राजस्थान: जयपुर से जोधपुर का सफर होगा चार घंटे में पूरा, 11,492 करोड़ रुपये से बनेगा छह लेन एक्सप्रेस-वे
राजस्थान में जयपुर से जोधपुर होते हुए पचपदरा तक करीब 390 से 400 किलोमीटर लंबा छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाने की योजना है। लगभग 11,492 करोड़ रुपये की इस परियोजना का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) कर रहा है।
विस्तार
राजस्थान में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक बड़ी परियोजना पर काम किया जा रहा है। जयपुर से जोधपुर होते हुए पचपदरा तक छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाने की योजना है। करीब 11,492 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से किया जा रहा है। एक्सप्रेस-वे बनने के बाद जयपुर से जोधपुर का सफर छह से सात घंटे के बजाय करीब चार घंटे में पूरा हो सकेगा। इससे राजधानी जयपुर से पश्चिमी राजस्थान की दूरी कम होगी और पचपदरा रिफाइनरी तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा।
350 से बढ़कर 390-400 किलोमीटर तक हो सकती है लंबाई
प्रारंभिक प्रस्ताव में जयपुर-पचपदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की लंबाई करीब 350 किलोमीटर निर्धारित की गई थी। हालांकि, नई विस्तृत योजना के अनुसार इसकी लंबाई लगभग 390 से 400 किलोमीटर तक तय की गई है। यह छह लेन का हाईस्पीड कॉरिडोर जयपुर से शुरू होकर किशनगढ़, अजमेर, पाली और जोधपुर होते हुए पचपदरा तक पहुंचेगा। राजस्थान सरकार की आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। इस एक्सप्रेस-वे के बनने से जयपुर, अजमेर, पाली, जोधपुर और बालोतरा क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।
छह से सात घंटे का सफर घटकर चार घंटे रह जाएगा
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा यात्रा के समय में होने वाली बचत के रूप में सामने आएगा। फिलहाल जयपुर से जोधपुर पहुंचने में वाहन चालकों को छह से सात घंटे तक लग जाते हैं। छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे तैयार होने के बाद यह दूरी करीब चार घंटे में पूरी की जा सकेगी। यानी यात्रियों के दो से तीन घंटे तक बचेंगे। इसका लाभ केवल निजी वाहन चालकों को ही नहीं, बल्कि मालवाहक वाहनों को भी मिलेगा। कम समय में माल की ढुलाई होने से ईंधन की खपत घटेगी और परिवहन लागत में भी कमी आएगी। इससे व्यापारियों और उद्योगों को अपने उत्पाद एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में सहूलियत होगी।
पचपदरा रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल हब को मिलेगा सीधा फायदा
जयपुर-पचपदरा एक्सप्रेस-वे पश्चिमी राजस्थान के औद्योगिक विकास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस कॉरिडोर से पचपदरा रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल हब को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। इससे औद्योगिक इकाइयों तक कच्चा माल और तैयार उत्पाद पहुंचाना आसान होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार और पर्यटन को भी गति मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा एक्सप्रेस-वे के आसपास के ग्रामीण इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा होने की संभावना भी है।
पुराने राजमार्गों पर कम होगा वाहनों का दबाव
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनने से जयपुर-अजमेर और जोधपुर के मौजूदा व्यस्त राजमार्गों पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले भारी और मालवाहक वाहनों को नया वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। इससे पुराने राजमार्गों पर यातायात का दबाव घटेगा और स्थानीय यात्रियों को भी राहत मिलेगी।
नियंत्रित प्रवेश-निकास से सड़क दुर्घटनाओं पर लगेगा अंकुश
इस एक्सप्रेस-वे पर प्रवेश और निकास की व्यवस्था नियंत्रित रहेगी। इससे अनियंत्रित क्रॉसिंग और स्थानीय वाहनों के अचानक मुख्य मार्ग पर आने से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी। नियंत्रित गति और बेहतर सड़क सुरक्षा इंतजामों के कारण हादसों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। कुल मिलाकर जयपुर-पचपदरा छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे राजस्थान के सड़क परिवहन, औद्योगिक विकास और पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण परियोजना साबित हो सकता है। इसके पूरा होने से जयपुर और पश्चिमी राजस्थान के बीच आवागमन तेज होने के साथ माल ढुलाई भी आसान होगी।