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Jaisalmer News: धोरों की धरती से पानी का फव्वारा फूटने के बाद मौके पर पहुंचे जांच दल, रिपोर्ट से सामने आएगा सच
Tue, 31 Dec 2024 10:17 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Tue, 31 Dec 2024 10:17 PM IST
सार
जैसलमेर में मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र में शनिवार को ट्यूबवेल खुदाई के दौरान पानी का फव्वारा फूटने के बाद करीब 50 घंटे तक लगातार पानी निकलता रहा। इसके बाद पानी आना अपने आप ही बंद हो गया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब प्रशासनिक अधिकारी और जांच दल मामले की खोजबीन में जुट गए हैं।
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राजस्थान
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
जैसलमेर के मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र में बोरवेल की खुदाई के दौरान शनिवार सुबह चक 27 बीडी स्थित भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष विक्रम सिंह के खेत से 850 फीट गहराई पर चिकनी मिट्टी की परत टूटने से तेज प्रेशर के साथ पानी निकलने लगा और पानी की धारा 5-6 फीट ऊपर तक उठने लगी, जिससे आसपास का इलाका पानी से भर गया।
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इस पूरे घटनाक्रम के बाद मौके पर पहुंचे प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर 500 मीटर के क्षेत्र को खाली करा लिया और अस्थाई पुलिस चौकी स्थापित कर दी। साथ ही आमजन की आवाजाही पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई। इसके बाद सोमवार को भूजल विभाग और तेल-गैस कंपनी ओएनजीसी के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। ओएनजीसी ने बोरवेल से निकलने वाली गैस को सामान्य बताते हुए कहा कि यह न तो जहरीली है और न ही ज्वलनशील। अब केयर्न एनर्जी (वेदांता) की टीम भी मौके पर जांच कर रही है।
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इधर मौके पर पहुंचे भू-जल वैज्ञानिक डॉ. नारायणदास इणखिया ने बताया कि पानी का दबाव समुद्र की लहरों जैसा है, जिससे जलभराव हो रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जैसलमेर का संबंध श्रीकृष्ण और सरस्वती नदी से जोड़ा जाता है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि जलधारा का संबंध सरस्वती नदी से जोड़ना अभी जल्दबाजी होगी।
जलधारा को लेकर ग्रामीणों का कहना है जैसलमेर में इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। यह मामला नया नहीं है लेकिन इस बार जलधारा का दबाव और प्रभाव काफी अधिक है। अब प्रशासनिक जांच और विशेषज्ञों की रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि इस घटना का मूल कारण क्या है।