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Union Budget: केंद्रीय बजट से कारोबारियों को क्या आस? व्यापारी बोले- दोहरी नीति रोको, GST में कुछ चीजें छोड़ो
Fri, 31 Jan 2025 08:22 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Fri, 31 Jan 2025 08:22 PM IST
सार
राजस्थान खाद्य व्यापार संघ के अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने कहा कि सरकार को टैक्स रेशनलाइजेशन लाना चाहिए। कुछ चीजें सरकार को छोड़नी चाहिए। दौहरी नीति बंद करनी चाहिए।
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केंद्रीय बजट 2025 से उम्मीद।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
केंद्र सरकार शनिवार को संसद में देश का आम बजट पेश करने जा रही है। आम आदमी से लेकर कारोबारी तक इस बजट से उम्मीदें लगाए बैठे हैं। अमर आजाला ने राजस्थान के कारोबारी संगठनों से जाना की उनकी बजट से क्या उम्मीदे हैं।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल सुबह संसद में देश का आम बजट पेश करेंगी। मध्यम वर्ग बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी से राहत चाहता हैं तो कारोबारी जीएसटी में टैक्स रेश्नलाइजेशन की मांग कर रहे हैं। अमर उजाला ने राजस्थान के प्रमुख कारोबारी संगठनों से प्रतिनिधियों से इस संबंध में उनकी राय जानी।
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राजस्थान खाद्य व्यापार संघ के अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने कहा कि सरकार को टैक्स रेशनलाइजेशन लाना चाहिए। कुछ चीजें सरकार को छोड़नी चाहिए। दौहरी नीति बंद करनी चाहिए। शुरू में स्पष्ट कहा गया था कि खाद्य पदार्थों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाएगा फिर तिलहन और मसालों पर टैक्स लगा दिया। फिर दोबारा से यह कर दिया कि 25 किलो तक तो सभी पर लगेगा।
उन्होंने कहा कि हम 1 करोड़ 50 लाख टन तेल आयात करते हैं। इतनी बड़ी विदेशी मुद्रा देश के बाहर जा रही है तो यह सब किसानों को क्यों नहीं दिया जाता। सरकार हमारी विपणन व्यवस्था को अच्छा क्यों नहीं करती। कारोबारी संगठनों का यह भी कहना है कि केंद्र सरकार को टीडीएस जैसे प्रावधान को हटाना चाहिए और आयकर के स्लैब को भी बढ़ाना चाहिए।
कारोबारी सुरेश सैनी का कहना है कि राजस्थान में डबल टैक्स लगा रखा है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में एक तरह का टैक्स रेट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स स्लैब भी 10 लाख रुपए तक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेडिमेड गारमेंट्स पर टैक्स स्लैब 12.5 प्रतिशत से कम करके 5 प्रतिशत करना चाहिए।