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Rajasthan: 16 माह से वेतन नहीं मिलने पर आत्महत्या की कगार पर पहुंचे व्यावसायिक शिक्षक, लगाया शोषण का आरोप
Wed, 16 Jul 2025 07:01 AM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Wed, 16 Jul 2025 07:01 AM IST
सार
शिक्षकों का आरोप है कि शिक्षा संकुल परिषद इन आउटसोर्सिंग कंपनियों की अनियमितताओं को लगातार नजरअंदाज कर रही है। खास बात यह है कि ये कंपनियां राजस्थान के बाहर की हैं और राज्य में इनका कोई स्थायी कार्यालय तक नहीं है।
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शिक्षक
- फोटो : adobe stock
विस्तार
राजस्थान के राजकीय विद्यालयों में कार्यरत सैकड़ों व्यावसायिक शिक्षक पिछले 16 महीनों से वेतन के इंतजार में हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि कई शिक्षक मानसिक अवसाद में जी रहे हैं और अब सामूहिक आत्महत्या जैसे कठोर कदम उठाने की चेतावनी दे रहे हैं।
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व्यावसायिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने दावा किया कि आउटसोर्सिंग कंपनियों के माध्यम से नियुक्त इन शिक्षकों को डेढ़ साल से कोई भुगतान नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि शिक्षक अपनी समस्या को लेकर जिलाधिकारियों से लेकर शिक्षा विभाग और मंत्रियों तक कई बार ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
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शिक्षकों का आरोप है कि शिक्षा संकुल परिषद इन आउटसोर्सिंग कंपनियों की अनियमितताओं को लगातार नजरअंदाज कर रही है। खास बात यह है कि ये कंपनियां राजस्थान के बाहर की हैं और राज्य में इनका कोई स्थायी कार्यालय तक नहीं है। इसके बावजूद इन कंपनियों का ठेका तीन महीने और बढ़ा दिया गया है, जिससे शिक्षकों में जबरदस्त आक्रोश है।
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‘मुख्यधारा में लिया जाए’
संघ की मांग है कि राजस्थान सरकार हरियाणा मॉडल की तर्ज पर व्यावसायिक शिक्षकों के लिए भी स्थायी और नियमित व्यवस्था लागू करे, ताकि उन्हें समय पर वेतन के साथ-साथ मातृत्व अवकाश, आपातकालीन अवकाश और चिकित्सा अवकाश जैसी सुविधाएं मिल सकें। व्यावसायिक शिक्षक संघ ने चेतावनी दी है कि अगर अगले पांच दिनों में लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो प्रदेशभर के शिक्षक सामूहिक आत्महत्या जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे।