फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jhimkori Devi was stopped thinking of her as dead know whole matter In Jhunjhunu Nawalgarh

Rajasthan News: इंसान के जिस्म से ज्यादा कागज पर जिंदा होना जरूरी है, जान लीजिए पूरा मामला

Thu, 18 May 2023 08:17 AM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 18 May 2023 08:17 AM IST
सार

Jhunjhunu News: मोहनलाल नेहरा की 80 वर्षीया पत्नी झिमकोरी देवी को वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी। कुछ दिन पहले विभागीय खानापूर्ति में उसे कागजों में मरा हुआ घोषित कर दिया और पेंशन बंद कर दी।

विज्ञापन
Jhimkori Devi was stopped thinking of her as dead know whole matter In Jhunjhunu Nawalgarh
झिमकोरी देवी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

आपने अभिनेता पंकज त्रिपाठी की फिल्म कागज जरूर देखी होगी, जिसमें एक व्यक्ति को दस्तावेजों में मरा हुआ घोषित कर दिया जाता है। इसके बाद वह आदमी खुद को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटता है। यानी इंसान का जिस्म से ज्यादा कागज पर जिंदा होना जरूरी है।

विज्ञापन


ऐसा ही एक मामला नवलगढ़ (झुंझुनूं) में भी सामने आया है। इलाके के कोलसिया गांव की नेहरों की ढाणी निवासी मोहनलाल नेहरा की पत्नी झिमकोरी देवी (80) को वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी। कुछ दिन पहले विभागीय खानापूर्ति में उसे कागजों में मरा हुआ घोषित कर दिया।
विज्ञापन


17 मार्च को मृत मान बंद की वृद्धावस्था पेंशन...
जब पेंशन बंद हो गई तब महिला ने परिचितों के जरिए पता लगाया तो मालूम चला कि वह मर चुकी है। तब से झिमकोरी अपने आपको जिंदा साबित करने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही है। महिला मंगलवार को जाखल में लगे स्थायी महंगाई राहत कैंप में भी अपने आपको जिंदा साबित करने के लिए पहुंच गई, लेकिन वहां पर भी उसकी किसी ने सुनवाई नहीं की। महिला के बेटे जयवीर ने बताया कि उसकी मां को जनवरी तक वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद पेंशन अपने आप बंद हो गई। जब पेंशन बंद होने के कारणों का पता किया गया तो सामने आया कि दस्तावेजों में झिमकोरी देवी को मृत घोषित कर पेंशन बंद की जा चुकी है। तब से महिला अपने बेटे के साथ चक्कर काट रही है। महिला कह रही है कि मैं 100 साल की हो गई हूं और अभी जिंदा हूं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि किस सरकारी कर्मचारी की गलती से महिला को मृत बता दिया गया। किसान नेता सुभाष बुगालिया ने भी प्रशासन से पीड़ित वृद्ध महिला की मदद करने की मांग की है, ताकि महिला की पेंशन दोबारा शुरू हो सके। राकेश कुमार, बीडीओ नवलगढ़ ने कहा, इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं मिली। इस मामले को दिखवाता हूं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed