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खुशियों का इंतजार : मुकंदरा टाइगर रिजर्व में कुनबा बढ़ने के संकेत, अलर्ट पर वन विभाग
Sun, 01 Nov 2026 11:09 AM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 01 Nov 2026 11:09 AM IST
सार
राजस्थान के मुकंदरा टाइगर रिजर्व में तीन युवा बाघिनों और नर बाघों के बीच लगातार नजदीकी से प्रजनन की उम्मीद बढ़ी है। वन विभाग ने 82 वर्ग किलोमीटर के एनक्लोजर और खुले जंगल में निगरानी तेज कर दी है। अधिकारियों को आगामी एक-दो महीनों में शावकों के आगमन की संभावना है।
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मुकंदरा टाइगर रिजर्व में बढ़ सकते हैं बाघ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुकंदरा टाइगर रिजर्व में पहली बार एक साथ तीन युवा बाघिनों की नर बाघों के साथ लगातार नजदीकी देखी जा रही है। बाघिन एमटी-7, एमटी-8 और एमटी-10 के बाघों के साथ लंबे समय से जारी नजदीकी मूवमेंट और आपसी तालमेल को देखते हुए रिजर्व में कुनबा बढ़ने के मजबूत संकेत मिले हैं। एनक्लोजर से लेकर खुले वन क्षेत्र तक बाघों की बढ़ती सक्रियता से उत्साहित प्रशासन ने नन्हे शावकों के आगमन की उम्मीद जताई है। इस संभावित खुशखबरी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रख दिया है।
सुरक्षित घेरे में बढ़ता मेलजोल
रिजर्व के 82 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले बड़े एनक्लोजर में वन्यजीव शांतिपूर्वक विचरण कर रहे हैं। लगभग 3.6 वर्ष की बाघिन एमटी-7 को 7 मार्च के दिन अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क से यहां लाया गया था। यह बाघिन पिछले करीब एक वर्ष से चार वर्षीय नर बाघ एमटी-9 के साथ इसी दायरे में रह रही है। बाघ एमटी-9 को 9 जनवरी को मुकंदरा में दाखिल किया गया था। इसी सुरक्षित एनक्लोजर में 19 जून 2025 को लाई गई करीब 2.10 वर्ष की बाघिन एमटी-8 (कनकटी) भी मौजूद है। इसके अलावा 27 फरवरी को आई 3.9 वर्ष की बाघिन एमटी-10 भी लंबे समय से इनके साथ घूम रही है। वन अधिकारियों के अनुसार बिना किसी आपसी संघर्ष के महीनों तक एक ही इलाके में शांति से रहना प्राकृतिक ब्रीडिंग का सबसे सटीक संकेत माना जाता है। आगामी एक से दो महीनों के भीतर इस एनक्लोजर से अच्छी खबर मिलने की संभावना है।
ये भी पढ़ें- राजस्थान: पद्मश्री का सम्मान भी नहीं आया काम, पिपलांत्री में 28 साल के नवीन ने श्यामसुंदर को दी शिकस्त
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खुले जंगल में सक्रियता के संकेत
एनक्लोजर के साथ-साथ मुकंदरा के खुले वन क्षेत्र में भी बाघों की गतिविधियां सकारात्मक परिणाम की ओर इशारा कर रही हैं। खुले जंगल में 9 अगस्त 2023 को लाई गई 4.5 वर्ष की बाघिन एमटी-6 अपने करीब डेढ़ साल के नर शावक के साथ स्वतंत्र रूप से विचरण कर रही है। इस शावक का जन्म 15 जून 2025 को हुआ था। इसी मैदानी और वन क्षेत्र में 3 दिसंबर 2024 को लाया गया 10.2 वर्ष का सबसे वरिष्ठ बाघ एमटी-5 भी लगातार सक्रिय है। खुले इलाके में एमटी-6 और एमटी-5 का लगातार आमना-सामना और साथ में मूवमेंट देखा जा रहा है। वन अधिकारियों को उम्मीद है कि खुले जंगल से भी जल्द ही सुखद परिणाम सामने आएंगे।
