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राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय: 85 फीसदी विद्यार्थी फेल, पुनर्मूल्यांकन में आधे से अधिक हुए पास, ये कैसे हुआ?
Mon, 26 Oct 2026 03:19 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: प्रतीक कुमार पाण्डेय
Updated Mon, 26 Oct 2026 03:19 PM IST
सार
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने बीएनएस चतुर्थ वर्ष के हॉस्पिटल मैनेजमेंट विषय का संशोधित परीक्षा परिणाम जारी किया है। पहले जारी परिणाम में करीब 85 प्रतिशत विद्यार्थी फेल हो गए थे। विद्यार्थियों की आपत्तियों के बाद सभी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराई गई, जिसके बाद आधे से अधिक विद्यार्थी पास हो गए।
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डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
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डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने प्राकृतिक चिकित्सा और योग विज्ञान (बीएनवाईएस) चतुर्थ वर्ष के हॉस्पिटल मैनेजमेंट विषय का नया संशोधित परीक्षा परिणाम जारी किया है। पहले किए गए मूल्यांकन में बड़ी गड़बड़ी के कारण करीब 85 प्रतिशत विद्यार्थी फेल हो गए थे। परिणाम को लेकर विद्यार्थियों की ओर से मिली आपत्तियों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच करवाई। पुनर्मूल्यांकन के उपरांत जारी संशोधित परिणाम में अब आधे से अधिक विद्यार्थी पास हो गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की इस चूक ने पूरी परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रदेश के 15 संबद्ध कॉलेजों में हड़कंप
इस गड़बड़ी से राजस्थान के 15 संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिणाम आने के बाद शुरुआत में विश्वविद्यालय प्रशासन ने दावा किया था कि पहली बार में काफी सख्त मार्किंग हुई थी, जिससे बड़ी संख्या में छात्र अनुत्तीर्ण हो गए थे। हालांकि विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजाराम अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि हॉस्पिटल मैनेजमेंट विषय की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में तकनीकी खामी आ गई थी। इसी वजह से विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों की कॉपियों का दोबारा मूल्यांकन करवाने का निर्णय लिया और परिणाम अपडेट किया।
बिना आवेदन सभी उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन
इस पूरी प्रक्रिया में सबसे खास बात यह रही कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने केवल रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की ही कॉपियां नहीं जांचीं। प्रशासन ने उन विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की भी दोबारा जांच करवाई, जिन्होंने इसके लिए कोई आवेदन या भुगतान नहीं किया था। दोबारा जांच का काम पूरा होने के बाद विश्वविद्यालय ने नया परिणाम अद्यतन कर दिया। इस संशोधन के बाद पहले फेल हुए लगभग 85 प्रतिशत विद्यार्थियों में से अब आधे से अधिक छात्र उत्तीर्ण घोषित हो गए हैं।
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छात्रों ने उठाई फीस वापसी और जांच की मांग
नया परिणाम सामने आने के बाद भी विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की पारदर्शिता पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्रों का कहना है कि जब विश्वविद्यालय प्रशासन सभी विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन करवा रहा था, तो इसकी आधिकारिक जानकारी पहले सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। इसके साथ ही रिवैल्यूएशन के लिए फीस जमा करवाने वाले विद्यार्थियों ने प्रक्रिया स्पष्ट करने और शुल्क वापस लौटाने की मांग उठाई है। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने इस पूरी लापरवाही की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
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प्रदेश के 15 संबद्ध कॉलेजों में हड़कंप
इस गड़बड़ी से राजस्थान के 15 संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिणाम आने के बाद शुरुआत में विश्वविद्यालय प्रशासन ने दावा किया था कि पहली बार में काफी सख्त मार्किंग हुई थी, जिससे बड़ी संख्या में छात्र अनुत्तीर्ण हो गए थे। हालांकि विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजाराम अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि हॉस्पिटल मैनेजमेंट विषय की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में तकनीकी खामी आ गई थी। इसी वजह से विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों की कॉपियों का दोबारा मूल्यांकन करवाने का निर्णय लिया और परिणाम अपडेट किया।
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बिना आवेदन सभी उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन
इस पूरी प्रक्रिया में सबसे खास बात यह रही कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने केवल रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की ही कॉपियां नहीं जांचीं। प्रशासन ने उन विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की भी दोबारा जांच करवाई, जिन्होंने इसके लिए कोई आवेदन या भुगतान नहीं किया था। दोबारा जांच का काम पूरा होने के बाद विश्वविद्यालय ने नया परिणाम अद्यतन कर दिया। इस संशोधन के बाद पहले फेल हुए लगभग 85 प्रतिशत विद्यार्थियों में से अब आधे से अधिक छात्र उत्तीर्ण घोषित हो गए हैं।
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छात्रों ने उठाई फीस वापसी और जांच की मांग
नया परिणाम सामने आने के बाद भी विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की पारदर्शिता पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्रों का कहना है कि जब विश्वविद्यालय प्रशासन सभी विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन करवा रहा था, तो इसकी आधिकारिक जानकारी पहले सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। इसके साथ ही रिवैल्यूएशन के लिए फीस जमा करवाने वाले विद्यार्थियों ने प्रक्रिया स्पष्ट करने और शुल्क वापस लौटाने की मांग उठाई है। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने इस पूरी लापरवाही की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।