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Rajasthan Scam: 'डिजिटल पेमेंट किट' खरीद घोटाले में हाईकोर्ट ने एसीबी से जवाब मांगा, राजकॉम्प सहित 6 को नोटिस

Thu, 02 Oct 2025 07:33 AM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: सौरभ भट्ट Updated Thu, 02 Oct 2025 07:33 AM IST
सार

राजस्थान हाईकोर्ट ने “डिजिटल पेमेंट किट” घोटाले की जनहित याचिका पर ACB को 15 दिन में जवाब देने का आदेश दिया और राजकॉम्प सहित 6 अधिकारियों को नोटिस जारी किया। आरोप है कि 2017 का टेंडर 19 करोड़ से बढ़ाकर 33 करोड़ किया गया।

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Rajasthan Scam: High Court Seeks Response From ACB Over ‘Digital Payment Kit’ Purchase Fraud
राजस्थान हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डीओआईटी में हुए घोटालों की परतें अब खुलने लगी हैं। डिजिटल पेमेंट किट खरीद घोटाले को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से दो सप्ताह में जवाब मांगा है तथा डीओआईटी के अधीन आने वाली कंपनी राजकॉम्प एवं 5 संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई पब्लिक अंगेंस्ट करप्शन संस्था की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए की गई है।
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याचिकाकर्ता के अधिवक्ता पूनम चन्द भंडारी एवं डॉ टी.एन. शर्मा ने बताया कि राजस्थान में ई-मित्र संचालकों को डिजिटल किट बांटने के नाम पर भारी घोटाला किया गया है।
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ऐसे हुआ घोटाला-
अधिवक्ता भंडारी ने बताया कि सितंबर 2017 में डिजिटल पेमेंट किट खरीदने के लिए 19 करोड़ का टेण्डर निकाला गया जिसे बाद में 33 करोड़ कर दिया गया। इस टेण्डर के अंतर्गत 8592 पेमेंट किट खरीदी जानी थी प्रत्येक किट में एक टेबलेट, एक पोस मशीन, एक फिंगरप्रिंट स्केनर आदि थीं। इसके अतिरिक्त प्रत्येक मशीन का एक मासिक सब्स्क्रिप्शन खरीदा जाना था। याचिकाकर्ता के द्वारा आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार मार्च 2019 तक केवल 4964 किट ही एक्टिव हो पाई थीं, उनमें भी प्रतिमाह प्रतिकिट एक भी ट्रांजेक्शन नहीं हो पा रहा था। जबकि सभी किट का भुगतान कर दिया गया था। यहीं नहीं सब्स्क्रिप्शन एवं रख-रखाव के नाम पर संबंधित फर्म को करीब 8 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। इन मामलों में सीएजी ने भी आपत्तियां दर्ज की मगर विभाग ने उन्हें दरकिनार कर दिया।
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मामले की सुनवाई राजस्थान उच्च न्यायालय के जस्टिस माननीय संजीव प्रकाश शर्मा एवं जस्टिस माननीय संजीत पुरोहित की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के पश्चात उच्च न्यायालय ने आश्चर्य व्यक्त किया कि 2020 की जनहित याचिका में आजतक एसीबी ने कोई जवाब नहीं दिया है। उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को 15 दिवस में जवाब पेश करने का अंतिम अवसर देते हुए कहा कि जवाब पेश नहीं करने की स्थिति में संबंधित अधिकारी स्वयं कोर्ट में उपस्थित हों साथ ही राजकॉम्प इन्फो सर्रविसेज लिमिटेड एवं संबंधित अधिकारी  हंसराज यादव, सीताराम स्वरूप, रणवीर सिंह, नीलेश शर्मा और कौशल सुरेश गुप्ता तथा सप्लाई करने वाली फर्म सीआरआईएलपीएल को नोटिस जारी किए।
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