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जोधपुर: एम्स में डॉक्टर की मौत के बाद ओपीडी के बाहर धरने पर बैठे रेजिडेंट्स, प्रशासन से मुआवजे और माफी की मांग
Wed, 23 Sep 2026 08:35 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Wed, 23 Sep 2026 08:35 PM IST
सार
एम्स में रेजिडेंट डॉक्टर की संदिग्ध मौत के बाद डॉक्टरों ने काम का बहिष्कार कर दिया। ओपीडी के बाहर धरने पर बैठे रेजिडेंट डॉक्टर मुआवजे और प्रशासन की सार्वजनिक माफी की मांग कर रहे हैं। पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है।
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रेजिडेंट डॉक्टर की संदिग्ध मौत के बाद धरने पर बैठे डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जोधपुर एम्स में एनेस्थीसिया विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर की संदिग्ध हालात में मौत के बाद बुधवार को रेजिडेंट डॉक्टरों ने काम का बहिष्कार कर दिया। सभी रेजिडेंट डॉक्टर मुआवजा देने और प्रशासन के माफी मांगने की मांग को लेकर ओपीडी के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। डॉक्टरों ने एम्स परिसर में कैंडल मार्च निकालने का भी एलान किया। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
बाथरूम में अचेत मिले थे डॉक्टर
गौरतलब है कि 29 वर्षीय रेजिडेंट डॉ. राजनरेश यादव एम्स जोधपुर से एमबीबीएस करने के बाद यहीं से ही पीजी कर रहे थे। उनके पिता नरेश कुमार अलवर के बड़ा जोड़ के पास रहते हैं, जबकि उनका बड़ा भाई दिल्ली एम्स में डॉक्टर है। मंगलवार सुबह एनेस्थीसिया विभाग में ड्यूटी पर आए डॉ. राजनरेश की ऑपरेशन थिएटर में ड्यूटी थी। दोपहर लगभग एक बजे वे बीच में रेस्ट रूम के बाथरूम में गए। काफी देर तक वापस नहीं आने पर ओटी प्रभारी ने उनकी खोजबीन शुरू करवाई। जब साथियों ने देखा तो रेस्ट रूम का बाथरूम अंदर से बंद था।
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संदेह होने पर साथियों ने बाथरूम का दरवाजा तोड़ा। अंदर डॉ. राजनरेश अचेत अवस्था में पड़े थे, उन्हें तुरंत ओटी में लाकर प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की गई लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। बासनी थाना अधिकारी नितिन दवे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल वाले कमरे को सीज कर दिया। पुलिस को मौके पर सीरिंज और इंजेक्शन मिला। शुरुआती जांच में खुद को सीरिंज लगाकर खुदकुशी करने या ओवरडोज की आशंका जताई जा रही है। हालांकि जांच के बाद ही मौत का वास्तविक कारण पता चलेगा।
जांच के लिए मोबाइल जब्त
पुलिस ने मौके से जरूरी सबूत जुटाने के साथ ही मृतक डॉक्टर का मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिया है। इसे फोरेंसिक जांच के लिए भिजवाया जाएगा। पुलिस ने शव को एम्स की मोर्चरी में रखवा दिया है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। उधर रेजिडेंट डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार और ओपीडी के बाहर धरने के चलते अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलनकारी डॉक्टरों का कहना है कि एम्स प्रशासन इस मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
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बाथरूम में अचेत मिले थे डॉक्टर
गौरतलब है कि 29 वर्षीय रेजिडेंट डॉ. राजनरेश यादव एम्स जोधपुर से एमबीबीएस करने के बाद यहीं से ही पीजी कर रहे थे। उनके पिता नरेश कुमार अलवर के बड़ा जोड़ के पास रहते हैं, जबकि उनका बड़ा भाई दिल्ली एम्स में डॉक्टर है। मंगलवार सुबह एनेस्थीसिया विभाग में ड्यूटी पर आए डॉ. राजनरेश की ऑपरेशन थिएटर में ड्यूटी थी। दोपहर लगभग एक बजे वे बीच में रेस्ट रूम के बाथरूम में गए। काफी देर तक वापस नहीं आने पर ओटी प्रभारी ने उनकी खोजबीन शुरू करवाई। जब साथियों ने देखा तो रेस्ट रूम का बाथरूम अंदर से बंद था।
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संदेह होने पर साथियों ने बाथरूम का दरवाजा तोड़ा। अंदर डॉ. राजनरेश अचेत अवस्था में पड़े थे, उन्हें तुरंत ओटी में लाकर प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की गई लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। बासनी थाना अधिकारी नितिन दवे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल वाले कमरे को सीज कर दिया। पुलिस को मौके पर सीरिंज और इंजेक्शन मिला। शुरुआती जांच में खुद को सीरिंज लगाकर खुदकुशी करने या ओवरडोज की आशंका जताई जा रही है। हालांकि जांच के बाद ही मौत का वास्तविक कारण पता चलेगा।
जांच के लिए मोबाइल जब्त
पुलिस ने मौके से जरूरी सबूत जुटाने के साथ ही मृतक डॉक्टर का मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिया है। इसे फोरेंसिक जांच के लिए भिजवाया जाएगा। पुलिस ने शव को एम्स की मोर्चरी में रखवा दिया है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। उधर रेजिडेंट डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार और ओपीडी के बाहर धरने के चलते अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलनकारी डॉक्टरों का कहना है कि एम्स प्रशासन इस मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।