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अब तो देख लो सरकार: आरयू के छात्र नेताओं ने खून से लिखी चिट्ठी, सीएम से छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग

Sat, 20 Jul 2024 02:13 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 20 Jul 2024 02:13 PM IST
सार

छात्रसंघ चुनाव को लेकर राजस्थान विश्वविद्यालय में माहौल एक बार फिर से गरमा गया है। छात्र नेता एकत्रित होकर अपने खून से राज्यपाल कलराज मिश्र और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को छात्र चुनाव बहाली के लिए पत्र लिखे।

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Rajasthan University student leaders wrote a letter in blood demanding student union elections
छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर खून से लिखी चिट्ठी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान में पंद्रह विश्वविद्यालय हैं, जिनके अधीन 50 से ज्यादा सरकारी और 300 से ज्यादा निजी कॉलेज हैं। अधिकतर कॉलेजों में हर साल चुनाव होते थे। पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने 12 अगस्त 2023 को देर रात एक आदेश जारी कर छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगा दी थी।

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बता दें कि राज्य सरकार का तर्क था कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की क्रियान्विति की स्थिति जानने सहित कई बड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए 12 अगस्त 2023 को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई थी।इसमें सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने हिस्सा लिया था। इस बैठक के दौरान कुलपतियों ने छात्रसंघ चुनाव नहीं कराने की राय व्यक्त की थी। सभी की एक राय को देखते हुए राज्य सरकार ने छात्रसंघ चुनाव नहीं कराने के आदेश जारी कर दिए।
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छात्रसंघ चुनाव के लिए लिंग दोह कमेटी की शर्ते लागू की गई हैं। लेकिन इन शर्तों का जमकर उल्लंघन होता है। शर्तों के मुताबिक, एक प्रत्याशी अधिकतम पांच हजार रुपये चुनाव में खर्च कर सकता है। लेकिन छात्रसंघ चुनावों के दौरान प्रत्याशी लाखों रुपये खर्च करते हैं।
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साल 2023 के अंत में विधानसभा चुनाव और राजस्थान में नई भजनलाल सरकार ने मोर्चा संभाला। ऐसे में छात्र नेताओं को और छात्रों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार छात्रों के हितों का ध्यान रखेगी और छात्रसंघ चुनाव कराएगी। परंतु निरंतर छात्रसंघ चुनाव की मांग उठने के बावजूद सरकार की तरफ से अभी तक इनको कोई आश्वासन नहीं दिया गया है और न ही अब तक विश्वविद्यालय के कुलपति से भी चुनाव के संबंध में कोई बात की गई है।

राजस्थान विश्वविद्यालय की वीसी अल्पना कटेजा ने अमर उजाला के साथ बातचीत में कहा था कि वह छात्र राजनीति के खिलाफ नहीं हैं। अगर उनसे उनकी राय मांगी जाएगी तो वह छात्रसंघ चुनाव कराने के पक्ष में अपनी राय देंगी।


विधानसभा के बजट सत्र में भी शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने छात्र राजनीति एवं छात्रसंघ चुनाव कराए जाने की मांग विधानसभा के पटल पर रखी थी। लेकिन अब तक उसे पर भी कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। छात्र नेता चुनाव कराने के लिए निरंतर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

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