RJ Assembly Session: किरोड़ीलाल के फोन टैपिंग को लेकर सदन में हंगामा, सीएम के इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष
कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के फोन टैपिंग वाले बयान पर विधानसभा में हंगामा हुआ। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा किया। इस मुद्दे पर सीएम के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के विधायक वेल में आ गए।
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विस्तार
विधानसभा में शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के फोन टैपिंग वाले बयान को लेकर बवाल हो गया है। प्रश्नकाल शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली खड़े हो गए। स्पीकर ने उन्हें बैठने के लिए और प्रश्नकाल चलने देने के लिए कहा, लेकिन जूली ने कहा कि सरकार के कैबिनेट मंत्री का फोन टैप हो रहा है और मुख्यमंत्री पर आरोप लग रहे हैं। मुख्यमंत्री का इस्तीफा होना चाहिए। जूली के इतना कहते ही विधानसभा में सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष के बीच जबरदस्त हंगामा हो गया।
स्पीकर के रोकने पर नहीं रुके विधायक
स्पीकर वासुदेव देवनानी ने जूली के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभी प्रश्नकाल चलने देना चाहिए। प्रश्नकाल को बाधित नहीं करें। लेकिन जूली और अन्य कांग्रेस के विधायक विरोध करते हुए वेल में उतर गए। कांग्रेस विधायक वेल में आकर मुख्यमंत्री इस्तीफा दो के नारे लगाने लगे। इस पर मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने प्रतिपक्ष से कहा कि अभी प्रश्नकाल चलने दो, फिर आरोप लगा देना, हम भी जवाब दे देंगे। प्रतिपक्ष के हंगामें के बीच स्पीकर उन्हें बार-बार सीटों पर जाने के लिए कहते रहे। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल से पहले कोई मुद्दा नहीं उठता।
गर्ग बोले- आपके राज में डिप्टी सीएम का फोन टैप हुआ
जोगेश्वर गर्ग ने पलटवार करते हुए कहा कि फोन टेपिंग पर आपके राज में पहले मुख्यमंत्री पर उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया था. तब आप कहां थे। उन्होंने कांग्रेस विधायकों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि आप इस मुद्दे पर बोलने लायक नहीं हो। आप ने पांच साल तक अपने विधायकों के फोन टैप किए। सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को जा रही है।
इस पर जूली बोले कि आप इसलिए फोन टेप करवा रहे हो, क्योंकि हमारे समय में फोन टेप हो रहा था। जिस बीमारी से कैबिनेट मंत्री ने विधानसभा से छुट्टी ली, वह यह बीमारी नहीं है वे दबाव में है।
किरोड़ी के इस बयान पर बवाल
कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने आमागढ़ मंदिर में एक समाजिक कार्यक्रम के दौरान अपनी ही सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जो उम्मीदें उन्होंने सत्ता में आने से पहले की थीं, वे पूरी नहीं हो रही हैं। किरोड़ीलाल ने कहा कि भ्रष्टाचारियों पर लगाम लगाने की बात तो दूर, अब हालात पहले जैसे ही हो गए हैं।
सीआईडी निगरानी और फोन टैपिंग का आरोप
डॉ. मीणा ने आरोप लगाया कि उनके ऊपर सीआईडी लगाई जा रही है और उनका फोन भी रिकॉर्ड किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "यह सब पहले भी गहलोत सरकार के दौरान हुआ था, लेकिन मैंने उन्हें चकमा दे दिया था। मैं कोई गलत काम नहीं करता, इसलिए मुझे डर नहीं है, मैं न झुकता हूं और न टूटता हूं।"
भ्रष्टाचार के मामलों पर निराशा
मीणा ने कहा कि उन्होंने भ्रष्टाचार के कई मामले उठाए थे, जिनमें 50 फर्जी थानेदारों की गिरफ्तारी हुई। लेकिन उनकी मांगों के बावजूद सरकार ने परीक्षा रद्द नहीं की। उन्होंने कहा, "सरकार मेरी बात नहीं मान रही है। मैं निराश हूं क्योंकि जिन मुद्दों पर जनता ने मुझे समर्थन दिया था, उन पर काम नहीं हो रहा है।"
पूर्व सरकार पर भी निशाना
मीणा ने कहा कि गहलोत सरकार के कार्यकाल में भी उनके फोन टैप किए गए थे और उनके खिलाफ सीआईडी की निगरानी रखी गई थी। लेकिन उन्होंने इसे अपनी दृढ़ता के कारण चुनौती दी और कहा कि वे कभी डरने वाले नहीं हैं।
इनकी सच्चाई सामने आनी चाहिए
फोन टैपिंग मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया X पर लिखा कि हमारी सरकार के समय मैंने सदन के पटल पर कहा था कि किसी भी मंत्री, सांसद और विधायक का टेलीफोन सर्विलांस पर नहीं लिया गया और न ही लिया जाएगा। परन्तु भाजपा सरकार पर अपने ही कैबिनेट मंत्री द्वारा फोन टैपिंग के आरोप लगाना भाजपा की सच्चाई उजागर करता है। यह मामला बहुत गंभीर प्रकृति का है, क्योंकि आरोप राजनीतिक लाभ के लिए किसी विपक्षी नेता ने नहीं बल्कि सरकार के कैबिनेट मंत्री ने लगाए हैं। इनकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। मुख्यमंत्री को सदन में जवाब देना चाहिए।
आप सही कह रहे हैं, हो सकता है शायद उस समय तत्कालीन केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत जी, राजस्थान के केबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह जी और कांग्रेस के विधायक भंवरलाल शर्मा जी ने वार्तालापों की तीनों रिकॉर्डेड ऑडियो क्लिप्स मीडिया को भेजने और वायरल करने के लिए स्वयं ने आपको दी… https://t.co/yPyz7CN3YO
— Lokesh Sharma (@_lokeshsharma) February 7, 2025
आप सही कह रहे हैं, हो सकता है शायद उस समय तत्कालीन केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत जी, राजस्थान के केबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह जी और कांग्रेस के विधायक भंवरलाल शर्मा जी ने वार्तालापों की तीनों रिकॉर्डेड ऑडियो क्लिप्स मीडिया को भेजने और वायरल करने के लिए स्वयं ने आपको दी… https://t.co/yPyz7CN3YO
— Lokesh Sharma (@_lokeshsharma) February 7, 2025लोकेश शर्मा ने तंज कसते हुए दिया करारा जवाब
गहलोत के ट्वीट पर लोकेश शर्मा ने पलटवार कर दिया है। लोकेश ने एक्स पर लिखा, 'आप सही कह रहे हैं। हो सकता है शायद उस समय तत्कालीन केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान के कैबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह और कांग्रेस के विधायक भंवरलाल शर्मा ने वार्तालापों की तीनों रिकॉर्डेड ऑडियो क्लिप्स मीडिया को भेजने और वायरल करने के लिए स्वयं ने आपको दी और आपने मुझे...!! आपने कभी किसी का कोई फोन टैप नहीं करवाया.'