{"_id":"6a8812b0db85884405011907","slug":"bagru-cjp-team-attack-bjp-school-inspection-ashutosh-ranka-cjp-clash-in-jaipur-2026-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaipur: कहां है बगरू का स्कूल, जहां CJP की टीम पहुंचने पर मचा बवाल? ग्रमीणों ने सुनाई मारपीट के पीछे की कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaipur: कहां है बगरू का स्कूल, जहां CJP की टीम पहुंचने पर मचा बवाल? ग्रमीणों ने सुनाई मारपीट के पीछे की कहानी
Fri, 21 Aug 2026 02:27 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Fri, 21 Aug 2026 02:27 PM IST
सार
CJP Clash In Jaipur: जयपुर के बगरू विधानसभा में एक सरकारी स्कूल के निरीक्षण के दौरान सीजेपी टीम और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया। सीजेपी ने बीजेपी समर्थकों पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला करने का आरोप लगाया, जबकि ग्रामीणों ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने केवल विरोध किया था। घटना को लेकर सचिन पायलट समेत कई नेताओं ने प्रतिक्रिया दी, वहीं बीजेपी नेताओं ने सीजेपी के स्कूल निरीक्षण को लेकर सवाल उठाए।
विज्ञापन
बगरू में स्कूल बना सियासी अखाड़ा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जयपुर एयरपोर्ट से महज 15 किलोमीटर जबकि जयपुर के हवा महल से 25 किलोमीटर दूर स्थित रामपुरा कंवरपुरा में सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी की टीम ने ग्रामीणों पर हमला करने का आरोप लगाया है।। सीजेपी का कहना है कि मौके पर पहले से मौजूद बीजेपी समर्थकों ने कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की की, लाठी-डंडों से मारपीट की और पथराव किया। वहीं ग्रामीणों ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने केवल सीजेपी टीम का विरोध किया था और किसी के साथ मारपीट नहीं की।
'200-250 लोगों के साथ आई थी सीजेपी टीम'
ग्रामीण जुगल किशोर शर्मा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गांव के लोगों ने किसी के साथ मारपीट नहीं की। उनका दावा है कि सीजेपी टीम करीब 200-250 लोगों के साथ पहुंची थी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने शांतिपूर्वक बात की, लेकिन सीजेपी कार्यकर्ताओं ने खुद अपनी गाड़ी तोड़ दी। जुगल किशोर के मुताबिक स्कूल की मरम्मत के लिए 12 लाख रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं और यह काम स्थानीय विधायक के माध्यम से कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव में बीजेपी और कांग्रेस के अलावा किसी अन्य पार्टी को आने नहीं दिया जाएगा। घटना के बाद उनकी पत्नी के डर के कारण घर से बाहर नहीं निकलने की बात भी उन्होंने कही।
‘स्कूल नहीं टूटने देंगे’, छात्र कहां जाएंगे?
ग्रामीण अनु शर्मा ने कहा कि सीजेपी टीम के विरोध की वजह स्कूल को तोड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि स्कूल में करीब 20-25 बच्चे पढ़ते हैं और यदि भवन को तोड़ा गया तो इन छात्रों की पढ़ाई कहां होगी। अनु शर्मा के मुताबिक स्कूल की मरम्मत के लिए पहले ही फंड स्वीकृत हो चुका है। उन्होंने घटना को लेकर कहा कि मौके पर सिर्फ तीखी बहस हुई थी।
विज्ञापन
'लाठी से पीटा, पत्थर भी बरसाए'
सीजेपी टीम की सदस्य संजू ने दावा किया कि टीम रामपुरा के स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची थी। उनके अनुसार टीम के साथी करीब एक साल पहले भी यहां आए थे और उस समय स्कूल में बच्चों की पढ़ाई भैंसों के बाड़े में होने की बात सामने आई थी। संजू का आरोप है कि मौके पर बीजेपी-RSS से जुड़े लोग पहले से मौजूद थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को धक्का दिया, लाठियों से पीटा और पत्थर भी फेंके। संजू ने दावा किया कि उन्हें जमीन पर गिराकर डंडे से पीटा गया, जिससे उनके हाथ में चोट आई है।
‘48 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार करो’
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने घटना को लेकर बीजेपी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर पहले से पथराव हो रहा था और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। रांका ने दावा किया कि सीजेपी कार्यकर्ताओं के हाथों में चोट आई, वाहनों में तोड़फोड़ की गई और महिलाओं पर भी पत्थर फेंके गए। उन्होंने इसे पूर्व नियोजित हमला बताते हुए 48 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी और सरकारी स्कूलों में प्रवेश संबंधी आदेश वापस लेने की मांग की। रांका ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन शिक्षा के मुद्दे से आगे बढ़कर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के खिलाफ भी किया जाएगा।
