Rajasthan: जालोर में आरटीआई लगाकर ब्लैकमेलिंग का आरोप, ठेकेदार से वसूले सात लाख रुपये
जालोर में आरटीआई के आधार पर शिकायत कर ब्लैकमेलिंग करने का मामला सामने आया है। एक ठेकेदार ने चार लोगों पर सात लाख रूपये वसूलने का आरोप लगाया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जालोर के भीनमाल नगरपालिका के एक पंजीकृत ठेकेदार के किए कार्य की आरटीआई के आधार पर शिकायत कर सात लाख रुपए वसूलने का मामला सामने आया है। ठेकेदार ने चार लोगों पर आरटीआई सूचना मंगाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है।
भीनमाल शहर निवासी नियाज खां पुत्र बाबू खां ने पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट दी। जिसमें उसने बताया कि वह नगरपालिका भीनमाल में पंजीकृत ठेकेदार है। वह नगरपालिका के विभिन्न निर्माण कार्यों के ठेके लेता है। नगरपालिका भीनमाल में घाचियों के चौहटे से अलग-अलग भागों में क्षेमकरी माताजी मार्ग पर सी.सी. सड़क निर्माण अन्य कार्य के ठेके लिए थे। नबूखां पुत्र फतेखां, उसका पुत्र रफीकखां पुत्र नबूखां कोटवाल निवासी भीनमाल, हाजी कस्तुरखां वल्द भबूता कोटवाल निवासी सुराणा तहसील सायला और उम्मेदसिंह पुत्र किशोरसिंह भोमिया राजपूत निवासी निम्बावास आदतन ब्लैकमेलर हैं। आरोपी जगह-जगह सरकारी विभागों में सूचना मंगाकर झूठी शिकायतें कर लोगों को ब्लेकमेल करते हैं।
झूठे परिवाद दायर करवाने का आरोप
पीड़ित ठेकेदार ने बताया कि चारों आरोपियों ने आपस में पड्यंत्र रचकर मेरे द्वारा नगरपालिका में करवाए गए विभिन्न कार्य की बार-बार उम्मेदसिंह के नाम से और रफीक खां ने आरटीआई लगाकर मेरी झूठी शिकायतें की। इन आरोपियों ने आपस में षड्यंत्र रचकर उम्मेदसिंह के नाम से सूचना के अधिकार के तहत सूचना मांगी और उसकी अपील की। उम्मेदसिंह ने साल 2020 से लगातार दिनांक फरवरी 2022 तक सूचनाएं मांगी और झूठे ज्ञापन लिखे। इनके द्वारा उपखण्ड अधिकारी भीनमाल, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जालोर, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर, पुलिस अधीक्षक जालोर, उप निदेशक स्वायत्त शासन जोधपुर, डीडीआर जयपुर, पुलिस थाना भीनमाल, वाणिज्यिक कर विभाग भीनमाल में कई बार मेरे ठेकेदारी कार्य पर झूठे परिवाद पेश किए।
पीड़ित ने आरोपियों के दिए लाखों रुपये
कार्य में बाधा आने पर मैं आरोपियों से मिला। आरोपियों ने राजीनामे के नाम पर मुझसे 7 लाख 51 हजार रुपये मांगे। मैंने जैसे तैसे करके पहले एक लाख और फिर दो लाख रुपये दिए। उसके बाद इन्होंने मेरी शिकायतें वापस ले ली। इसके बाद आरोपियों ने फिर से 8 लाख की मांग की, रुपए नहीं देने पर चारों आरोपियों ने फिर से आरटीआई लगाकर मेरी शिकायत कर दी। पुलिस ने चारो आरोपियों के खिलाफ धारा 384, 420 और 120 बी में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।