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गैंगरेप के बाद हत्या, पुलिस मांगती रही फोटो

Wed, 04 Jun 2014 05:32 PM IST
Updated Wed, 04 Jun 2014 05:32 PM IST
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Latest rape case brings to light cops’ lethargy in missing complaints

झालवाड के उस परिवार के लिए इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता था कि उनकी 14 साल की बच्ची के साथ रेप हुआ और फिर दरिंदों ने उसका कत्ल कर दिया। जब परिवार को उसके गायब होने का पता चला था तो वो किसी तरह आधी रात के वक्त गाड़ी किराये पर कर पुलिस स्टेशन पहुंचे लेकिन पुलिस ने उनकी रिपोर्ट लिखने से मना कर दिया था। जानते हैं क्यों? क्योंकि परिवार के लोग लड़की की तस्वीर लेकर नहीं गए थे।

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कई बार ऐसा होता है कि जो लोग गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाने के लिए थाने पहुंचते हैं उनको इस बेदर्द हकीकत का सामना करना पड़ता है। उधर लड़की के रेप किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई और इधर परिवारवाले पुलिसिया सिस्टम की भूलभुलैया में ही फंसे रहे।

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'पुलिस ने किया अपराध'

Latest rape case brings to light cops’ lethargy in missing complaints

पुलिस बेशक एक कांस्टेबल को सस्पेंड करके अपने ऊपर लगे दाग साफ करने की कोशिश करे लेकिन ये समस्या पुलिसिया सिस्टम की जड़ों तक जमी है।

एके जैन एक वकील हैं जिन्होंने गुमशुदगी के मामलो में पुलिस के रुख को लेकर पिछले साल हाईकोर्ट में एक पिटिशन दाखिल की थी। जैन कहते हैं कि झालवाड़ केस आपराधिक लापरवाही की श्रेणी में आता है।

जैन के मुताबिक,"निर्भया गैंगरेप केस के बाद महिला अपराधों से जुड़े कानूनों में बदलाव किये गए हैं। जो लोकल पुलिस ने किया वो अपराध की श्रेणी में आता है।"

क्या किया कांस्टेबल ने?

Latest rape case brings to light cops’ lethargy in missing complaints

पुलिस गाइडलाइन्स के मुताबिक नाबालिग लड़की की गुमशुदगी की घटना सामने आते ही सभी सीनियर पुलिस अधिकारियों और संबंधित एसपी को सूचित करना जरूरी है। बावजूद इसके जिस कांस्टेबल को निलंबित किया गया उसने एसपी तो छोड़िये एसएचओ तक को इंफॉर्म करना ज़रूरी नहीं समझा।

एसपी झालवाड़ राहुल भारत ने बताया कि कांस्टेबल को नियमों के मुताबिक निलंबित कर दिया गया है। लेकिन रामकुमार शर्मा का मानना है कि उन्होंने वही किया जो इस तरह के मामलों में किया जाता है।

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क्या कहता है कानून?

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शर्मा के मुताबिक,"एसएचओ थाने में नहीं थे। मैंने परिवार से लड़की की फोटो लाने को कहा ताकि उसे बाकी थानों में भी भेजा जा सके। लेकिन वो वापस नहीं आए। मैंने अपनी ड्यूटी की।"

जैन कहते हैं कि इस तरह के मामलों में लड़की की फोटो नहीं चाहिए होती। पुलिस टीम को तुरंत मौके पर पहुंचना चाहिए था और लड़की की खोज शुरू कर देनी चाहिए थी।

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