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निकाय चुनाव: कांग्रेस ने जिसे सिंबल दिया, भाजपा के पूर्व चेयरमैन उसी के साथ; कोटपूतली में सभापति का गणित बदला

Wed, 16 Sep 2026 05:54 PM IST
कोटपुतली ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़ Published by: कोटपुतली ब्यूरो Updated Wed, 16 Sep 2026 05:54 PM IST
सार

कोटपूतली सभापति चुनाव में कांग्रेस ने रमेश पायला को अधिकृत प्रत्याशी बनाया, जबकि भाजपा ने कमल सैनी पर भरोसा जताया। भाजपा के पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी ने पायला को समर्थन दिया है। कांग्रेस के पूर्व चेयरमैन प्रकाश सैनी समेत छह प्रत्याशी मैदान में हैं।

 

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Kotputli Civic Polls: Congress Backs Ramesh Payla, BJP Rebel Mahendra Saini Extends Support
कोटपूतली में सभापति की कुर्सी पर सियासी घमासान, पायला को कांग्रेस का सिंबल, महेंद्र सैनी का समर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

निकाय चुनाव में नामांकन के अंतिम दौर में कोटपूतली की राजनीति में बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। सभापति पद को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों खेमों में बगावत के स्वर सामने आने से चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस ने हाइब्रिड व्यवस्था के तहत निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करने वाले रमेश पायला को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर पार्टी का सिंबल सौंप दिया। वहीं, भाजपा ने वार्ड 24 से निर्वाचित पार्षद कमल सैनी को सभापति पद के लिए अधिकृत प्रत्याशी बनाया है।

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कांग्रेस के इस फैसले के बाद पूर्व चेयरमैन प्रकाश चंद सैनी भी चुनाव मैदान में हैं। उन्होंने कांग्रेस के सिंबल से सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया था, लेकिन पार्टी ने रमेश पायला के पक्ष में अधिकृत सिंबल जमा करा दिया। दूसरी ओर, भाजपा के पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी ने भी पार्टी से अलग रुख अपनाते हुए रमेश पायला को समर्थन देने की घोषणा की है। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के भीतर बगावत और बदले राजनीतिक समीकरणों ने चुनावी माहौल गरमा दिया है।

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हाइब्रिड व्यवस्था से बदला चुनावी गणित
कोटपूतली में सभापति पद के चुनाव के लिए लागू हाइब्रिड व्यवस्था के तहत रमेश पायला ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था। बाद में कांग्रेस निकाय चुनाव प्रभारी विनोद कुमारी सांगवान ने रमेश पायला के पक्ष में कांग्रेस का अधिकृत सिंबल जमा कराया। इसके साथ ही पायला कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी बन गए।

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पायला के समर्थन में भाजपा के पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी के आने से चुनावी समीकरण और बदल गए हैं। महेंद्र सैनी ने अपने और अपनी पत्नी की ओर से भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दाखिल नामांकन को लेकर फैसला करते हुए पायला को समर्थन देने की बात कही है।


पूर्व चेयरमैन प्रकाश सैनी भी मैदान में
कांग्रेस के पूर्व चेयरमैन प्रकाश चंद सैनी ने भी सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने हाइब्रिड व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे गलत बताया है। उनका कहना है कि इस व्यवस्था से लोगों के साथ धोखा होता है। उनका तर्क है कि जनप्रतिनिधि जनता के विश्वास से चुना जाता है और उसे उसी व्यवस्था के तहत काम करना चाहिए। अब कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के रूप में रमेश पायला को सिंबल मिलने के बाद यह देखना अहम होगा कि प्रकाश चंद सैनी 18 सितंबर को नाम वापसी के दौरान अपना नामांकन वापस लेते हैं या चुनाव मैदान में बने रहते हैं।

पढे़ं: सीएम भजनलाल के गृह जिले में मेयर की कुर्सी का खेल पलटा: भाजपा के सामने निर्दलीय की चुनौती, कांग्रेस कहां?

भाजपा ने कमल सैनी पर जताया भरोसा
भाजपा ने वार्ड 24 से चुनाव जीतकर पार्षद बने कमल सैनी को सभापति पद के लिए अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। नामांकन के दौरान उनके साथ कोटपूतली विधायक हंसराज पटेल और भाजपा जिला महामंत्री सुरेंद्र सैनी मौजूद रहे। भाजपा नेताओं ने कमल सैनी के समर्थन में एकजुटता दिखाते हुए चुनाव में जनता को बेहतर कार्यों का भरोसा दिलाया।

वहीं, भाजपा के पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी के रमेश पायला को समर्थन देने से भाजपा के सामने भी चुनौती खड़ी हुई है। इससे सभापति पद का चुनाव केवल पार्टी बनाम पार्टी तक सीमित न रहकर अलग-अलग राजनीतिक धड़ों के बीच मुकाबले में बदलता दिखाई दे रहा है।

दिनेश मीणा ने भी हाइब्रिड व्यवस्था के तहत भरा नामांकन
सभापति पद के लिए दिनेश मीणा ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में हाइब्रिड व्यवस्था के तहत नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने नगर परिषद में पूर्व में लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ने की बात कही है। उनका कहना है कि नगर परिषद में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को लेकर वे चुनाव मैदान में हैं।



छह प्रत्याशियों ने दाखिल किए आठ नामांकन
सभापति पद के लिए कुल छह प्रत्याशियों ने आठ नामांकन दाखिल किए हैं। इनमें कांग्रेस और भाजपा के सिंबल से दाखिल नामांकन भी शामिल हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब निगाहें 18 सितंबर पर टिकी हैं, जब नाम वापसी का अवसर रहेगा। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि कितने प्रत्याशी अंतिम रूप से चुनाव मैदान में रहेंगे।

फिलहाल रमेश पायला को कांग्रेस का सिंबल, कमल सैनी को भाजपा का समर्थन, भाजपा के पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी का पायला के पक्ष में जाना, कांग्रेस के पूर्व चेयरमैन प्रकाश चंद सैनी का अलग मैदान में उतरना और निर्दलीय दिनेश मीणा की चुनौती ने कोटपूतली के सभापति चुनाव को खासा रोचक बना दिया है। अब 18 सितंबर को नाम वापसी के बाद तस्वीर साफ होगी कि कौन चुनाव मैदान में डटा रहता है और कौन अपना नामांकन वापस लेता है।

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