जोधपुर: एसएन मेडिकल कॉलेज में फिर रैगिंग का मामला, छात्रों ने की शिकायत; सीनियर्स पर बॉस कहलवाने का आरोप
राजस्थान के जोधपुर स्थित डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस बैच-2026 के जूनियर विद्यार्थियों ने सीनियर छात्रों पर मानसिक उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। छात्रों ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) को साझा ईमेल भेजकर शिकायत की है।
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राजस्थान के जोधपुर स्थित डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का एक और मामला सामने आया है। एमबीबीएस बैच-2026 के जूनियर विद्यार्थियों ने सीनियर छात्रों पर मानसिक उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। परेशान होकर जूनियर छात्रों ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) को साझा ईमेल भेजकर शिकायत दर्ज कराई है। छात्रों का आरोप है कि सीनियर विद्यार्थी परिचय के नाम पर उनके साथ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हैं और लगातार खुद को 'बॉस' कहकर संबोधित करने का दबाव बनाते हैं। शिकायत की जानकारी मिलते ही कॉलेज प्रशासन हरकत में आ गया। प्राचार्य डॉ. बीएस जोधा ने मामले को एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपते हुए जल्द जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
परिचय के नाम पर अभद्र भाषा, 'बॉस' कहने का बनाया दबाव
जूनियर विद्यार्थियों ने अपने बैच की ओर से एक साझा ईमेल तैयार कर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को भेजा था। शिकायत में बताया गया कि सीनियर छात्र परिचय के बहाने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं और उन्हें मानसिक रूप से परेशान करते हैं। इसके अलावा, वरिष्ठ छात्र इस बात पर लगातार दबाव बनाते हैं कि कनिष्ठ विद्यार्थी हर बातचीत में उन्हें केवल 'बॉस' कहकर ही संबोधित करें। छात्रों के मुताबिक, लगातार बढ़ते दबाव और प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने आयोग से शिकायत करने का फैसला किया। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने शिकायत मिलने के बाद इसे डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन को भेजा और मामले की तत्काल जांच करने के निर्देश दिए।
एंटी रैगिंग कमेटी ने बुलाई बैठक, आरोपियों के मोबाइल फोन भी जांचे
एनएमसी से शिकायत मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्राचार्य डॉ. बीएस जोधा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे तत्काल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी के पास भेज दिया। साथ ही समिति को जल्द जांच पूरी कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद एंटी रैगिंग कमेटी ने विशेष बैठक बुलाकर शिकायत में नामजद सीनियर छात्रों को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए। बैठक में समिति के सदस्यों ने आरोपित छात्रों का पक्ष व्यक्तिगत रूप से सुना। घटना से जुड़े तथ्यों की जांच के लिए उनके मोबाइल फोन की भी गहनता से पड़ताल की गई। जूनियर छात्रों ने अपनी शिकायत में मुख्य रूप से चार से पांच सीनियर विद्यार्थियों के नाम बताए थे। हालांकि, पूछताछ और जांच के दौरान समिति के सामने यह जानकारी आई कि जिस समय कथित घटना हुई, उस समय मौके पर 10 से 15 अन्य विद्यार्थी भी मौजूद थे।
सोमवार को 10 से 15 छात्रों से होगी अलग-अलग पूछताछ
मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए एंटी रैगिंग कमेटी ने मौके पर मौजूद सभी 10 से 15 विद्यार्थियों को सोमवार को समिति के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। समिति इन सभी से अलग-अलग पूछताछ करेगी और घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी जुटाएगी।
23 दिनों में रैगिंग की दूसरी शिकायत, पहले 90 छात्रों के नंबर आए थे सामने
डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज परिसर में पिछले 23 दिनों के भीतर रैगिंग की शिकायत का यह दूसरा मामला है। इससे पहले विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के एंटी रैगिंग पोर्टल पर एक अज्ञात ईमेल के जरिए शिकायत दर्ज कराई गई थी।
उस शिकायत में शिकायतकर्ता ने कॉलेज प्रशासन को करीब 90 विद्यार्थियों के फोन नंबर भेजे थे। आरोप लगाया गया था कि सीनियर छात्र नए विद्यार्थियों को उन्हें 'बॉस' कहकर संबोधित करने के लिए मजबूर करते हैं।
हालांकि, उस मामले की जांच के बाद कॉलेज प्रशासन ने दावा किया था कि विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान रैगिंग की पुष्टि करने वाला कोई तथ्य सामने नहीं आया। अब 23 दिनों के भीतर इसी तरह की दूसरी शिकायत सामने आने से कॉलेज परिसर में रैगिंग रोकने और जूनियर विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।