Jaipur News: RPSC सदस्य मंजू शर्मा ने दिया इस्तीफा, कहा- पारदर्शिता और ईमानदारी सर्वोपरि
Jaipur News: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की सदस्य मंजू शर्मा ने स्वेच्छा से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन पर कोई आरोप या जांच लंबित नहीं है। सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया।
विस्तार
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) एक बार फिर सुर्खियों में है। आयोग की सदस्य मंजू शर्मा ने अपने पद से त्यागपत्र देकर सभी को चौंका दिया है। उन्होंने राज्यपाल को भेजे गए इस्तीफे में लिखा कि उनके खिलाफ किसी भी प्रकार का कोई प्रकरण लंबित नहीं है, न ही वह किसी जांच का सामना कर रही हैं। इसके बावजूद उन्होंने यह कदम इसलिए उठाया ताकि उनकी पहचान हमेशा ईमानदारी और पारदर्शिता से जुड़ी रहे।
मंजू शर्मा ने त्यागपत्र में साफ तौर पर कहा कि मेरे खिलाफ कोई मामला लंबित नहीं है। मैं किसी जांच के दायरे में नहीं हूं। लेकिन सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और शुचिता सर्वोपरि है। इसलिए मैंने अपने पद से इस्तीफा देना उचित समझा।
यह भी पढ़ें- Rajasthan: ‘धर्मांतरण करने वाले SC/ST से आरक्षण छीनना चाहिए’, बोले किरोड़ी मीणा; SI भर्ती परीक्षा पर क्या कहा?
दरअसल, पिछले कुछ समय से RPSC लगातार विवादों में रहा है। आयोग के दो सदस्य गड़बड़ी और अनियमितताओं के मामलों में जेल तक जा चुके हैं। इन घटनाओं ने आयोग की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता से लेकर नियुक्ति प्रक्रिया तक पर लगातार सवाल उठे हैं। ऐसे समय में मंजू शर्मा का स्वेच्छा से पद छोड़ना एक नैतिक और सकारात्मक संदेश माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें- Rajasthan Crime: छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले का मुख्य आरोपी हिरासत में, पीड़िता उदयपुर में भर्ती
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस इस्तीफे की व्यापक चर्चा हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मंजू शर्मा ने यह दिखाया है कि संवैधानिक संस्थाओं में काम करने वाले लोगों के लिए न केवल ईमानदार होना जरूरी है, बल्कि यह भी जरूरी है कि उनकी ईमानदारी पर कोई संदेह न हो। उनका कदम आयोग की छवि सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।