‘लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश’
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने घटना और सरकारी स्कूलों में मीडिया व आम जनता के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध की आलोचना की। पायलट ने कहा कि जनता, छात्रों और युवाओं में व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों, बदहाल बुनियादी ढांचे और जर्जर स्कूलों की स्थिति को छिपाने के लिए तानाशाही आदेश जारी कर प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतंत्र को दबाने का प्रयास कर रही है।
‘सच की आवाज दबाई जा रही’
भारतीय आदिवासी पार्टी के विधायक थावरचंद ने भी घटना की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्कूलों की बदहाली को छिपाने के लिए अपने लोगों के जरिए सच की आवाज दबा रही है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
मदन प्रजापत ने सीजेपी के अस्तित्व पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता मदन प्रजापत ने सीजेपी को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि सीजेपी राजनीतिक दल है, NGO है या ट्रस्ट। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन राजस्थान में अराजकता का माहौल पैदा करना चाहता है। प्रजापत ने कहा कि सरकारी स्कूलों की दुर्दशा एक दिन में नहीं हुई और न ही यह समस्या केवल पिछले सवा दो साल की है। उन्होंने पिछली सरकारों की जिम्मेदारी का सवाल उठाते हुए सीजेपी के अभियान को राजनीतिक स्टंट बताया और कहा कि ग्रामीणों ने इसे नकार दिया है।
‘सीजेपी क्या है? घर में कॉकरोच का क्या काम’
जयपुर के बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा ने सीजेपी के नाम पर ही सवाल उठाते हुए कहा, "सीजेपी क्या है? घर के अंदर कॉकरोच का कोई काम नहीं होता। बच्चे और युवा घर के अंदर होते हैं।" वहीं बीजेपी विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने सीजेपी का बहिष्कार किया और उन्हें इलाके में प्रवेश नहीं करने दिया। उन्होंने कहा कि यह ग्रामीणों का मामला है।
क्या बोले बालमुकुंद आचार्य?
बालमुकुंद आचार्य ने दावा किया कि बीजेपी सरकार आने के बाद स्कूलों की स्थिति में काफी सुधार हुआ है और कई विधानसभा क्षेत्रों में नए स्कूल भवन बनाए गए हैं। उन्होंने माना कि सब कुछ पूरी तरह ठीक नहीं है, लेकिन काफी सुधार हुआ है। उनका कहना है कि कहीं किसी कारण से भवन निर्माण का काम रुका हो तो जानकारी मिलने पर उसे तुरंत शुरू कराया जाता है।
विधायक भाटी ने कहा हिंसा गलत है
इस पूरे मामले में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा कि हिंसा गलत है। सरकार को भी सोचना चाहिए कि ऐसे हालात ना बने।
वहीं इस मसले पर जयपुर के युवाओं ने कहा कि जो हो रहा है गलत हो रहा है। यह सरकार स्कूलों की बदहाली को छुपाना चाहती है।स्कूली व्यवस्था पूरी तरीके से ठप हो चुकी है। बच्चों के पास पढ़ने को कोई संसाधन नहीं है। यह सरकार पहले मीडिया से छुपाना चाहती थी।अब यह सरकार अपने लोगों के माध्यम से बातों को उठने ही नहीं देना चाहती।यह सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है
विज्ञापन
'200-250 लोगों के साथ आई थी सीजेपी टीम'
ग्रामीण जुगल किशोर शर्मा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गांव के लोगों ने किसी के साथ मारपीट नहीं की। उनका दावा है कि सीजेपी टीम करीब 200-250 लोगों के साथ पहुंची थी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने शांतिपूर्वक बात की, लेकिन सीजेपी कार्यकर्ताओं ने खुद अपनी गाड़ी तोड़ दी। जुगल किशोर के मुताबिक स्कूल की मरम्मत के लिए 12 लाख रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं और यह काम स्थानीय विधायक के माध्यम से कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव में बीजेपी और कांग्रेस के अलावा किसी अन्य पार्टी को आने नहीं दिया जाएगा। घटना के बाद उनकी पत्नी के डर के कारण घर से बाहर नहीं निकलने की बात भी उन्होंने कही।
विज्ञापन
‘स्कूल नहीं टूटने देंगे’, छात्र कहां जाएंगे?
