरा न देते हुए शर्मा ने कहा कि जितनी संपति उसने बता रखी है यह उससे काफी ज्यादा है।
राघोपुर में उसके घर के अलावा साडा कालोनी में प्लाट, मकसुदनगढ़ कालोनी में 800 स्कवायर फिट का प्लाट, मकसुदनगढ़ में ही 400 स्कवायर फिट का प्लाट, बारखेड़ी में 18 बीघा कृषि भूमि, उसी क्षेत्र में 8 बीघा भूमि, मकसुदनगढ़ में ही सुथैलिया रोड पर दो प्लॉट की जानकारी मिली है।
इसके अलावा लोकायुक्त पुलिस को बरखेडी में उसकी 65 बीघा जमीन जो उसकी पत्नी के नाम है उसके बारे में भी पता चला है। वहीं 100 बीघा जमीन उसके पैतृक गांव कमालपुरा में भी है। पुलिस ने उसके बैंक खातों की पासबुक कब्जे में ले ली है।