जैसलमेर बस आग हादसा: मृतकों की पहचान के लिए DNA सैंपलिंग शुरू, रिपोर्ट के आधार पर परिजनों को सौंपे जाएंगे शव
Jaisalmer Bus Fire Accident Update: जैसलमेर बस हादसे के मृतकों की पहचान के लिए जोधपुर, जैसलमेर और फलोदी में डीएनए सैंपलिंग जारी है। जयपुर से विशेषज्ञ टीम पहुंच चुकी है। 24 घंटे में रिपोर्ट के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
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राजस्थान में जैसलमेर-जोधपुर नेशनल हाईवे पर हुई दर्दनाक बस आग दुर्घटना के बाद मृतकों की पहचान प्रक्रिया तेज हो गई है। गंभीर रूप से झुलसे शवों की पहचान न हो पाने के कारण डीएनए जांच के जरिए पहचान सुनिश्चित करने का कार्य शुरू किया गया है। जैसलमेर, जोधपुर और फलोदी में मृतकों एवं परिजनों के सैंपल लिए जा रहे हैं।
जोधपुर में शुरू हुई डीएनए सैंपलिंग
महात्मा गांधी अस्पताल जोधपुर में मृतकों की डीएनए सैंपलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह ने बताया कि शवों के आने की सूचना मिलते ही रात में ही सभी आवश्यक तैयारियां कर ली गई थीं। अस्पताल में 12 शव रखने की क्षमता है, जिनमें से 10 शव एम्स जोधपुर भेजे गए हैं, जबकि शेष शव गांधी अस्पताल में रखे गए हैं।
उन्होंने बताया कि एफएसएल की टीम और पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद हैं। परिजनों के नाम, पते, फोटो और मृतकों के रिकॉर्ड सहित सभी दस्तावेज पूरे किए जा रहे हैं, ताकि पहचान में कोई त्रुटि न हो। मृतकों का डीएनए सैंपल जैसलमेर में लिया गया था, जबकि परिजनों के सैंपल जोधपुर में लिए जा रहे हैं। दोनों सैंपलों का मिलान कर पहचान सुनिश्चित की जाएगी। पूरी प्रक्रिया 24 घंटे के भीतर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
डीएनए जांच में देरी पर परिजनों की नाराजगी
डीएनए जांच में विलंब को लेकर मृतकों के परिजनों ने जोधपुर के अस्पताल में नाराजगी जताई। उनका कहना है कि वे सुबह 6 बजे से अस्पताल में इंतजार कर रहे हैं, लेकिन जांच प्रक्रिया देर से शुरू होने के कारण शव सौंपने में समय लग रहा है। परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
जयपुर से विशेषज्ञ टीम पहुंची
मृतकों की पहचान में सटीकता सुनिश्चित करने के लिए जयपुर से चार डीएनए विशेषज्ञों की टीम जोधपुर पहुंच चुकी है। इन विशेषज्ञों की देखरेख में सैंपलिंग की प्रक्रिया चल रही है। फलोदी में भी एक वृद्ध महिला का सैंपल लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट मिलते ही शवों को परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा।
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घायलों की हालत गंभीर, निगरानी जारी
महात्मा गांधी अस्पताल के अधीक्षक ने बताया कि हादसे में घायल पांच मरीज वेंटिलेटर पर हैं, जबकि आठ की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम लगातार निगरानी कर रही है। वहीं, प्रभारी मंत्री मदन दिलावर जोधपुर पहुंचकर अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।
आर्थिक सहायता की मांग
सर्व ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष पं. एस.के. जोशी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मृतकों के परिजनों को ₹50-50 लाख और घायलों को ₹10-10 लाख की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि घायलों का निशुल्क इलाज सरकार की निगरानी में तब तक जारी रखा जाए जब तक वे पूरी तरह स्वस्थ न हो जाएं।
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