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Jodhpur Cylinder Blast: पिता की पहले ही मौत, ब्लास्ट में झुलसे मां-भाई ने तोड़ा दम, उजड़ गया मासूम का 'संसार'

Wed, 14 Dec 2022 10:11 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Wed, 14 Dec 2022 10:11 PM IST
सार

सिलेंडर ब्लास्ट हादसे में 13 साल का रावल अनाथ हो गया। वह मां जसुकंवर (33) और अपने छोटे भाई के साथ मामा की शादी में आया था। हादसे में उसकी उसकी मां और भाई बुरी तरह से झुलस गए थे। महात्मा गांधी अस्पताल में चार दिन चले इलाज के बाद दोनों की मौत हो गई।

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Jodhpur marriage Cylinder Blast painful story of rawal father mother and brother died
अनाथ हो गया 13 साल का रावल। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राजस्थान के जोधपुर ब्लास्ट मामले में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों की संख्या में हर दिन इजाफा हो रहा है। 20-25 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। जो लोग जोधपुर के भूंगरा गांव में शादी समारोह में शामिल होने आए थे उन्हें ऐसे जख्म मिल गए जिन्हें कभी नहीं भरेंगे। ऐसी ही दर्दनाक कहानी है मासूम रावल की। आइए अब जानते रावल की कहानी जिसका पूरा संसार ही उजड़ गया।  

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सिलेंडर ब्लास्ट हादसे में 13 साल का रावल अनाथ हो गया। वह मां जसुकंवर (33) और अपने छोटे भाई के साथ मामा की शादी में आया था। हादसे में उसकी उसकी मां और भाई बुरी तरह से झुलस गए थे। महात्मा गांधी अस्पताल में चार दिन चले इलाज के बाद दोनों की मौत हो गई। अब रावल का इस दुनिया में कोई नहीं बचा है। साल 2018 में उसके पिता का भी निधन हो गया था।  
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रावल के पिता की मौत के बाद उसकी मां जसुकंवर ही घर की जिम्मेदारी उठा रही थी। वह अपने दोनों बच्चों को पढ़ा-लिखा रही थी। वह अपने भाई की शादी में शामिल होने के लिए दोनों बच्चों के साथ आई थी। हादसे से कुछ देर पहले रावल बारात जाने वाली गाड़ियों के पास चला गया था। उसकी मां और छोटा भाई घर में ही थे।
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सिलेंडर फटते ही घर में आग फैल गई और दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। रावल घर के बाहर था इसलिए बच गया। मां और भाई को खोने के बाद उसका रो-रोकर बुरा हाल है। आस-पड़ोस और परिवार के लोग उसे संभाल रहें, लेकिन वह अपनी मां और भाई को याद कर बार-बार बिलख पड़ता है।  

आठ दिसंबर को क्या हुआ था?
जोधपुर जिले के शेरगढ़ के भूंगरा गांव में गुरुवार को शक्ति सिंह के बेटे सुरेंद्र सिंह की बारात खोखसर जानी थी। शादी समारोह में शामिल होने के लिए 300 लोगों की भीड़ जुटी हुई थी। बारात निकलने की तैयारी थी, बारात में जाने के लोग तैयार हो रहे थे। घर में महिलाओं और बच्चों सहित लोगों की भीड़ थी। चार बजे बारात निकलने का समय तय किया गया था। इससे पहले बारातियों के लिए चाय बनाई जा रही थी। इस दौरान अचानक सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया, धमाके के साथ गैस और आग पूरे घर में फैल गई। 


महिलाएं और बच्चों सहित कुछ लोग आग से घिर गए। महिलाओं और बच्चों को बचाने कुछ लोग जलती आग के बीच से अंदर गए, इस दौरान वह भी झुलस गए। कुछ लोग जलते हुए घर के अंदर से बाहर निकले, यह देखकर हर कोई दंग रह गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि हर कोई अंदर जाने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहा था। हादसे में पांच लोगों की मौत उसी दिन हो गई, जबकि दूल्हे और उसके माता-पिता सहित 60 लोग झुलस गए। जिन्हें इलाज के लिए महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। कई गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती हैं।   

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