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Rajasthan News: आईटीबीपी जवान पंकज यादव को सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई, पंचतत्व में हुए विलीन
Sun, 14 Sep 2025 09:46 PM IST
कोटपुतली ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़
Published by: कोटपुतली ब्यूरो
Updated Sun, 14 Sep 2025 09:46 PM IST
सार
Kotputli-Behror News: आईटीबीपी जवान पंकज यादव की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। अलवर से आई आईटीबीपी की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी अर्पित की। पूरा गांव नम आंखों से अपने वीर सपूत की विदाई का साक्षी बना।
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आईटीबीपी जवान पंकज यादव को सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोटपूतली-बहरोड़ के ग्राम पंचायत रायकरणपुरा के रामगढ़ गांव का वीर सपूत, आईटीबीपी जवान पंकज यादव (25) बीमारी के चलते दुनिया से विदा हो गया। रविवार को जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जवान को अंतिम विदाई देने के लिए ग्रामीणों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर किसी की आंखें नम थीं और माहौल गमगीन हो गया।
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बीमारी ने छीना गांव का जवान
जानकारी के अनुसार, पंकज यादव उड़ीसा में पदस्थापित थे और बीते एक महीने से अस्वस्थ चल रहे थे। लगातार उपचार के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया। निधन की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिवार और ग्रामीणों में शोक की छाया छा गई।
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सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
पंकज यादव की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। अलवर से आई आईटीबीपी की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी अर्पित की। पूरा गांव नम आंखों से अपने वीर सपूत की विदाई का साक्षी बना। अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ किया गया।
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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
पंकज यादव के परिवार में उनकी पत्नी और दो वर्ष की बेटी हयाना है। मासूम बेटी के सिर से पिता का साया उठ जाने की वेदना ने पूरे परिवार को व्यथित कर दिया है। इस दौरान जवान की बहन पूजा ने पिता को ढांढ़स बंधाते हुए भावुक शब्दों में कहा कि पापा, मैं भी आपका दूसरा बेटा हूं। भाई छोड़कर चला गया तो क्या हुआ, मैं हमेशा बेटा बनकर परिवार का साथ निभाऊंगी। उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें भर आईं।
योगदान को हमेशा याद रखेगा गांव
अंतिम संस्कार में शामिल ग्रामीणों और परिजनों ने पंकज यादव के निधन को अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि पंकज का जीवन सेवा और देशभक्ति की मिसाल था। अल्पायु में ही उन्होंने अपने कर्तव्यों से परिवार और गांव का नाम रोशन किया। आईटीबीपी टुकड़ी के साथ आए एसआई करण सिंह ने भी परिजनों को ढांढ़स बंधाया और कहा कि जवान की सेवाएं और योगदान हमेशा याद रखे जाएंगे।
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