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Rajasthan News: बॉर्डर पर गांवों की बदलेगी तस्वीर, वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम पर खर्च होंगे 232 करोड़

Fri, 29 May 2026 07:29 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Fri, 29 May 2026 07:29 PM IST
सार

राजस्थान सरकार ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II’ के तहत अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े 184 गांवों के विकास पर फोकस करने जा रही है। श्रीगंगानगर, बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर और फलोदी के इन गांवों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार से जुड़े विकास कार्य किए जाएंगे।

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Rajasthan to Develop 184 Border Villages Under Vibrant Village Programme-II
जैसलमेर बॉर्डर एरिया

विस्तार

राजस्थान सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे 184 रणनीतिक गांवों के विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के तहत बड़े स्तर पर आधारभूत ढांचा और आजीविका विकास कार्य शुरू करने जा रही है। इस योजना का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, संचार, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सुविधाओं को मजबूत कर लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।

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यह कार्यक्रम श्रीगंगानगर, बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर और फलोदी जिलों के चयनित गांवों में लागू किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार योजना के तहत सड़क संपर्क, बिजली, टीवी और टेलीकॉम कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, पर्यटन, कौशल विकास, महिला स्वयं सहायता समूह, किसान उत्पादक संगठन और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा।

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184 रणनीतिक गांवों में सबसे ज्यादा 68 गांव श्रीगंगानगर जिले में शामिल हैं। इसके अलावा बीकानेर के 46, बाड़मेर के 36, जैसलमेर के 30 और फलोदी जिले के 4 गांव योजना में शामिल किए गए हैं। फिलहाल 123 गांवों में 232 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 515 विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।

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राज्य सरकार का कहना है कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच पर आधारित है, जिसमें सीमा के गांवों को “देश का अंतिम नहीं, बल्कि पहला गांव” माना गया है। सरकार का दावा है कि लंबे समय से विकास से वंचित सीमावर्ती क्षेत्रों को अब आधुनिक सुविधाओं और बुनियादी सेवाओं से जोड़ा जाएगा।

योजना के तहत हर साल 3 करोड़ रुपये की राशि विकास योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर सैचुरेशन के लिए निर्धारित की गई है। इसके अलावा राजस्थान के सीमा ब्लॉकों के 3,195 गांवों में ऑल-वेदर सड़क, दूरसंचार, टीवी कनेक्टिविटी और ऑन-ग्रिड बिजली सुविधा सुनिश्चित करने की तैयारी है।

सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पर्यटन गतिविधियों, प्रशिक्षण शिविरों और जागरूकता अभियानों के जरिए स्थानीय समुदायों से जुड़ाव बढ़ाने पर भी काम कर रही है। योजना की मॉनिटरिंग केंद्र, राज्य और जिला स्तर की समितियों के माध्यम से की जा रही है।

अधिकारियों के मुताबिक वाइब्रेंट विलेज पोर्टल के जरिए गांवों का सत्यापन, प्रोफाइल अपडेट और विकास योजनाओं की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अब तक सभी 184 रणनीतिक गांवों का सत्यापन और प्रोफाइल अपडेट पूरा हो चुका है।

इसके अलावा राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री थार बॉर्डर विकास कार्यक्रम भी शुरू किया है, जिसके तहत पांच सीमावर्ती जिलों के 1,206 गांवों के विकास के लिए हर साल 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, खेल और पर्यटन से जुड़े 137 करोड़ रुपये के 1,000 से अधिक विकास कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं।


 

 

 

 

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