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कोटा नहर हादसा: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नाव पलटने से डूबे चार युवक, चारों के शव मिले
Wed, 21 Oct 2026 10:26 AM IST
कोटा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: कोटा ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2026 10:26 AM IST
सार
राजस्थान के कोटा जिले में मंगलवार देर शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान कोटड़ी नहर में नाव पलटने से चार युवक डूब गए थे। बुधवार को एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने सभी के शव नहर से बाहर निकाल लिए हैं।
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मौके पर मौजूद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान के कोटा जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नहर में डूबे चार युवकों के शव बुधवार को बाहर निकाल लिए गए। मृतकों की पहचान विकास, सूरज, एशु जोशी और राहुल जोशी के रूप में हुई है। हादसे के बाद से ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी थी। बुधवार सुबह करीब छह बजे से सर्च ऑपरेशन दोबारा शुरू किया गया। घटनास्थल से करीब आठ किलोमीटर दूर तक नहर में युवकों की तलाश की गई। यह हादसा मंगलवार देर शाम कोटड़ी नहर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुआ था, जब युवकों से भरी नाव पलट गई थी।
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यह घटना मूर्ति विसर्जन के दौरान हुई। घटना में बचे एक युवक ने बताया कि सभी विसर्जन स्थल दूर थे इसलिए वे संजय नगर से प्रतिमा लेकर केनाल रोड पहुंचे। वहां नहर के घाट पर नाव वाले से 200 रुपये में अवैध विसर्जन की बात तय हुई। एक छोटी नाव में सात लोग सवार थे। नाव नहर में करीब 100 मीटर अंदर गई थी। मूर्ति विसर्जन के लिए झुकाते समय पानी के तेज बहाव से नाव का संतुलन बिगड़ गया। इससे नाव पलट गई और चार युवक डूब गए। दीपक और मानकंवर तैरकर घाट की तरफ आ गए और बच गए। एडीएम विनोद कुमार ने बताया कि जहां यह हादसा हुआ, वहां प्रशासन का कोई विसर्जन पॉइंट या पुलिस निगरानी नहीं थी।
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अंधेरा होने से रात में रोकना पड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद मंगलवार देर रात तक नहर में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन अंधेरा अधिक होने के कारण बचाव अभियान रोकना पड़ा। बुधवार सुबह करीब छह बजे से टीमें फिर तलाश में जुट गईं। इस हादसे में एशु जोशी, राहुल जोशी, सूरज सिंह और विकास पानी में डूब गए थे। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए नहर में पानी छोड़े जाने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। युवकों की तलाश में परेशानी को देखते हुए नहर में पानी की सप्लाई बंद करवाई गई, ताकि पानी का बहाव कम होने पर बचाव अभियान में तेजी लाई जा सके।
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देर रात घटनास्थल पर पहुंचे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
हादसे की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और रेस्क्यू टीमें देर रात तक घटनास्थल पर मौजूद रहीं। कोटा प्रवास पर मौजूद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी हादसे पर दुख और चिंता जताई। वह देर रात घटनास्थल पर पहुंचे और अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने हादसे का शिकार हुए युवकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना भी दी। ओम बिरला ने अधिकारियों को सर्च ऑपरेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाने पर भी जोर दिया।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को लोगों के विरोध का करना पड़ा सामना
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी घटनास्थल पर पहुंचे और करीब दो घंटे तक वहां मौजूद रहे। इस दौरान उन्हें आक्रोशित लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। हादसे के बाद युवकों की तलाश और बचाव अभियान को लेकर लोगों में चिंता और नाराजगी देखी गई। फिलहाल, दो युवकों की तलाश के लिए नहर में रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
यश के पिता बबलेश ने बताया कि यश को पानी से डर लगता था। वह नाव में नहीं जाना चाहता था, लेकिन साथियों के कहने पर गया। बबलेश की आंखों के सामने ही नाव पलटी और उनका इकलौता बेटा डूब गया। राहुल चार बहनों में इकलौता भाई था। राहुल के पिता महेन्द्र के भी आंसू नहीं थम रहे थे। मरने वाले यश का जन्मदिन 17 अक्तूबर को था, जो तबीयत खराब होने से नहीं मनाया गया। दोस्तों ने दशहरा के दिन पार्टी का प्लान किया था। यश के दोस्त चंद्रप्रकाश ने बताया कि मंगलवार शाम को बर्थडे पार्टी की तैयारी थी। हादसे वाले दिन यश ने कहा था कि विसर्जन के बाद वे सेलिब्रेट करेंगे। राहुल को तैरना आता था, लेकिन साथियों ने उसे पकड़ लिया जिससे वह तेज बहाव में हाथ-पैर नहीं चला सका और डूब गया।