{"_id":"6a03555d2385a88aac0d3bb4","slug":"seriousness-shown-again-on-the-death-of-pregnant-women-two-doctors-and-two-nursing-staff-suspended-kota-news-c-1-1-noi1391-4273094-2026-05-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kota News: प्रसूताओं की मौत मामले में चार स्वास्थ्यकर्मियों को और निलंबित किया, जवाबदेही तय करने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kota News: प्रसूताओं की मौत मामले में चार स्वास्थ्यकर्मियों को और निलंबित किया, जवाबदेही तय करने की तैयारी
Tue, 12 May 2026 10:49 PM IST
कोटा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: कोटा ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2026 10:49 PM IST
सार
कोटा में प्रसूताओं की मौत को लेकर राज्य सरकार ने गंभीरता दिखाते हुए दो चिकित्सकों और दो नर्सिंग कर्मियों को और निलंबित कर दिया है तथा जेके लोन अस्पताल तथा न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन
चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत एवं स्वास्थ्य बिगड़ने के प्रकरण को लेकर राज्य सरकार ने गंभीरता दिखाते हुए दो चिकित्सकों और दो नर्सिंग कर्मियों को और निलंबित कर दिया है तथा जेके लोन अस्पताल तथा न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने सोमवार शाम को कोटा पहुंचकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली और मंगलवार को भी दिनभर प्रकरण के विभिन्न पहलुओं पर समीक्षा की। इसके बाद इलाज एवं पर्यवेक्षणीय लापरवाही सामने आने पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, न्यू मेडिकल कॉलेज कोटा के आचार्य डॉ. बद्रीलाल तथा सह आचार्य डॉ. खुशबू मीणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इसके अतिरिक्त जेके लोन अस्पताल की नर्सिंग अधिकारी पिंकी खींची एवं न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल की नर्सिंग अधिकारी मीनाक्षी मीणा को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Kota: कोटा अस्पताल में प्रसूताओं की मौत से मचा हड़कंप! देर रात पहुंचीं हेल्थ सेक्रेटरी, दवाइयों पर लगी रोक
विज्ञापन
प्रकरण में प्रशासनिक एवं पर्यवेक्षणीय जिम्मेदारी को निभाने में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जेके लोन अस्पताल की अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा एवं न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोटा के अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उनके विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार मरीजों की सुरक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अस्पतालों में जवाबदेही तय की जा रही है तथा संस्थान प्रभारी एवं यूनिट हेड की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने सभी चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे अस्पतालों में रात्रिकालीन समय भी दौरा कर व्यवस्थाओं का नियमित रूप से जायजा लें। अस्पतालों में रिकॉर्ड का संधारण व्यवस्थित एवं गाइड लाइन के अनुसार हो। साथ ही मरीजों को दिए जाने वाले इलाज, दवा एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन आदि के नोट्स प्रोटोकॉल के अनुसार लिखे जाएं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन