{"_id":"6ae89ab808c9b26cb70f8ef5","slug":"jhunjhunu-chhapoli-accident-pm-modi-announces-financial-assistance-for-victims-2026-11-02","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"झुंझुनूं में मिक्सर मशीन में दौड़ा था करंट: आठ मजदूरों की गई जान, पूर्व सीएम गहलोत समेत इन्होंने उठाया सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झुंझुनूं में मिक्सर मशीन में दौड़ा था करंट: आठ मजदूरों की गई जान, पूर्व सीएम गहलोत समेत इन्होंने उठाया सवाल
Mon, 02 Nov 2026 08:08 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/ झुंझुनूं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/ झुंझुनूं
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Mon, 02 Nov 2026 08:08 PM IST
सार
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में आठ मजदूरों की मौत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। वहीं, विपक्ष ने इस मुद्दे पर सवाल खड़ा किया है। चलिए जानते हैं किसने क्या कहा है?
विज्ञापन
छापोली में दर्दनाक हादसा: करंट लगने से आठ मजदूरों की मौत, मौके की तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झुंझुनूं जिले के छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान करंट लगने से आठ मजदूरों की मौत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को दो लाख रुपये दिए जाएंगे। हादसे में घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। प्रधानमंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
हादसा सोमवार सुबह उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली गांव में हुआ। सड़क निर्माण में इस्तेमाल हो रही कंक्रीट मिक्सर मशीन का हाइड्रोलिक जैक ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। इससे मशीन में करंट फैल गया और वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे में आठ लोगों की मौत हुई, जबकि पांच अन्य झुलस गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
हादसा सोमवार सुबह उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली गांव में हुआ। सड़क निर्माण में इस्तेमाल हो रही कंक्रीट मिक्सर मशीन का हाइड्रोलिक जैक ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। इससे मशीन में करंट फैल गया और वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे में आठ लोगों की मौत हुई, जबकि पांच अन्य झुलस गए।
विज्ञापन
Trending Videos
हाईटेंशन लाइन से टकराई मिक्सर मशीन
हादसा छापोली-कदंब कुंड मार्ग पर सीकर-नीमकाथाना स्टेट हाईवे से करीब 150 मीटर दूर हुआ। उदयपुरवाटी थानाधिकारी रामपाल के अनुसार, रोड़ी-बजरी मिलाने वाली मशीन का हाइड्रोलिक जैक बिजली के तार से छू गया था। घायल मजदूर गीदाराम सैनी ने बताया कि वे मशीन को धक्का देकर दूसरी जगह ले जा रहे थे, तभी वह तार के संपर्क में आ गई। उस समय मौके पर करीब 12 से 13 लोग मौजूद थे।
हादसे में हालेड़ा मांडवारा निवासी हरिराम गुर्जर (30), मंगलचंद गुर्जर (22), कालूराम गुर्जर (29) और पवन गुर्जर (23) की मौत हो गई। छापोली निवासी ठेकेदार विष्णु सैनी (38), सुरेंद्र उर्फ सुरेश सैनी (30), मुकेश सैनी (27) और फतेहचंद सैनी (32) ने भी जान गंवाई। पांच घायलों को उपचार के लिए उदयपुरवाटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
हादसा छापोली-कदंब कुंड मार्ग पर सीकर-नीमकाथाना स्टेट हाईवे से करीब 150 मीटर दूर हुआ। उदयपुरवाटी थानाधिकारी रामपाल के अनुसार, रोड़ी-बजरी मिलाने वाली मशीन का हाइड्रोलिक जैक बिजली के तार से छू गया था। घायल मजदूर गीदाराम सैनी ने बताया कि वे मशीन को धक्का देकर दूसरी जगह ले जा रहे थे, तभी वह तार के संपर्क में आ गई। उस समय मौके पर करीब 12 से 13 लोग मौजूद थे।
हादसे में हालेड़ा मांडवारा निवासी हरिराम गुर्जर (30), मंगलचंद गुर्जर (22), कालूराम गुर्जर (29) और पवन गुर्जर (23) की मौत हो गई। छापोली निवासी ठेकेदार विष्णु सैनी (38), सुरेंद्र उर्फ सुरेश सैनी (30), मुकेश सैनी (27) और फतेहचंद सैनी (32) ने भी जान गंवाई। पांच घायलों को उपचार के लिए उदयपुरवाटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
पीएम मोदी। फाइल फोटो
- फोटो : IANS
पीएम मोदी ने जताया दुख, दो-दो लाख रुपये की सहायता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को घायलों का उचित उपचार कराने, प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता देने और हादसे की जांच के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को घायलों का उचित उपचार कराने, प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता देने और हादसे की जांच के निर्देश दिए।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
गहलोत ने जांच और पर्याप्त मुआवजे की मांग की
