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Jaisalmer: IAS टीना डाबी का निर्देश ड्रग्स इंस्पेक्टर पर पड़ा भारी, सरकार ने APO किया, MLA की भूमिका संदिग्ध
Sat, 24 Jun 2023 04:13 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 24 Jun 2023 04:13 PM IST
सार
राजस्थान के जैसलमेर जिले में नशीली दवाओं के रोकथाम के लिए जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार सभी मेडिकल स्टोर पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की कवायद शुरू करना ड्रग्स इंस्पेक्टर को भारी पड़ गया। ड्रग्स इंस्पेक्टर को APO कर दिया गया है।
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मेडिकल स्टोर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जैसलमेर में नशीली दवाओं के रोकथाम के लिए जिला कलेक्टर टीना डाबी के निर्देशानुसार सभी मेडिकल स्टोर पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की कवायद शुरू करना ड्रग्स इंस्पेक्टर को भारी पड़ गया। राज्य सरकार ने ड्रग्स इंस्पेक्टर को APO कर दिया है। सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेशों से नाराज केमिस्ट एशोसिएशन ने ड्रग्स इंस्पेक्टर चंद्रकांत शर्मा के खिलाफ विधायक रूपाराम को शिकायत कर दी, जिससे पूरे मामले में विधायक की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है।
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जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार, ड्रग्स इंस्पेक्टर चंद्रकांत शर्मा ने 20 जून को एक आदेश जारी कर जैसलमेर जिले के सभी औषधि विक्रेताओं को आगामी 27 जून तक अपने प्रतिष्ठान के बाहर और अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए कहा गया था। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से लम्बे अर्से पहले केंद्र सरकार स्तर के आदेश के बाद आदेश जारी किए गए थे। लेकिन ज्यादातर मेडिकल स्टोर्स पर कैमरे नहीं लगे हैं।
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बता दें कि जिले में करीब 590 मेडिकल स्टोर्स वर्तमान में संचालित हो रहे हैं। कलेक्टर की तरफ से सख्त रवैया दिखाए जाने के बाद औषधि नियंत्रण अधिकारी चंद्रकांत शर्मा ने जारी निर्देश में औषधि विक्रेताओं से कहा था कि वे 27 तारीख तक अपने प्रतिष्ठान में कैमरे लगाने के बाद सीसीटीवी कैमरे के साथ प्रतिष्ठान के बोर्ड का फोटो, फर्म मालिक का नाम और मोबाइल नम्बर उन्हें भेजना सुनिश्चित करेंगे।
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नाबालिग बच्चों को नशीली दवाओं से दूर रखने के लिए उठाया कदम...
जानकारी के अनुसार, नाबालिग बच्चों को एनडीपीएस तथा शेड्यूल एच-1 के तहत आने वाली कई दवाइयों की बिक्री पर रोक नहीं लग पा रही है। इस तरह की दवाइयां बच्चों से लेकर बड़े तक नशा करने के काम में ली जाती हैं। कैमरे लगाए जाने के बाद अगर किसी मेडिकल स्टोर से नाबालिग नशे की दवाओं की खरीद करता है, तो जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज की सहायता से प्रमाणित कर कार्रवाई की जा सकेगी।
जिले के सभी 590 मेडिकल स्टोर को जारी किए थे निर्देश...
जिले में संचालित सभी मेडिकल स्टोर को सीसीटीवी कैमरा लगाने के आदेश जारी हुए हैं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो एवं बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देश के बाद जिला प्रशासन की तरफ से जिले के मेडिकल स्टोर पर सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य किया गया है। इससे मेडिकल स्टोर पर दवा की बिक्री पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी और जांच-पड़ताल में पुलिस और विभाग के सीसीटीवी फुटेज काम आ सकेंगे।
माना जाता है कि मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के पीछे उनमें बिकने वाली नशीली दवाओं पर निगरानी रखने का प्रयास है। विशेषकर अल्पवयस्क बच्चों को नशीली दवाइयों की बिक्री को जघन्य मानते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। माना जाता है कि कई दवाइयों की दुकानों पर बिना चिकित्सकीय परामर्श के दुकानदार ऐसी दवाइयों की बिक्री करते हैं, जिन्हें नशा करने के लिए काम में लिया जाता है।
विधायक और सरकार सवालों के घेरे में...
अमर उजाला के पास केमिस्ट एशोसिएशन द्बारा विधायक रूपाराम धनदे को दी गई शिकायत की प्रतिलिपि मौजूद हैं, जिसमें एशोसिएशन द्वारा ड्रग्स इंस्पेक्टर को जैसलमेर से हटाने के लिए कहा गया है। विधायक को शिकायत भेजने के बाद राज्य सरकार द्वारा 23 जून को ईमानदार अधिकारी का APO होना विधायक व राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाती है, क्या वोट इंसानों की जिंदगी से पहले है?
क्या दूसरे अधिकारियों पर भो पड़ेगा असर...
आठ महीने पहले चंद्रकांत शर्मा ने औषधि नियंत्रण अधिकारी के पद पर ज्वॉइन किया था। आठ महीने में शर्मा की ईमानदार छवि उभरकर सामने आई है। लेकिन ईमानदारी के इस इनाम को देखकर कोई अन्य अधिकारी ऐसा साहस दिखाने की जुर्रत कर सकेगा?
क्या इन कृत्यों से बदलेगा रिवाज...
राजस्थान में हर पांच साल बाद राज बदलने का रिवाज है। लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कई दफा कह चुके हैं कि इस बार राज नहीं रिवाज बदलेगा। सवाल सरकार पर भी बनता है कि आप जहर के खिलाफ जंग लड़ रहे अधिकारी को सजा देकर रिवाज कैसे बदल पाओगे?