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राजस्थान: पति की मौत के बाद छिनने वाला था आशियाना, सेना के अधिकारियों ने ऐसे बचाया पूर्व सैनिक की पत्नी का घर
Mon, 02 Nov 2026 05:35 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Mon, 02 Nov 2026 05:35 PM IST
सार
राजस्थान के झुंझुनूं में पूर्व सैनिक की पत्नी का मकान नीलाम होने से बचा लिया गया। पति की मौत के बाद कर्ज की अदायगी नहीं होने पर वित्तीय कंपनी ने मकान पर ताला लगाकर नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
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एआई तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झुंझुनू के जसरापुर क्षेत्र के देवता गांव में पूर्व सैनिक कल्याण समिति और सेना के अधिकारियों ने एकजुट होकर दिवंगत सैनिक की पत्नी के घर को नीलाम होने से बचा लिया। दिवंगत पूर्व सैनिक ने अपने जीवनकाल के दौरान जयपुर की एक वित्तीय कंपनी से कर्ज लिया था।
उनके निधन के बाद कर्ज की अदायगी न हो पाने के कारण कंपनी ने न्यायालय के आदेश के अधीन मकान पर ताला लगा दिया था और संपत्ति की नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी थी। पीड़िता ने सहायता के लिए कई स्थानों पर गुहार लगाई, परंतु उन्हें राहत नहीं मिली। अंततः असहाय पीड़िता मदद की उम्मीद में चिड़ावा स्थित जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल सुरेश जांगिड़ के पास पहुंचीं।
निशुल्क पैरवी और ट्रिब्यूनल से स्थगनादेश
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कर्नल सुरेश जांगिड़ ने सेना के उच्च अधिकारियों और पूर्व सैनिकों से तत्काल संपर्क स्थापित किया। इसके पश्चात, पूर्व कर्नल शौकत अली खान की विशेष पहल पर अधिवक्ता एन.के. शर्मा ने बिना कोई शुल्क लिए ट्रिब्यूनल में पीड़ित महिला का पक्ष मजबूती से रखा।
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अधिवक्ता की प्रभावी पैरवी के बाद जयपुर स्थित वित्तीय ट्रिब्यूनल ने मकान की नीलामी कार्रवाई पर रोक लगा दी। ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में शर्त रखी कि कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा कराने के बाद चार दिसंबर को समझौते के लिए बातचीत की जाएगी।
कर्नल ने अपनी जेब से दी सहायता राशि
जब पीड़ित परिवार ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित 10 प्रतिशत की राशि जुटाने में असमर्थ दिखाई दिया, तब कर्नल सुरेश जांगिड़ ने स्वयं आगे बढ़कर 2,34,775 रुपये का चेक जारी करके तय राशि जमा करवा दी। इस मानवीय कार्य के साथ ही खेतड़ी पूर्व सैनिक कल्याण समिति के अध्यक्ष कैप्टन केशर देव तथा सचिव हवलदार विनोद सिंह सहित अन्य वरिष्ठ पूर्व सैनिकों ने भी परिवार को आर्थिक संबल देने का पूर्ण आश्वासन दिया है और सहायता राशि जुटानी आरंभ कर दी है।
ये भी पढ़ें- झुंझुनूं हादसे पर पीएम ने जताया दुख: मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख व घायलों को 50 हजार रुपये देने का एलान
चार दिसंबर को समझौते के बाद घर की पूर्ण वापसी
पूर्व सैनिक कल्याण समिति द्वारा जुटाई जा रही सहायता राशि और महिला को मिलने वाली पेंशन की मदद से चार दिसंबर की वार्ता के बाद बचा हुआ सारा कर्ज चुकाने की योजना बनाई गई है। इस प्रयास का उद्देश्य सैनिक के परिवार को उनका आशियाना पूरी तरह से वापस दिलाना है। पूर्व सैनिकों और सेना के अधिकारियों की इस सामूहिक पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।
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उनके निधन के बाद कर्ज की अदायगी न हो पाने के कारण कंपनी ने न्यायालय के आदेश के अधीन मकान पर ताला लगा दिया था और संपत्ति की नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी थी। पीड़िता ने सहायता के लिए कई स्थानों पर गुहार लगाई, परंतु उन्हें राहत नहीं मिली। अंततः असहाय पीड़िता मदद की उम्मीद में चिड़ावा स्थित जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल सुरेश जांगिड़ के पास पहुंचीं।
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निशुल्क पैरवी और ट्रिब्यूनल से स्थगनादेश
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कर्नल सुरेश जांगिड़ ने सेना के उच्च अधिकारियों और पूर्व सैनिकों से तत्काल संपर्क स्थापित किया। इसके पश्चात, पूर्व कर्नल शौकत अली खान की विशेष पहल पर अधिवक्ता एन.के. शर्मा ने बिना कोई शुल्क लिए ट्रिब्यूनल में पीड़ित महिला का पक्ष मजबूती से रखा।
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अधिवक्ता की प्रभावी पैरवी के बाद जयपुर स्थित वित्तीय ट्रिब्यूनल ने मकान की नीलामी कार्रवाई पर रोक लगा दी। ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में शर्त रखी कि कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा कराने के बाद चार दिसंबर को समझौते के लिए बातचीत की जाएगी।
कर्नल ने अपनी जेब से दी सहायता राशि
जब पीड़ित परिवार ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित 10 प्रतिशत की राशि जुटाने में असमर्थ दिखाई दिया, तब कर्नल सुरेश जांगिड़ ने स्वयं आगे बढ़कर 2,34,775 रुपये का चेक जारी करके तय राशि जमा करवा दी। इस मानवीय कार्य के साथ ही खेतड़ी पूर्व सैनिक कल्याण समिति के अध्यक्ष कैप्टन केशर देव तथा सचिव हवलदार विनोद सिंह सहित अन्य वरिष्ठ पूर्व सैनिकों ने भी परिवार को आर्थिक संबल देने का पूर्ण आश्वासन दिया है और सहायता राशि जुटानी आरंभ कर दी है।
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चार दिसंबर को समझौते के बाद घर की पूर्ण वापसी
पूर्व सैनिक कल्याण समिति द्वारा जुटाई जा रही सहायता राशि और महिला को मिलने वाली पेंशन की मदद से चार दिसंबर की वार्ता के बाद बचा हुआ सारा कर्ज चुकाने की योजना बनाई गई है। इस प्रयास का उद्देश्य सैनिक के परिवार को उनका आशियाना पूरी तरह से वापस दिलाना है। पूर्व सैनिकों और सेना के अधिकारियों की इस सामूहिक पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।