{"_id":"68e4f3fcd55e66edbc05a3ce","slug":"surgery-services-hit-after-sms-hospital-fire-patients-shifted-to-emergency-and-neuro-wards-2025-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"SMS Hospital Fire: SMS हॉस्पिटल हादसे के बाद पुराने ऑपरेशन थियेटर में शिफ्ट किए जा रहे हैं मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
SMS Hospital Fire: SMS हॉस्पिटल हादसे के बाद पुराने ऑपरेशन थियेटर में शिफ्ट किए जा रहे हैं मरीज
Tue, 07 Oct 2025 04:35 PM IST
सौरभ भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: सौरभ भट्ट
Updated Tue, 07 Oct 2025 04:35 PM IST
सार
SMS हॉस्पिटल जयपुर के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने के बाद सर्जरी सेवाएं बाधित हैं। मरीजों को पुरानी इमरजेंसी और बांगड़ भवन के न्यूरो वार्ड में शिफ्ट किया गया है। 3 OT जल्द शुरू होने की तैयारी, फिलहाल सिर्फ 22 ICU बेड चालू हैं।
विज्ञापन
एसएमएस अस्पताल हादसा
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जयपुर स्थित सवाई मान सिंह (SMS) अस्पताल में 5 अक्टूबर की रात ट्रॉमा सेंटर में लगी आग के बाद से अस्पताल की सर्जरी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हादसे में 8 मरीजों की मौत हुई थी और ऑपरेशन थिएटर (OT) सहित आईसीयू वार्ड को गंभीर नुकसान पहुंचा था। ट्रॉमा सेंटर के ऑपरेशन थिएटर में लगी आग के चलते अब सर्जरी वाले मरीजों को अस्पताल की पुरानी इमरजेंसी में शिफ्ट कर वहीं ऑपरेशन किए जा रहे हैं। न्यूरो सर्जरी से जुड़े मरीजों को बांगड़ भवन परिसर में भेजा गया है, जहां न्यूरो वार्ड में सर्जरी की जा रही है।
यह भी पढें- SMS अस्पताल अग्निकांड: आठ लोगों की मौत, 17 घंटे बाद पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री; कहा- आरोपियों पर होगी कार्रवाई
ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉ. बीएल यादव ने बताया- टीम की कोशिश है कि बुधवार शाम तक 8 में से 3 ऑपरेशन टेबल को फिर से शुरू कर दिया जाए। बाकी 5 टेबल को भी जल्द शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, सामान्य दिनों में ट्रॉमा सेंटर के इन ओटी में रोजाना 3 से 4 सर्जरी होती थीं। यहां 4 आईसीयू वार्ड हैं, जिनमें कुल 46 बेड की क्षमता है। आग की घटना में न्यूरो आईसीयू के दोनों वार्ड (11+13 बेड) को खासा नुकसान पहुंचा है। फिलहाल गंभीर मरीजों के लिए केवल 22 आईसीयू बेड उपलब्ध हैं, जिनमें से 6 इमरजेंसी वार्ड और 16 पोली ट्रॉमा वार्ड में हैं। आगजनी के बाद कई मेडिकल मशीनें या तो जल चुकी हैं या पूरी तरह खराब हो गई हैं। अस्पताल प्रशासन ट्रॉमा सेवाओं को जल्द बहाल करने में जुटा है। गौरतलब है कि रविवार देर रात एसएमएस के ट्रोमा आईसीयू के दूसरे फ्लोर में आग लग गई थी। इससे फैले धूंआ में 8 मरीजों का दम घुट गया जिससे उनकी मौत हो गई। मृतकों के परिजनों ने सरकार पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह भी पढें- SMS अस्पताल अग्निकांड: आठ लोगों की मौत, 17 घंटे बाद पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री; कहा- आरोपियों पर होगी कार्रवाई
विज्ञापन
ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉ. बीएल यादव ने बताया- टीम की कोशिश है कि बुधवार शाम तक 8 में से 3 ऑपरेशन टेबल को फिर से शुरू कर दिया जाए। बाकी 5 टेबल को भी जल्द शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, सामान्य दिनों में ट्रॉमा सेंटर के इन ओटी में रोजाना 3 से 4 सर्जरी होती थीं। यहां 4 आईसीयू वार्ड हैं, जिनमें कुल 46 बेड की क्षमता है। आग की घटना में न्यूरो आईसीयू के दोनों वार्ड (11+13 बेड) को खासा नुकसान पहुंचा है। फिलहाल गंभीर मरीजों के लिए केवल 22 आईसीयू बेड उपलब्ध हैं, जिनमें से 6 इमरजेंसी वार्ड और 16 पोली ट्रॉमा वार्ड में हैं। आगजनी के बाद कई मेडिकल मशीनें या तो जल चुकी हैं या पूरी तरह खराब हो गई हैं। अस्पताल प्रशासन ट्रॉमा सेवाओं को जल्द बहाल करने में जुटा है। गौरतलब है कि रविवार देर रात एसएमएस के ट्रोमा आईसीयू के दूसरे फ्लोर में आग लग गई थी। इससे फैले धूंआ में 8 मरीजों का दम घुट गया जिससे उनकी मौत हो गई। मृतकों के परिजनों ने सरकार पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
विज्ञापन