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Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaisalmer Mirchi Bade and Mawa Kachori taste in Pokaran fair first choice of devotee shop decorate amidst rain

Jaisalmer: मिर्ची बड़े और मावा कचौरी का पोकरण मेले में जायका, श्रद्धालुओं की पहली पसंद, बेहद कम रेट पर पेटपूजा

Mon, 18 Sep 2023 01:36 PM IST
लोकेंद्र सिंह चंपावत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर Published by: लोकेंद्र सिंह चंपावत Updated Mon, 18 Sep 2023 01:36 PM IST
सार

पोकरण के रुणिचा में बाबा रामदेवजी के दर्शन के लिए लाखों के संख्या में श्रद्धालु आ रहे है। दर्शन के बाद जोधपुर के मिर्ची बड़े और मावा कचौरी श्रद्धालुओं की पहली पसंद है। मेला चौक में लगी दुकानों पर मिर्च बड़े और कचौरियां जमकर बिक रहे हैं।

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Jaisalmer Mirchi Bade and Mawa Kachori taste in Pokaran fair first choice of devotee shop decorate amidst rain
मिर्ची बड़े और मावा कचौरी का पोकरण मेले में जायका - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पोकरण के रामदेवरा में बाबा के मेले में दर्शन करने के लिए देश के अलग-अलग स्थानों से लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में चारों तरफ मेलार्थी ही नजर आ रहे हैं। बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन करने के पश्चात अधिकांश लोग जायका लेने के लिए मेला चौक में लगी विभिन्न दुकानों पर पहुंचकर अपने-अपने पसंद के व्यंजन भी खा रहे हैं। ऐसे में सूर्य नगरी जोधपुर के विश्व विख्यात मावे की कचोरी इन दिनों रामदेवरा मेले में अपनी विशेष धूम मचा रही है ।

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लोग दूर-दूर से रामदेवरा पहुंचकर दर्शन करने के बाद इन दुकानों पर पहुंचकर सुबह से लेकर देर शाम तक इनका जायका और स्वाद ले रहे हैं। ऐसे में मेला क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर जोधपुर के नामी गिरामी मिर्ची बड़े इन दिनों यहां पर बनते और बिकते देखे जा सकते हैं। जोधपुर से आए दुकानदार रूणिचा धाम में मेलार्थियों की सुविधा को देखते हुए बेहद कम रेट पर मिर्ची बड़े, मावे की कचौरी, समोसा, कोफ्ता, प्याज की कचौरी उपलब्ध करवा रहे हैं।
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जोधपुर से श्री रामसापीर सेवा समिति के संचालक राजेंद्र देवड़ा ने बताया कि मेलार्थियों की मांग के अनुरूप सुबह से दो दर्जन से अधिक कारीगर मिर्ची बड़े बनाने में जुटे रहते हैं। फिर भी उनकी मांग पूरी नहीं हो पा रही है। सब्सिडी रेट के आधार पर महज 10 में ही समोसा, कोफ्ता, मिर्ची बड़ा, उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। वहीं, मावे की कचौरी, जो देसी घी और मावे से बनी हुई महज 20 रुपये में ही दी जा रही है। ऐसे में आम और खास लोगों के साथ गरीब तबके के लोग भी दर्जनों की तादाद में इसे यहां से खरीद कर अपने साथ ले जा रहे हैं। दुकानों के बाहर बैठकर भी सपरिवार इसका स्वाद और जायका भी ले रहे हैं। रामदेवरा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के सभी लोग प्याज की कचौरी, मावे की कचौरी और मिर्ची बड़े खरीदने के लिए रामदेवरा पहुंच रहे हैं। लोग यहां से ये व्यंजन खरीद कर अपने घर ले जा रहे हैं।

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