ग्रामीण अनु शर्मा ने कहा कि सीजेपी टीम के विरोध की वजह स्कूल को तोड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि स्कूल में करीब 20-25 बच्चे पढ़ते हैं और यदि भवन को तोड़ा गया तो इन छात्रों की पढ़ाई कहां होगी। अनु शर्मा के मुताबिक स्कूल की मरम्मत के लिए पहले ही फंड स्वीकृत हो चुका है। उन्होंने घटना को लेकर कहा कि मौके पर सिर्फ तीखी बहस हुई थी।
विज्ञापन
'लाठी से पीटा, पत्थर भी बरसाए'
सीजेपी टीम की सदस्य संजू ने दावा किया कि टीम रामपुरा के स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची थी। उनके अनुसार टीम के साथी करीब एक साल पहले भी यहां आए थे और उस समय स्कूल में बच्चों की पढ़ाई भैंसों के बाड़े में होने की बात सामने आई थी। संजू का आरोप है कि मौके पर बीजेपी-RSS से जुड़े लोग पहले से मौजूद थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को धक्का दिया, लाठियों से पीटा और पत्थर भी फेंके। संजू ने दावा किया कि उन्हें जमीन पर गिराकर डंडे से पीटा गया, जिससे उनके हाथ में चोट आई है।
‘48 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार करो’
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने घटना को लेकर बीजेपी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर पहले से पथराव हो रहा था और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। रांका ने दावा किया कि सीजेपी कार्यकर्ताओं के हाथों में चोट आई, वाहनों में तोड़फोड़ की गई और महिलाओं पर भी पत्थर फेंके गए। उन्होंने इसे पूर्व नियोजित हमला बताते हुए 48 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी और सरकारी स्कूलों में प्रवेश संबंधी आदेश वापस लेने की मांग की। रांका ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन शिक्षा के मुद्दे से आगे बढ़कर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के खिलाफ भी किया जाएगा।
‘लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश’
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने घटना और सरकारी स्कूलों में मीडिया व आम जनता के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध की आलोचना की। पायलट ने कहा कि जनता, छात्रों और युवाओं में व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों, बदहाल बुनियादी ढांचे और जर्जर स्कूलों की स्थिति को छिपाने के लिए तानाशाही आदेश जारी कर प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतंत्र को दबाने का प्रयास कर रही है।
‘सच की आवाज दबाई जा रही’
भारतीय आदिवासी पार्टी के विधायक थावरचंद ने भी घटना की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्कूलों की बदहाली को छिपाने के लिए अपने लोगों के जरिए सच की आवाज दबा रही है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
मदन प्रजापत ने सीजेपी के अस्तित्व पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता मदन प्रजापत ने सीजेपी को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि सीजेपी राजनीतिक दल है, NGO है या ट्रस्ट। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन राजस्थान में अराजकता का माहौल पैदा करना चाहता है। प्रजापत ने कहा कि सरकारी स्कूलों की दुर्दशा एक दिन में नहीं हुई और न ही यह समस्या केवल पिछले सवा दो साल की है। उन्होंने पिछली सरकारों की जिम्मेदारी का सवाल उठाते हुए सीजेपी के अभियान को राजनीतिक स्टंट बताया और कहा कि ग्रामीणों ने इसे नकार दिया है।
‘सीजेपी क्या है? घर में कॉकरोच का क्या काम’
जयपुर के बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा ने सीजेपी के नाम पर ही सवाल उठाते हुए कहा, "सीजेपी क्या है? घर के अंदर कॉकरोच का कोई काम नहीं होता। बच्चे और युवा घर के अंदर होते हैं।" वहीं बीजेपी विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने सीजेपी का बहिष्कार किया और उन्हें इलाके में प्रवेश नहीं करने दिया। उन्होंने कहा कि यह ग्रामीणों का मामला है।
क्या बोले बालमुकुंद आचार्य?
बालमुकुंद आचार्य ने दावा किया कि बीजेपी सरकार आने के बाद स्कूलों की स्थिति में काफी सुधार हुआ है और कई विधानसभा क्षेत्रों में नए स्कूल भवन बनाए गए हैं। उन्होंने माना कि सब कुछ पूरी तरह ठीक नहीं है, लेकिन काफी सुधार हुआ है। उनका कहना है कि कहीं किसी कारण से भवन निर्माण का काम रुका हो तो जानकारी मिलने पर उसे तुरंत शुरू कराया जाता है।
विधायक भाटी ने कहा हिंसा गलत है
इस पूरे मामले में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा कि हिंसा गलत है। सरकार को भी सोचना चाहिए कि ऐसे हालात ना बने।
वहीं इस मसले पर जयपुर के युवाओं ने कहा कि जो हो रहा है गलत हो रहा है। यह सरकार स्कूलों की बदहाली को छुपाना चाहती है।स्कूली व्यवस्था पूरी तरीके से ठप हो चुकी है। बच्चों के पास पढ़ने को कोई संसाधन नहीं है। यह सरकार पहले मीडिया से छुपाना चाहती थी।अब यह सरकार अपने लोगों के माध्यम से बातों को उठने ही नहीं देना चाहती।यह सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है