फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajasthan’s MAA Scheme Goes National, Free Cashless Treatment Across India

MAA Scheme Rajasthan:'मां' योजना से जुड़े देशभर के 30 हजार अस्पताल अब तक 300 से ज्यादा लोगों को मिला फ्री इलाज

Tue, 06 Jan 2026 03:36 PM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: सौरभ भट्ट Updated Tue, 06 Jan 2026 03:36 PM IST
सार

राजस्थान की MAA योजना अब राष्ट्रीय स्तर पर लागू। पात्र परिवार देशभर के 30 हजार अस्पतालों में 25 लाख तक का कैशलेस इलाज करा सकेंगे।

विज्ञापन
Rajasthan’s MAA Scheme Goes National, Free Cashless Treatment Across India
एसएमएस अस्पताल जयपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) अब राष्ट्रीय स्तर पर मरीजों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। योजना के तहत अब प्रदेश के पात्र परिवार देश के अन्य राज्यों में भी कैशलेस और निःशुल्क इलाज करा सकेंगे। हाल ही में लागू की गई आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी सुविधा के बाद देशभर के 30 हजार से अधिक सरकारी और निजी अस्पताल इस योजना से जुड़ गए हैं। योजना के माध्यम से अब गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के नामी अस्पतालों में इलाज का विकल्प मिलेगा। इसमें AIIMS, मेदांता, PGI चंडीगढ़, गुजरात कैंसर रिसर्च सेंटर जैसे बड़े संस्थान शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक इस योजना के तहत करीब 1.36 करोड़ परिवारों को 25 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना में 2200 से अधिक उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग और अंग प्रत्यारोपण जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज संभव है।

विज्ञापन

 राज्य सरकार ने इस योजना में करीब 6 माह पहले इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू की थी, जिसके पहले चरण में इन बाउण्ड पोर्टेबिलिटी लागू की गई थी, जिसके तहत दूसरे राज्यों के नागरिकों को राजस्थान में इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाई गई थी। अब 19 दिसम्बर से इस योजना में आउट बाउण्ड पोर्टेबिलिटी की सुविधा प्रारंभ कर दी गई है। इससे प्रदेश के नागरिकों को देश के अन्य राज्यों में निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल सकेगी।  

विज्ञापन


योजना में किन्हें मिल सकेगा कैशलेस इलाज
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि अब तक गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए कई मरीजों को मजबूरी में गुजरात, दिल्ली जैसे अन्य राज्यों में जाकर इलाज कराना पड़ता था, जहां उन्हें अपनी जेब से भारी खर्च वहन करना पड़ता था। इस पीड़ा को समझते हुए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक और जनहितकारी निर्णय लेते हुए आउटबाउंड पोर्टिबिलिटी को लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब राजस्थान के पात्र परिवार प्रदेश के बाहर भी एम्पैनल्ड अस्पतालों में कैशलेस इलाज प्राप्त कर सकेंगे। आउटबाउंड पोर्टिबिलिटी का लाभ न केवल PMJAY के पात्र परिवारों को मिलेगा, बल्कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के सभी पात्र परिवारों को भी देश के अन्य राज्यों में 25 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन राज्यों में करवा सकेंगे मुफ्त इलाज
 गायत्री राठौड़ ने बताया कि आउट बाउण्ड पोर्टेबिलिटी के अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों (तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर) में स्थित लगभग 16 हजार सरकारी और 14 हजार निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी। इसमें पड़ोसी राज्यों के प्रमुख अस्पताल भी शामिल हैं। दिल्ली के 184, गुजरात के 2067, हरियाणा के 1366, मध्य प्रदेश के 1622, महाराष्ट्र के 1709, पंजाब के 823 और उत्तर प्रदेश के 6182 अस्पताल इस योजना में सूचीबद्ध हैं। इसमें दिल्ली एवं भोपाल के एम्स, मेदांता, चंडीगढ़ का पीजीआई, लखनउ का केएमपीयू, गुजरात के यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एण्ड रिसर्च सेंटर, द गुजरात कैंसर एण्ड रिसर्च सेंटर, बनास मेडिकल कॉलेज एण्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट, पालनपुर, सहित कई नामी अस्पताल शामिल हैं। 

अब तक 7100 करोड़ का कैशलेस इलाज, दूसरे राज्यों में 15 दिन में लगभग 350 रोगियों ने लिया उपचार
  राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने बताया कि आउट बाउण्ड पोर्टिबिलिटी के तहत अब तक लगभग 350 रोगियों ने दूसरे राज्यों में इलाज करवाया है।उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1.36 करोड़ पात्र परिवारों को 25 लाख रुपए तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।


योजना के बारे में 
योजना में करीब 2200 प्रकार के उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें सामान्य रोगों से लेकर कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग, अंग प्रत्यारोपण जैसी गंभीर और खर्चीली बीमारियों का इलाज संभव है। विगत दो वर्ष में योजना के तहत 37 लाख से अधिक मरीजों को 7100 करोड़ रुपये से अधिक का निःशुल्क उपचार दिया जा चुका है। इनमें ढाई लाख ऐसी गंभीर रोगी शामिल हैं, जो जीवन और मौत से संघर्ष कर रहे थे। इस योजना से उन्हें नया जीवन मिला। हरजीलाल अटल ने बताया कि राजस्थान से बाहर उपचार के लिए यहां के लोगों को कोई अलग से आवेदन नहीं करना होगा। राजस्थान में 8 कैटेगिरी के लोगों को मां योजना में निशुल्क इलाज मिल रहा है। इसी कैटेगिरी के लोगों को बाहर दूसरे राज्यों में आधार कार्ड या जनाधार कार्ड दिखाकर ही इस योजना में निशुल्क चिकित्सा सुविधा मिल पाएगी।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed