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Rajasthan: कन्हैयालाल के बेटों ने नौकरी ज्वाइन की, पिता की तस्वीर के सामने सिर झुकाकर लिया आशीर्वाद
Fri, 22 Jul 2022 08:59 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Fri, 22 Jul 2022 08:59 PM IST
सार
कन्हैयालाल के बड़े बेटे तरूण ने कहा कि उनके पिता के हत्यारों को जल्द से जल्द फांसी की सजा मिले। इसी का वह इंतजार कर रहे है।
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28 जून को उदयपुर में कन्हैयालाल साहू की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
उदयपुर के कन्हैयालाल साहू के दोनों बेटों ने सरकारी नौकरी ज्वाइन कर ली है। कन्हैया की हत्या 25 दिन बाद उनके दोनों बेटों ने शुक्रवार को पदभार संभाल लिया। दोनों ने कोषाधिकारी कार्यालय में कनिष्ठ सहायक के पद पर ज्वाइन किया।
दरअसल, 28 जून को उदयपुर में कन्हैयालाल साहू गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। सरकार ने कन्हैया के दोनों बेटों को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया था। इसके अलावा उन्हें 31 लाख रुपये की आर्थिक मदद भी दी गई थी। कन्हैया के बड़े बेटे तरुण (19) को शहर और छोटे बेटे यश (18) को ग्रामीण कार्यालय में नियुक्ति दी गई है। शुक्रवार को शुभ मुहूर्त देखकर दोनों ने पदभार संभाल लिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तरुण ने पद संभालने से पहले पिता की तस्वीर के सामने सिर झुकाकर आशीर्वाद लिया और फिर मां ने ईमानदारी से कार्य करने की सीख दी। इसके बाद मां का आशीर्वाद लेकर वह जॉइनिंग के लिए रवाना हुआ।
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गला काटकर की गई थी कन्हैया की हत्या
28 जून को उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या कर दी गई थी। वह धानमंडी इलाके के भूत महल क्षेत्र में रहते थे और पेशे से दर्जी थे। दो मुस्लिम युवक कपड़े का नाप देने के बहाने उनकी दुकान पर पहुंचे और धारदार हथियार से कन्हैया पर वार करना शुरू कर दिया। ताबड़तोड़ हमलों ने कन्हैया को संभलने का मौका तक नहीं दिया। उसकी गर्दन कट गई और मौके पर ही मौत हो गई। हमले में दुकान पर काम करने वाला उसका साथी ईश्वर सिंह भी गंभीर रूप से घायल हो गया था।
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दरअसल, 28 जून को उदयपुर में कन्हैयालाल साहू गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। सरकार ने कन्हैया के दोनों बेटों को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया था। इसके अलावा उन्हें 31 लाख रुपये की आर्थिक मदद भी दी गई थी। कन्हैया के बड़े बेटे तरुण (19) को शहर और छोटे बेटे यश (18) को ग्रामीण कार्यालय में नियुक्ति दी गई है। शुक्रवार को शुभ मुहूर्त देखकर दोनों ने पदभार संभाल लिया।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तरुण ने पद संभालने से पहले पिता की तस्वीर के सामने सिर झुकाकर आशीर्वाद लिया और फिर मां ने ईमानदारी से कार्य करने की सीख दी। इसके बाद मां का आशीर्वाद लेकर वह जॉइनिंग के लिए रवाना हुआ।
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गला काटकर की गई थी कन्हैया की हत्या
28 जून को उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या कर दी गई थी। वह धानमंडी इलाके के भूत महल क्षेत्र में रहते थे और पेशे से दर्जी थे। दो मुस्लिम युवक कपड़े का नाप देने के बहाने उनकी दुकान पर पहुंचे और धारदार हथियार से कन्हैया पर वार करना शुरू कर दिया। ताबड़तोड़ हमलों ने कन्हैया को संभलने का मौका तक नहीं दिया। उसकी गर्दन कट गई और मौके पर ही मौत हो गई। हमले में दुकान पर काम करने वाला उसका साथी ईश्वर सिंह भी गंभीर रूप से घायल हो गया था।