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हादसे को बेहद पीड़ादायक बताते हुए इसकी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि सड़क निर्माण के दौरान दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। गहलोत ने मृतकों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा और हरसंभव सहायता देने की मांग भी की।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी हादसे की निष्पक्ष जांच कराने और जवाबदेही तय करने की बात कही। उनका कहना है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हादसे को बेहद पीड़ादायक बताते हुए इसकी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि सड़क निर्माण के दौरान दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। गहलोत ने मृतकों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा और हरसंभव सहायता देने की मांग भी की।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी हादसे की निष्पक्ष जांच कराने और जवाबदेही तय करने की बात कही। उनका कहना है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा
- फोटो : अमर उजाला
राजेंद्र गुढ़ा बोले- परिवारों को 20 से 25 लाख रुपये की मदद मिले
पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने मृतकों के परिवारों को 20 से 25 लाख रुपये की सहायता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि मृतक गरीब परिवारों से थे और सरकार को उनकी मदद करनी चाहिए। ग्रामीणों ने मृतकों के आश्रितों को संविदा पर नौकरी और प्रत्येक परिवार को दो-दो करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग भी उठाई।
मंत्री खर्रा बोले- वन विभाग की जमीन पर बिना प्रस्ताव बन रही थी सड़क
हादसे की सूचना पर यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को घटना की जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि सड़क का निर्माण सरकारी योजना के तहत नहीं हो रहा था। उनके अनुसार, यह वन विभाग की जमीन पर बिना प्रस्ताव के बनाई जा रही थी।
खर्रा ने कहा कि यदि यह सार्वजनिक रास्ता था तो पंचायत के माध्यम से प्रस्ताव और जमीन के डायवर्जन की प्रक्रिया अपनाई जा सकती थी। उन्होंने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने मृतकों के परिवारों को 20 से 25 लाख रुपये की सहायता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि मृतक गरीब परिवारों से थे और सरकार को उनकी मदद करनी चाहिए। ग्रामीणों ने मृतकों के आश्रितों को संविदा पर नौकरी और प्रत्येक परिवार को दो-दो करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग भी उठाई।
मंत्री खर्रा बोले- वन विभाग की जमीन पर बिना प्रस्ताव बन रही थी सड़क
हादसे की सूचना पर यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को घटना की जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि सड़क का निर्माण सरकारी योजना के तहत नहीं हो रहा था। उनके अनुसार, यह वन विभाग की जमीन पर बिना प्रस्ताव के बनाई जा रही थी।
खर्रा ने कहा कि यदि यह सार्वजनिक रास्ता था तो पंचायत के माध्यम से प्रस्ताव और जमीन के डायवर्जन की प्रक्रिया अपनाई जा सकती थी। उन्होंने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
ग्रामीणों की जुटी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने बिजली लाइन बदलने में लापरवाही का आरोप लगाया
ग्रामीणों का आरोप है कि 11 केवी की बिजली लाइन पहले सड़क से दूर थी, लेकिन कुछ दिन पहले इसे बदलकर रास्ते के ऊपर से निकाल दिया गया। उनका कहना है कि तार नीचे होने के कारण मशीन उसके संपर्क में आई और हादसा हुआ। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर पहले से मौजूद खतरे को नजरअंदाज करने का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों की जांच की जा रही है।
ये भी पढ़ें- राजस्थान: पति की मौत के बाद छिनने वाला था आशियाना, सेना के अधिकारियों ने ऐसे बचाया पूर्व सैनिक की पत्नी का घर
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क का निर्माण जन सहयोग से कराया जा रहा था। इसके लिए गांव के लोगों ने पैसे जुटाए थे। करीब तीन-चार महीने से काम चल रहा था और बीच-बीच में रुक जाता था। सोमवार को ठेकेदार विष्णु सैनी ने ग्रामीणों के कहने पर फिर से काम शुरू किया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि 11 केवी की बिजली लाइन पहले सड़क से दूर थी, लेकिन कुछ दिन पहले इसे बदलकर रास्ते के ऊपर से निकाल दिया गया। उनका कहना है कि तार नीचे होने के कारण मशीन उसके संपर्क में आई और हादसा हुआ। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर पहले से मौजूद खतरे को नजरअंदाज करने का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों की जांच की जा रही है।
ये भी पढ़ें- राजस्थान: पति की मौत के बाद छिनने वाला था आशियाना, सेना के अधिकारियों ने ऐसे बचाया पूर्व सैनिक की पत्नी का घर
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क का निर्माण जन सहयोग से कराया जा रहा था। इसके लिए गांव के लोगों ने पैसे जुटाए थे। करीब तीन-चार महीने से काम चल रहा था और बीच-बीच में रुक जाता था। सोमवार को ठेकेदार विष्णु सैनी ने ग्रामीणों के कहने पर फिर से काम शुरू किया था।