24 घंटे की सतर्कता और निगरानी
बाघों के बढ़ते कुनबे की संभावनाओं को देखते हुए रिजर्व प्रशासन ने सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह मुस्तैद कर दिया है। फील्ड कर्मचारियों को 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा में कोई खलल न पड़े। मुकंदरा के 82 वर्ग किलोमीटर के एनक्लोजर और खुले जंगल दोनों ही स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में शिकार और पानी की उपलब्धता मौजूद है। यह तनावमुक्त माहौल बाघ-बाघिनों के सकारात्मक तालमेल को और मजबूत बना रहा है, जिससे जल्द ही रिजर्व में नन्हीं दहाड़ें गूंजने की संभावना है।
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सुरक्षित घेरे में बढ़ता मेलजोल
रिजर्व के 82 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले बड़े एनक्लोजर में वन्यजीव शांतिपूर्वक विचरण कर रहे हैं। लगभग 3.6 वर्ष की बाघिन एमटी-7 को 7 मार्च के दिन अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क से यहां लाया गया था। यह बाघिन पिछले करीब एक वर्ष से चार वर्षीय नर बाघ एमटी-9 के साथ इसी दायरे में रह रही है। बाघ एमटी-9 को 9 जनवरी को मुकंदरा में दाखिल किया गया था। इसी सुरक्षित एनक्लोजर में 19 जून 2025 को लाई गई करीब 2.10 वर्ष की बाघिन एमटी-8 (कनकटी) भी मौजूद है। इसके अलावा 27 फरवरी को आई 3.9 वर्ष की बाघिन एमटी-10 भी लंबे समय से इनके साथ घूम रही है। वन अधिकारियों के अनुसार बिना किसी आपसी संघर्ष के महीनों तक एक ही इलाके में शांति से रहना प्राकृतिक ब्रीडिंग का सबसे सटीक संकेत माना जाता है। आगामी एक से दो महीनों के भीतर इस एनक्लोजर से अच्छी खबर मिलने की संभावना है।
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खुले जंगल में सक्रियता के संकेत
एनक्लोजर के साथ-साथ मुकंदरा के खुले वन क्षेत्र में भी बाघों की गतिविधियां सकारात्मक परिणाम की ओर इशारा कर रही हैं। खुले जंगल में 9 अगस्त 2023 को लाई गई 4.5 वर्ष की बाघिन एमटी-6 अपने करीब डेढ़ साल के नर शावक के साथ स्वतंत्र रूप से विचरण कर रही है। इस शावक का जन्म 15 जून 2025 को हुआ था। इसी मैदानी और वन क्षेत्र में 3 दिसंबर 2024 को लाया गया 10.2 वर्ष का सबसे वरिष्ठ बाघ एमटी-5 भी लगातार सक्रिय है। खुले इलाके में एमटी-6 और एमटी-5 का लगातार आमना-सामना और साथ में मूवमेंट देखा जा रहा है। वन अधिकारियों को उम्मीद है कि खुले जंगल से भी जल्द ही सुखद परिणाम सामने आएंगे।
24 घंटे की सतर्कता और निगरानी
बाघों के बढ़ते कुनबे की संभावनाओं को देखते हुए रिजर्व प्रशासन ने सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह मुस्तैद कर दिया है। फील्ड कर्मचारियों को 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा में कोई खलल न पड़े। मुकंदरा के 82 वर्ग किलोमीटर के एनक्लोजर और खुले जंगल दोनों ही स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में शिकार और पानी की उपलब्धता मौजूद है। यह तनावमुक्त माहौल बाघ-बाघिनों के सकारात्मक तालमेल को और मजबूत बना रहा है, जिससे जल्द ही रिजर्व में नन्हीं दहाड़ें गूंजने की संभावना है।