जानिए कमला बेनीवाल का राजस्थान कनेक्शन
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पूर्व राज्यपाल कमला बेनीवाल की बर्खास्तगी को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ी हुई है, लेकिन राजस्थान में विभिन्न एजेंसियों की रिपोर्ट के कारण यहां और भी हंगामा मचा हुआ है।
जयपुर जिला प्रशासन, इंटेलीजेंस और जयपुर पुलिस की तीन अलग-अलग रिपोर्ट में कहा गया है कि कमला बेनीवाल ने खुद को किसान बताकर और गलत शपथ पत्र पेश करते हुए राज्य में सस्ती जमीनों के सौदे किए। यही नहीं उन्होंने राज्य सरकार से मुआवजा भी उठाया है।
खुद को किसान बताया!
रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने किसान सामूहिक कृषि को-ऑपरेटिव सोसायटी के जरिए हुए सौदों में गलत शपथ पत्रों के जरिए खुद को किसान बताया और सस्ती जमीनों के सौदे किए।
जयपुर के जिला क्लक्टर कृष्ण कुणाल के अनुसार जब कमला बेनीवाल राज्यपाल थी, तब उनसे जुड़े जमीनों के सौदों को लेकर रिपोर्ट तैयार की गई थी। ये रिपोर्ट चार महीने पहले ही अप्रैल में राज्य सरकार को भेजी जा चुकी है।
रिपोर्ट के अनुसार कमला बेनीवाल वर्ष 1970 में किसान सामूहिक कृषि सहकारी समिति की सदस्य बनीं थी। हालांकि राज्य सरकार ने वर्ष 1953 में ही इस समिति को कृषि कार्य के लिए 384 बीघा जमीन लीज पर दी थी।
इसके बाद जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से पृथ्वीराज नगर योजना के लिए वर्ष 1990 के दशक में गोकुलपुरा स्थित समिति की जमीन अधिग्रहित की गई।
राज्य सरकार के खर्चे पर यात्रा
सरकार की ओर से आवंटित जमीन के अधिग्रहण के बावजूद जेडीए ने कमला बेनीवाल समेत समिति के अन्य सदस्यों को बतौर मुआवजा जयपुर की करघनी योजना में 209 व्यावसायिक व आवासीय भूखण्ड आवंटित कर दिए।
इधर, एक जानकारी ने भी कमला बेनीवाल को विवादों में ला खड़ा किया है। गुजरात की राज्यपाल और मिजोरम की राज्यपाल रहते, वे करीब-करीब हर महीने जयपुर आईं और उनकी हवाई यात्राओं का खर्च राज्य सरकारों पर आया।
हवाईअड्डा प्राधिकरण सूत्रों के अनुसार 2009 से लेकर 2014 तक राज्य सरकार के खर्च पर 53 यात्राएं कीं।