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kota News: शिक्षा नगरी में अब सुसाइड पर लगाम लगाएगा पंखा, स्टूडेंट की जिंदगी बचाने के खास इंतजाम, पढ़िए स्टोरी
Fri, 18 Aug 2023 03:47 PM IST
लोकेंद्र सिंह चंपावत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: लोकेंद्र सिंह चंपावत
Updated Fri, 18 Aug 2023 03:47 PM IST
सार
कोटा में आए दिनों सुसाइड की घटनाएं बढ़ रही है। पढ़ने वाले विद्यार्थी तनाव में आकर खुदखुशी कर रहे हैं। जिसको लेकर कोटा प्रशासन ने खास इंतजाम भी कर रहा है। विद्यार्थियों के कमरों में पंखे में एक मशीन लगेगा, जो इस सुसाइड की समस्या से निजात दिलाएगा।
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कोटा प्रशासन की मीटिंग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा पूरे देश में एक नई पहचान बनती नजर आ रही है। लेकिन जिसके सामने शहर के तमाम आला हुक्मरान भी बहुत परेशान और बेबस से नजर आ रहे है। वह समस्या है, मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे विद्यार्थी आत्महत्या कर रहे है, जिससे निजात एक पंखा दिलाएगा।
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अब आप सोच रहे होंगे की एक पंखा और इस गंभीर समस्या का समाधान कैसे?
चलिए आपको बताते है, पिछले सप्ताह बिहार के छात्र की आत्महत्या के बाद मामला सीएम अशोक गहलोत के पास पहुंचा। प्रशासन को जयपुर से तल्ख अंदाज में टेलीफोन आया और फिर छात्रों की सुरक्षा का जिन्न एक बार फिर से बोतल से बाहर आया। अब सभी होस्टल संचालकों और कोचिंग संचालकों को आनन फानन में सभागार पहुंचने का आदेश दिया गया। और सिर्फ एक ही बात समझाई गई। किसी भी तरह से छात्रों की आत्महत्या का सिलसिला थमना चाहिए। मीटिंग में कोटा संभाग से तमाम आला अधिकारी और शहर के प्रबुद्ध जनों को भी बुलाया गया।
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छात्र आत्महत्या के मामलों पर सरसरी नजर मारी जाए तो साल के शुरूआत से अब तक 22 छात्र अपनी जान गवां चुके है। हॉस्टल एसोसिएशन, प्रशासन और कोचिंग संचालक सभी प्रयास कर चुके है, लेकिन ये मौत का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा। अब मीटिंग में किसी सज्जन ने पंखे का सुझाव दे दिया। बस फिर क्या था। इसलिए सारा अमला पंखे के पीछे हो लिया।
अब कोटा शहर भर के तमाम हॉस्टल्स में स्प्रिंग लोडेड पंखे लगवाए जा रहें। इन पंखों की खासियत यह है कि एक नियत वजन से ज्यादा लोड देने पर पंखा टूट कर नीचे फर्श पर आ गिरेगा। कोटा होस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल ने बताया कि पिछले महीने बेंगलुरु की एक कंपनी ने डेमो भी दिया था, जिसे सभी ने सराहा भी। उपायुक्त महोदय द्वारा भी इसे कारगर बताया गया है।