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Jodhpur Cylinders Blast: चश्मदीद बोला- हम बेबस थे, अंदर लोग जल रहे थे, उधर जलते सिलेंडर उठाकर भागा कांस्टेबल

Fri, 09 Dec 2022 10:52 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Fri, 09 Dec 2022 10:52 PM IST
सार

बारात निकलने की तैयारी थी, घर में महिलाओं और बच्चों सहित लोगों की भीड़ थी। बारातियों के लिए चाय बनाई जा रही थी। इस दौरान अचानक सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया, धमाके के साथ गैस और पूरे घर में फैल गई। हादसे में पांच लाेगों की मौत हो गई और 40 से अधिक झुलस गए। 

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Jodhpur Cylinders Blast Case Eye witness Ravindra Singh Constable Dungar Singh showed bravery
कांस्टेबल डूंगर सिंह और चश्मदीद रविंद्र सिंह। - फोटो : सोशल मीडिया

राजस्थान के जोधपुर जिले में शादी समारोह में करीब तीन गैस सिलेंडर ब्लास्ट हुए। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि दूल्हे और उसके माता-पिता सहित 60 लोग झुलस गए। ये भयानक हादसा शेरगढ़ के पास भूंगरा गांव में गुरुवार दोपहर सवा तीन बजे हुआ था। गांव के रहने वाले तख्त सिंह के घर में शादी समारोह था, बारात घर से रवाना होने वाली थी, तभी अचानक सिलेंडर फट गए। घायलों को अस्पताल में इलाज चल रहा है।



इस हादसे में कांस्टेबल डूंगर सिंह ने बहादुरी का काम किया। जिसकी जमकर चर्चा हो रही हैं। वहीं, सिलेंडर ब्लास्ट के चश्मदीद रविंद्र सिंह का बयान भी सामने आया है। जिसमें वे हादसे की खौफनाक कहानी बता रहे हैं। आइए, जानते हैं कैसे हादसा हुआ और कैसे कांस्टेबल ने बहादुरी दिखाकर लोगों की जान बचाई? 

Jodhpur Cylinders Blast Case Eye witness Ravindra Singh Constable Dungar Singh showed bravery
सिलेंडर फटने से ब्लास्ट - फोटो : सोशल मीडिया

हादसे के चश्मदीद रविंद्र सिंह क्या बोले?
बारात निकलने की तैयारी थी, बारात में जाने के लोग तैयार हो रहे थे। घर में महिलाओं और बच्चों सहित लोगों की भीड़ थी। चार बजे बारात निकलने का समय तय किया गया था। इससे पहले बारातियों के लिए चाय बनाई जा रही थी। इस दौरान अचानक सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया, धमाके के साथ गैस और पूरे घर में फैल गई। महिलाएं और बच्चों सहित कुछ लोग आग से घिर गए। महिलाओं और बच्चों को बचाने कुछ लोग जलती आग के बीच से अंदर गए, इस दौरान वह भी झुलस गए। कुछ लोग जलते हुए घर के अंदर से बाहर निकले, यह देखकर हर कोई दंग रह गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि हर कोई अंदर जाने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहा था। 

रविंद्र सिंह ने बताया कि वह दूल्हे सुरेंद्र सिंह का रिश्तेदार है। जिस दौरान ये हादसा हुआ उस समय वह घर के बाहर खड़ा था। आग लगते ही घर में चीख-पुकार मच गई थी। आग से झुलसे लोगों को बाहर लाया गया या वे खुद बाहर आए तो उनकी हालत गंभीर थी। जिन गाड़ियों से बारात जानी थी, उनमें घायलों को अस्पताल ले जाया गया। रविंद्र बताते हैं आग लगने के बाद मैं अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन घर में नहीं घुस सका। इस हादसे में परिवार का सबकुछ जल गया है। शादी में आए रिश्तेदारों के कपड़े और गहने भी जलकर राख हो गए हैं। दुल्हन, परिवार और रिश्तेदारों के गहने देखें जाएं तो करीब पचास तोला सोना ही आग में जल गया है।

Jodhpur Cylinders Blast Case Eye witness Ravindra Singh Constable Dungar Singh showed bravery
Jodhpur Cylinders Blast - फोटो : अमर उजाला

जलते सिलेंडर हाथ से उठाकर भागे कांस्टेबल डूंगर सिंह  
दोपहर के करीब साढ़े तीन बजे थे, कांस्टेबल डूंगर सिंह के पास शेरगढ़ थाने से कॉल आया था। उन्हें बताया गया कि भूंगरा गांव में शादी समारोह में आग लग गई है, जल्दी मौके पर पहुंचे। डूंगर सिंह मौके पर पहुंचे तो वहां महिलाएं चिल्ला रही थीं, लोग इधर-उधर भाग रहे थे। इसी बीच किसी ने कहा कि अंदर एक आदमी जल रहा है। 

कांस्टेबल डूंगर सिंह अंदर की ओर भागे, उन्होंने देखा तो तीन सिलेंडर फट चुके थे और दो सिलेंडर जल रहे थे, जो कभी भी फट सकते थे। अगर, ऐसा होता तो और बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों को बचाने के लिए डूंगर सिंह ने जलते हुए दोनों सिलेंडरों को एक-एक हाथ से उठाया और बाहर की तरफ दौड़े। इस दौरान उनका हाथ भी जल गया, लेकिन इस जांबाजी से उन्होंने और बड़ा हादसा होने से बचा लिया। शुक्रवार को सीएम अशोक गहलोत ने डूंगर सिंह की तारीफ की और प्रमोशन देने की बात भी कही। अब उन्हें गैलेंट्री प्रमोशन दिया जाएगा।

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सीएम अशोक गहलोत ने कांस्टेबल से की मुलाकात। - फोटो : अमर उजाला

कौन हैं कांस्टेबल डूंगर सिंह?
कांस्टेबल डूंगर सिंह 30 साल के हैं। वह बड़मेर के थाना गिडा इलाके के मानपुर गांव के रहने वाले हैं। पुलिस सेवा में उनका चयन 2013 में हुआ था। वर्तमान में वह शेरगढ़ थाना की सेखाला चौकी पर तैनात हैं। यह चौकी घटना स्थल से करीब सात किमी की दूरी पर है। सूचना मिलने पर डूंगर सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे और बहादुरी दिखाकर लोगों की जान बचाई।  

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