राजस्थान: टीकाराम जूली का भाजपा सरकार पर हमला, बोले- कांग्रेस पार्षदों को धमकाया जा रहा; सुरक्षा मांगी
राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर कांग्रेस पार्षदों पर दबाव बनाने, धमकाने और सरकारी मशीनरी के कथित इस्तेमाल के आरोप लगाए हैं। जूली ने लोसल नगरपालिका के कांग्रेस पार्षदों के धानणी गांव में कैंप करने का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है।
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राजस्थान में नगर निकायों के बोर्ड गठन को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर कांग्रेस के निर्वाचित पार्षदों पर दबाव बनाने और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। जूली ने कहा कि कई जगहों पर कांग्रेस पार्षदों को डराने-धमकाने और उन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से कांग्रेस पार्षदों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
लोसल में पार्षदों के कैंप में घुसने की कोशिश का आरोप
जूली ने लोसल नगरपालिका का मामला उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के पार्षद सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के धानणी गांव में कैंप कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थक और लोसल नगरपालिका के प्रत्याशी वहां पहुंचकर कांग्रेस पार्षदों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। जूली के मुताबिक, पार्षदों को धमकाने और उन्हें अपने पक्ष में करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले धानणी गांव में कांग्रेस पार्षदों के कैंप के बाहर भाजपा समर्थकों के पहुंचने और अंदर जाने की कोशिश को लेकर भी विवाद सामने आया था। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
तिजारा के 18 पार्षदों को हरियाणा में रोकने का भी दावा
जूली ने तिजारा के करीब 18 पार्षदों का मामला भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश से लौट रहे कांग्रेस गुट के पार्षदों को हरियाणा सीमा पर रोक लिया गया। जूली का दावा है कि उन्हें मतदान से रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने राजस्थान और केंद्रीय चुनाव आयोग को शिकायत देने की बात कही है। तिजारा में सभापति चुनाव से पहले पार्षदों को रोके जाने के आरोप को लेकर कांग्रेस नेताओं ने विरोध भी जताया है।
‘पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल’
टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पुलिस, प्रशासन और दूसरी सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल कांग्रेस पार्षदों पर दबाव बनाने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, न कि निर्वाचित पार्षदों पर दबाव बनाने के लिए। जूली ने आरोप लगाया कि पार्षद चाहे किसी दूसरे राज्य में हों, जंगल में हों या किसी होटल में, पुलिस उन्हें खोज लेती है, लेकिन अपराधियों को पकड़ने में ऐसी सक्रियता दिखाई नहीं देती। उन्होंने इसे सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल बताया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मालाखेड़ा में पार्षदों पर कार्रवाई का भी आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने मालाखेड़ा नगरपालिका का मामला भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर 5 से चुने गए कांग्रेस पार्षद मनीष बलाई के घर पर पटवारी पहुंचा और जमीन की नाप-जोख की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वार्ड नंबर 13 के कांग्रेस पार्षद महेश चंद्र के खिलाफ जीएसटी कार्रवाई की गई। जूली ने आरोप लगाया कि थानागाजी में केमिस्ट की दुकानों पर सीएमएचओ की कार्रवाई हुई, जबकि बड़ौद में कांग्रेस के चेयरमैन पद के प्रत्याशी की जमीन को लेकर राजस्व विभाग के अधिकारी पहुंचे। उन्होंने कहा कि अलग-अलग कारोबार करने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की जा रही है। इन कार्रवाइयों को लेकर जूली ने सवाल उठाया कि क्या सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल निकाय चुनाव के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित विभागों का पक्ष इस बयान में सामने नहीं आया है।
‘कुर्सी आज तुम्हारी है, इतना गुरूर मत करना’
जूली ने सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री को भी निशाने पर लिया। उन्होंने लिखा, “कुर्सी आज तुम्हारी है, इतना गुरूर मत करना। जनता की अदालत में सबकी पेशी लगती है।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि राजस्थान में तानाशाही और लोकतंत्र की हत्या जैसी स्थिति पैदा की जा रही है। जूली ने कहा कि राजस्थान शांतिप्रिय राज्य रहा है, लेकिन निकाय चुनावों के दौरान जिस तरह पुलिस और प्रशासन के इस्तेमाल के आरोप सामने आ रहे हैं, उससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
‘सरकार का यह तांडव ज्यादा दिन नहीं चलेगा’
जूली ने कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए साम, दाम, दंड और भेद की नीति अपनाने का आरोप सरकार और प्रशासन की प्रतिष्ठा को भी प्रभावित कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार का कार्यकाल सीमित है और आने वाले पंचायती राज चुनावों में जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने कहा कि आज जो सरकारी कर्मचारी सत्ता के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं, सत्ता बदलने पर वही लोग जवाबदेही के दायरे में आ सकते हैं। जूली ने कहा कि जिन लोगों पर आज मुकदमे किए जा रहे हैं, वे भविष्य में सरकार से जवाब मांगेंगे।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत की
जूली ने बताया कि उन्होंने राजस्थान चुनाव आयोग से बात करने के साथ लिखित शिकायत भी दी है। इसके अलावा केंद्रीय चुनाव आयोग को भी शिकायत भेजने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव प्रक्रिया में पार्षदों को इस तरह प्रभावित किया जाएगा तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर सवाल है। राजस्थान में नगर निकायों के प्रमुखों के चुनाव की प्रक्रिया के बीच कांग्रेस और भाजपा के बीच पार्षदों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। जूली के आरोपों पर भाजपा सरकार की ओर से संबंधित बिंदुओं पर जवाब का इंतजार है।